यूपी की इस सीट पर होगा रोचक मुकाबला, बड़ों की इज्जत लगी दांव पर

यूपी की इस सीट पर होगा रोचक मुकाबला, बड़ों की इज्जत लगी दांव पर

Sarojninagar constituency of Lucknow is important for all political parties

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर के चुनावी दंगल में कई बड़ों की साख दांव पर लगी है। सपा के टिकट पर उतरे अनुराग यादव की वजह से अब इस सीट से सीएम की प्रतिष्ठा भी दांव पर है। वहीं, दूसरी तरफ स्वाति सिंह की वजह से बीजेपी मुखिया अमित शाह का भरोसा भी दांव पर है। बसपा के टिकट पर दोबारा चुनाव मैदान में उतरे शिव शंकर उर्फ शंकरी सिंह के सामने पिछले चुनाव में मिली हार को जीत में बदलने की चुनौती है।

वहीं पिछले चुनाव में करीब 41 हजार वोट हासिल करने वाले निर्दलीय रुद्रदमन सिंह बब्लू भी बीजेपी से बगावत कर चुनाव मैदान में कूद पड़े हैं। उनके पास अब खुद को साबित करने का मौका है। फिलहाल इन चारों उम्मीदारों के मजबूती से चुनाव में उतरने से सरोजनी नगर का चुनाव काफी रोचक हो गया है। यहां कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

सरोजनीनगर विधान सभा सीट पर चुनावी मुकाबला काफी रोचक होने जा रहा है। इस सीट पर प्रत्याशियों के साथ उनके आकाओं की प्रतिष्ठा भी जुड गयी है। अनुराग सांसद धर्मेन्द्र यादव के बड़े भाई हैं। अनुराग पूरी ताकत से मैदान में अड़े हैं। बीजेपी के टिकट पर उतरीं स्वाती सिंह का पूरा राजनीतिक करियर करीब छह महीने का है। उनके पति दयाशंकर सिंह भाजपा से जुड़े रहे हैं। स्वाति सिंह पहली बार जनता के सामने आयीं। उनके कड़े तेवर, सधी व सीधी बात ने उन्हें बीजेपी का नेता बना दिया।

अब वह सरोजनी नगर से मजबूती से चुनाव लड़ रही हैं। बसपा के टिकट पर यहां चुनाव लड़ रहे शिव शंकर सिंह उर्फ शंकरी सिंह 2012 के चुनाव में अपनी दमदारी दिखा चुके हैं। पिछले चुनाव में उन्हें अचानक मैदान में उतारा गया था लेकिन इस बार वह पांच वर्षों से क्षेत्र में डटे हुए हैं। इस सीट पर उनके खुद के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की भी साख जुड़ी है। उन्हें चुनाव में किसी से कम नहीं आंका जा रहा है। निर्दलीय चुनाव में उतरे रुद्र दमन सिंह बब्लू इस बार बीजेपी से टिकट मांग रहे थे।

चुनाव से पहले बीजेपी में भी शामिल हो गए थे। पार्टी ने टिकट नहीं दिया तो बगावत कर फिर निर्दलीय मैदान में उतर गए। वर्ष 2012 का चुनाव भी उन्होंने निर्दलीय लड़ा था। उस चुनाव में उन्हें करीब 41386 वोट मिले थे। फिलहाल इस सीट पर चारों प्रत्याशी बड़ी मजबूती से मैदान में डटे हैं। इसीलिए यहां का चुनाव रोचक मोड़ पर पहुंच गया है। पहले सपा के टिकट से क्षेत्र से विधायक रहे शारदा प्रताप शुक्ला यहां से रालोद से मैदान में हैं।