Monday, November 12, 2018
Featured
Featured posts

नई दिल्ली (ब्यूरो)। राजधानी दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के अंदर कलह रुकने का नाम नहीं ले रही है।
आप के आंतरिक लोकपाल एडमिरल रामदास ने पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र की कमी व केजरीवाल की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इस संदर्भ में सीएम अरविंद केजरीवाल और पीएसी सदस्यों को पत्र लिखा है। रामदास का कहना है कि पार्टी में लोकतंत्र नहीं है। इसमें और दूसरी पार्टियों में फर्क नहीं है। पार्टी में गुटबाजी चरम पर है। शीर्ष नेतृत्व दो गुटों में बंट गया है। सरकार में एक भी महिला को जगह नहीं मिली है। उधर पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति पीएसी से योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण की छुट्टी तय मानी जा रही है। इसकी वजह मनीष सिसोदिया और योगेंद्र यादव के बीच अंदरूनी ई-मेल का सार्वजनिक होना और दिल्ली विधानसभा चुनाव के अंतिम दौर में केजरीवाल के खिलाफ प्रशांत भूषण की बयानबाजी को बताया जा रहा है।

जम्मू। शपथ लेने के कुछ देर बाद ही जम्मू-कश्मीर के नए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया। मुख्यमंत्री सईद ने राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए पाकिस्तान, हुर्रियत और आतंकवादियों को श्रेय दिया। उनके इस बयान के खिलाफ पैंथर्स पार्टी और नेशनल कांफ्रेंस ने मोर्चा खोल दिया है। साथ ही भाजपा भी इस मुद्दे पर विपक्ष के निशाने पर है।
भाजपा-पीडीपी की सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) को जारी करने के लिए हुई प्रेस कांफ्रेंस में मुफ्ती ने कहा कि हुर्रियत के लोग अपने ही हैं। अगर हुर्रियत, पाकिस्तान और आतंकियों ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए माहौल नहीं बनाया होता तो इतना भारी मतदान संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि अलगाववादी और आतंकी चुनाव के दौरान कुछ कर देते तो ऐसा मतदान नहीं हो पाता। मुफ्ती के इस बयान के खिलाफ नेशनल कांफ्रेंस और पैंथर्स पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुफ्ती के बयान पर भाजपा से जवाब मांगा है। वहीं पैंथर्स पार्टी के प्रमुख भीम सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ने पीडीपी के साथ समझौता कर ऐतिहासिक भूल की है। यह उसी तरह की गलती है जैसी जवाहर लाल नेहरू ने 1947 में और इंदिरा गांधी ने 1975 में शेख अब्दुल्ला से समझौता कर की थी।

0 1179

वो दिन गए जब आपको आपके फोन के रीचार्ज के लिए दुकान तक जाना पड़ता था। आजकल इंटरनेट के माध्यम से इतने सारे एप्स उपलब्ध हैं जिस पर आप घर बैठे ही आसानी से रीचार्ज कर सकते हैं। यह एप्स न केवल आपको रीचार्ज करने पर खास छूट देते हैं बल्कि कई बार आपको मुफ्त रीचार्ज भी देते हैं। तो जानिये आपके एंड्रायड फोन पर उपलब्ध मुफ्त रीचार्ज देने वाले कुछ एप्स के बारे में:-

फ्री चार्ज एप

जैसा कि नाम से ही प्रतीत होता है, फ्री चार्ज एप पर आपको प्रतिदिन ढेरों ऑफर्स और कूपन कोड प्रदान किये जाते हैं। इन कूपन का इस्तेमाल करने पर यह एप आपको खास छूट प्रदान करता है जिसकी राशि आपके ई-वालेट में जमा हो जाती है। बाद में इस राशि का आप मुफ्त रीचार्ज करने के लि प्रयोग कर सकते हैं। फ्री चार्ज एप पर प्री-पेड और पोस्ट पेड बिल के साथ-साथ डीटीएस रीचार्ज, डाटाकार्ड रीजार्ज आदि की सुविधा भी मौजूद है।

