Friday, February 22, 2019
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VK Sasikala Likely To Surrender In Bengaluru Today

10 करोड़ का जुर्माना भी लगाया तत्काल सरेंडर करने का आदेश

दस साल चुनाव नहीं लड़ पाएंगी अन्नाद्रमुक महासचिव शशिकला

नई दिल्ली।

अन्नाद्रमुक प्रमुख वीके शशिकला का राजनीतिक भविष्य शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का ख्वाब देख रही शशिकला को अब जेल जाना होगा। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में शशिकला व उनके दो रिश्तेदारों वीएन सुधाकरण और जे. इलावरसी को बरी करने का कर्नाटक हाई कोर्ट का फैसला रद कर दिया। तीनों को भ्रष्टाचार के जुर्म में चार-चार साल की कैद व दस-दस करोड़ रुपये जुर्माने की सजा पर मुहर लगा दी।

कोर्ट ने तीनों को तत्काल सरेंडर करने को कहा है। भ्रष्टाचार के अपराध में दोषी होने के कारण शशिकला 10 साल चुनाव नहीं लड़ सकेंगी। कानूनन सजा पूरी होने के छह साल बाद तक चुनाव नहीं लड़ सकते हैं। जयललिता की मृत्यु हो जाने के कारण कोर्ट ने उनके खिलाफ मामला खत्म कर दिया है। यह ऐतिहासिक फैसला न्यायमूर्ति पीसी घोष व न्यायमूर्ति अमिताव रॉय की पीठ ने सुनाया। कोर्ट ने कर्नाटक सरकार और डीएमके नेता के. अनबजगन की अपीलें स्वीकार करते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट का 11 मई 2015 का आदेश रद कर दिया।

हाई कोर्ट ने चारों को बरी कर दिया था। जबकि बेंगलुरु की ट्रायल कोर्ट ने भ्रष्टाचार में सभी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। शशिकला शुरुआत में छह महीने जेल में रही हैं। ऐसे में उन्हें तीन साल छह महीने तक जेल में रहना में होगा।

संपत्ति हड़पने के लिए थे साथ

कोर्ट ने यहां तक कहा कि सभी अभियुक्त जयललिता की संपत्ति हथियाने की साजिश के तहत ही खून का रिश्ता न होते हुए भी उनके साथ घर पर रहते थे। एक खाते से दूसरे खाते में पैसे के लेनदेन से साबित होता है कि ये जयललिता की गैरकानूनी कमाई को कंपनियों के नाम संपत्ति खरीदने में खपाने की साजिश थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के दिये कारणों से वह पूरी तरह सहमत है।

120 साल पुराना था मामला

इन सभी पर आरोप थे कि जयललिता के पहले मुख्यमंत्रित्व काल (1991-1996) में 66.65 करोड़ की संपत्ति जुटाई। इनमें 53.60 करोड़ की संपत्ति आय के स्नोतों से अधिक पाई गई। 1996 में तत्कालीन जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रण्यम स्वामी ने यह मुकदमा दर्ज कराया था।

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