पेटीएम एप

सुरक्षा और ग्राहक की हर सुविधा का ध्यान रखने वाला प्रसिद्ध एप पेटीएम भी इस सूची में शामिल है। इस एप पर आप हर तरह के रीचर्ज के साथ-साथ शॉपिंग भी कर सकते हैं। हर रीचार्ज पर मिली छूट की राशि आपके पीटीएम वॉलेट में जमा हो जाएगी जिसे आप बाद में किसी भी रीचार्ज, बिल का भुगतान करने या फिर यहां तक कि ऑनलाइन शॉपिंग के लिए भी सितेमाल कर सकते हैं।

हाईक एप

इंस्टेंट मेसेजिंग सेवा के साथ-साथ हाईक एप आपको फ्री-रीचार्ज करने की सुविधा भी देता है। इस एप के जरिये यदि आप अपने किसी दोस्त को हाईक से जुड़ने का न्योता भेजते हैं और वो आपके इस निमंत्रण को अपना लेता है तो हाईक द्वारा आपको 20 रुपये रिवार्ड के तौर पर मिलते हैं। जैसे ही यूजर्स के हाइक अकाउंट में 50 रुपए से ज्यादा राधि इकट्ठा हो जाती है तो उन्हें मोबाइल फोन रीचार्ज करवाने की सुविधा दी जाती है।

अर्न टॉकटाइम एप

फ्री टॉकटाइम पाने के लिए अर्न टॉकटाइम सबसे बढ़िया एप है। यह एप आपको हर रीचार्ज पर एक रीचार्ज कूपन देता है जिस पर मिली छोट की राशि आपके अकाउंट में जमा हो जाती है। इसी राशि से आप अगली बार मुफ्त में रीचार्ज कर सकते हैं। इस खास एप पर मुफ्त रीचार्ज पाने के लिए कई बार यूजर्स को किसी अन्य एप को इंस्टॉल करना, पोल करना, वीडियो देखना या फिर वेबसाइट के सर्वे को पूरा करने जैसे विभिन्न टास्क पूरे करने पड़ते हैं।

लड्डू एप

आकर्षक नाम वाला एप लड्डू भी काफी लोकप्रिय है। यह एप उन लोगों के लिए है जिनके फोन में ज्यादा मेमोरे और तेज गति से चलने वाले इंटरनेट की क्षमता है। लड्डू एप के अंदर काफी सारे विभिन्न एप्स हैं जिसमें हर एक एप के सामने उसकी कीमत लिखी होगी। इस सब में से किसी भी एप को आप जैसे ही अपने फोन इंस्टॉल करेंगे तो आपके लड्डू एप के अकाउंट में उतनी राशि जमा हो जाएगी। इस राशि को बाद में आप फ्री रीचार्ज करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

एमसेंट एप

एमसेंट एप भी काफी हद तक लड्डू एप की तरह ही है। इस एप में भी आपको काफी सारे एप्स को डाउनलोड करने का ऑप्शन मिलता है। इन एप्स को डाउनलोड करने पर मिलने वाली राशि से आप ना केवल अपना बल्कि अपने किसी दोस्त का मोबाइल रीचार्ज भी करवा सकते हैं। एमसेंट एप पर सुविधा पाने के लिए आपको अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करवाना होता है।

0 734

मुंबई।

फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप ने अपनी फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ के लिए अभिनेता रणबीर कपूर से पहले आमिर खान, सैफ अली खान, रितिक रोशन से संपर्क किया था, लेकिन बात नहीं बन पाई।

अनुराग ने बताया कि उन्हें अपनी महत्वाकांक्षी व बड़े बजट की फिल्म के लिए किसी बड़े स्टार के नाम की जरूरत थी ताकि पैसे जुटाए जा सकें। फिल्म में अनुष्का शर्मा और करण जौहर भी मुख्य भूमिका में हैं।

बकौल अनुराग, ‘2006 में फिल्म की कहानी लिखने के समय मेरी पहली पसंद सैफ अली खान थे। इसके बाद आमिर और फिर रितिक के पास गए। आखिरकार रणबीर पर आकर बात बन गई।’

ज्ञान प्रकाश की किताब पर आधारित ये फिल्म शहर के महानगर बनने से पहले की कहानी है। अनुराग ने बताया, ‘ये मेरे फिल्मी करियर की सबसे मंहगी फिल्म है। 300 करोड़ की फिल्म को हमने 90 करोड़ में बनाया है।’ फिल्म को अगले साल मई में रिलीज करने की योजना है।

0 216

नई दिल्ली।

केंद्र सरकार ने डीजल और पेट्रोल की कीमतों में एक बार फिर से दो रुपये की कटौती करने का फैसला किया। यह कीमतें बीती आधी रात से लागू हो गईं। सरकार ने यह फैसला अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के मद़देनजर किया है। गौरतलब है कि इससे पहले नवंबर में भी केंद्र सरकार डीजल और पेट्रोल के दामों में कमी कर चुकी है।

0 987
अक्सर बच्चे झूठ बोलते हैं। झूठ तो बड़े भी बोलते हैं, पर बच्चों को झठ बोलने पर सजा मिलती है। पेरेंट्स सोचते हैं कि डांट-फटकार और पिटाई के डर से बच्चे झूठ बोलना बंद कर देंगे, पर ऐसा होता नहीं। सवाल ये है कि बच्चे आख़िर झूठ क्यों बोलते हैं और झूठ बोलना कैसे सीखते हैं। यह वह अपनी फैमिली और आसपास के माहौल में ही सीखते हैं।आज हम आपको बच्चों के झूठ बोलने के कारणों के बारे में बता रहे हैं।
1-पेरेंट्स ध्यान दें बच्चों पर
 बच्चे जिन बातों के ग़लत मानते हैं और वैसा उन्होंने किया हो, तो झूठ बोल देते हैं। कई बार बच्चे कुछ ग़लत नहीं करने पर भी झूठ बोलने लगते हैं, क्योंकि उन्हें ये शक होता है कि कहीं उन्हें ग़लत न माना जाए। यहां पेरेंट्स को समझने की कोशिश करनी चाहिए कि बच्चा झूठ क्यों बोलता है। उन्हें यह भी देखना चाहिए कि कहीं उन्होंने बच्चे के सामने झूठ तो नहीं बोला। आमतौर पर बच्चे मासूम होते हैं और वो ख़ुद से झूठ नहीं बोल सकते। बहुत से बच्चों को झूठ बोलने के बाद पश्चाताप भी होता है। जो भी हो, पेरेंट्स को एक बात समझ लेनी चाहिए कि बच्चा अगर झूठ बोल रहा है तो कभी भी उसे इसके लिए डांटें-फटकारें नहीं। पिटाई तो हर्गिज नहीं करें। इससे बच्चे की पर्सनैलिटी पर बहुत नेगेटिव असर होता है।
2.यूएसए की मैक-गिल यूनिवर्सिटी के डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशनल एंड काउंसेलिंग साइकोलॉजी में हुए एक एक्सपेरिमेंट में यह पाया गया बच्चे झूठ नहीं बोलते, अगर उन्हें पनिशमेंट का डर न हो। पनिशमेंट का डर नहीं होने पर बच्चे वे बातें भी साफ-साफ बतला देते हैं, जो उनकी नज़र में ग़लत हो। अगर उन्हें प्यार से समझाया जाए तो वो अपने व्यवहार में सुधार लाने की कोशिश करते हैं। यह एक्सपेरिमेंट 4 से 8 साल के 373 बच्चों पर किया गया। प्रमुख रिसर्चर विक्टोरिया तलवार ने कहा कि दंड मिलने के भय से ही बच्चे झूठ बोलते हैं। इसके अलावा, झूठ बोलने का शायद ही कोई कारण हो।
3.चाइल्ड साइकोलॉजी पर शोध करने वाली विक्टोरिया तलवार का कहना है कि पनिशमेंट का भय बच्चों पर नकारात्मक असर डालता है। वे सच बोलने से और सच को स्वीकार करने से घबराने लगते हैं। इसकी जगह अगर उन्हें विश्वास में लिया जाए और उत्साहित किया जाए तो सच कहने में वे जरा भी नहीं कतराते।
4.कई बार पेरेंट्स बच्चों के सामने झूठ बोलते हैं या किसी से कोई बहाना करते हैं। वे घर में होते हुए किसी के आने पर बच्चे से कह देते हैं कि जा कर बता दो कि पापा घर पर नहीं हैं। बच्चा इसे सामान्य बात मानता है। बच्चे अक्सर अपने पेरेंट्स को आदर्श मान कर चलते हैं। फिर इसमें आश्चर्य की क्या बात कि वे भी छोटी-छोटी बातों में झूठ बोलने लगें और बहाने बनाने लगें। इस पर अगर उन्हें दंड दिया जाता है, तो उनके मन में यही सवाल पैदा होता है कि बच्चा होने के कारण ही उन्हें दबाया जा रहा है, वैसे झूठ बोलने में कुछ भी ग़लत नहीं।
5.कुछ बच्चे कभी स्कूल में क्लास बंक कर देते हैं और दोस्तों के साथ खेल में मशगूल हो जाते हैं। जब इस बारे में पेरेंट्स के पास शिकायत जाती है तो पूछताछ किए जाने पर बच्चे को समझ में नहीं आता कि वो क्या जवाब दें और झूठ बोलने लगते हैं या बहाने बनाने लगते हैं। उनका झूठ ऐसा होता है, जो तुरंत पकड़ में आने वाला होता है। ऐसे में, पेरेंट्स गुस्से में आकर डांट-फटकार शुरू कर देते हैं या एक-दो चपत लगा देते हैं। लेकिन इससे समस्या सुलझने वाली नहीं। टीचर और पेरेंट्स को यह पता लगाने की कोशिश करनी चाहिए कि आखिर बच्चे ने क्लास बंक क्यों की और उस दौरान क्या किया, तभी समस्या की तह तक पहुंचा जा सकता है। लेकिन इतना धैर्य किसके पास है? हो सकता है, बच्चे को क्लास में मजा नहीं आ रहा हो या दोस्तों के साथ उसने कोई प्लान बना रखा हो। ध्यान रहे, बच्चे को कभी ग़लत न समझें।
6.कुछ बच्चों में चिल्लर पैसे चुराने की आदत लग जाती है। जब पेरेंट्स या फैमिली मेंबर देखते हैं कि उनके पैसे गायब हो रहे हैं तो बच्चों पर ही पहले शक होता है। उनसे कड़ी पूछताछ होती है। बच्चों के सामने झूठ बोलने के अलावा और कोई चारा नहीं होता। जरूरी नहीं कि पैसे बच्चों ने ही चुराए हों, कई बार पैसे खो भी सकते हैं, पर शक बच्चों पर ही होता है। पेरेंट्स को यह जानने की कोशिश करनी चाहिए कि अगर पैसे बच्चे ने ही चुराए तो क्यों, उसने उन पैसों का क्या किया। इसके बाद बच्चों के प्यार से समझाया जा सकता है। अगर वास्तव में बच्चे को पैसे की जरूरत है, तो उसे यह दिया जाना चाहिए। अगर बच्चे ने पैसे चुरा लिए हैं और झूठ बोल रहा है तो इसका इलाज ये नहीं कि उसे मारा-पीटा जाए। याद रखें, बचपन में ऐसी आदत महापुरुषों में भी रही है। महात्मा गांधी ने भी अपनी आत्मकथा में लिखा है कि वे पैसे चुरा लिया करते थे। यही नहीं, उधार चुकाने के लिए उन्होंने एक बार घर से गहना भी चुरा लिया था। पेरेंट्स सही कारण की तलाश करें और बच्चे को प्यार से समझाएं। उसकी कोई जरूरत हो तो उसे पूरा करें। तब आपके बच्चों में झूठ बोलने की आदत नहीं होगी।

0 246

अमेठी।

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को उनके ही गढ़ में घेरने की रणनीति के तहत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी और रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर अमेठी के एक-एक गांव को गोद लेकर प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत विकसित करेंगे।

हाल ही में राहुल गांधी ने अपने गोद लिए गांव सलोन तहसील के जगदीशपुर पहुंचकर सवाल उठाया था कि गांव के विकास के लिए पैसा कहां से आएगा। उसी सवाल की काट के लिए भाजपा ने नहले पर दहला मारने की योजना बनाई है। नए वर्ष में एक साथ अमेठी के दो गांव की तस्वीर व तकदीर बदलने की योजना पर अमल होने की उम्मीद है। इसके लिए स्मृति ईरानी व मनोहर पार्रिकर जनवरी के पहले पखवारे में यहां आ सकते हैं। अमेठी से लोकसभा चुनाव हारने के बाद स्मृति का यह दूसरा दौरा होगा। दौरे के दौरान दोनों नेता एक-एक गांव गोद लेने की सिर्फ घोषणा ही नहीं करेंगे, बल्कि दोनों अपने-अपने गोद लिए गांव में जाकर लोगों से मुलाकात करेंगे।

वैसे भाजपाइयों की योजना के अनुसार अमेठी के चार गांवों पर फिलहाल उनका फोकस होगा। पहला गांव गौरीगंज तहसील का बरौलिया है, जहां से स्मृति का खासा लगाव है। जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र के गांव हलियापुर व गौरीगंज के हरिहरपुर गांव पर भी चर्चा चल रही है। तिलोई विधानसभा क्षेत्र का सेमरौता गांव भी रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर की पसन्द बताई जा रही।

यह वही गांव है जहां गोवा के मुख्यमंत्री रहते हुए चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने सर्वाधिक समय गुजारा था। कुछ और गांवों पर भी विमर्श चल रहा है। इस दौड़ में बरौलिया व सेमरौता सबसे आगे चल रहे हैं। भाजपा के अमेठी जिलाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया कि देश के साथ ही अमेठी के विकास को लेकर भी भाजपा फिक्रमंद है। जल्द ही अमेठी के लोगों को इस बात का भरोसा भी हो जाएगा।

0 200

मुंबई।

खबरें उड़ रही हैं कि सलमान खान जिस रियलिटी शो को होस्ट कर रहे हैं, उसकी कंटेस्टेंट डिआंड्रा सोरेस प्रेग्नेंट हो गई हैं। हालांकि इस खबर की अभी पुष्टि नहीं हुई है। कई लोग इसे ऐसे शो की टीआरपी बढ़ाने का पैंतरा भी मान रहे हैं।

बताया जा रहा है कि डिआंड्रा को डॉक्टर के पास चेकअप के लिए ले जाया था और चेकअप के बाद पता चला कि वो प्रेग्नेंट हैं। डिआंड्रा शो के दौरान अपने साथी कंटेस्टेंट गौतम के साथ नजदीकियों को लेकर चर्चा में थी।

अब यह खबर सच है या सिर्फ अफवाह, यह तो आने वाले वक्त ही बताएगा। लेकिन इस रियलिटी शो से ऐसी खबरें आना कोई नई बात नहीं है। संभव यह भी है कि इस खबर को शो की टीआरपी बढ़ाने के लिए फैलाया जा रहा हो।

 

0 273

न्यूयार्क।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी पत्रिका टाइम के ‘पर्सन आफ द इयर’ की आखिरी आठ की चयनित सूची से बाहर हो गए हैं। मोदी अमेरिकी पत्रिका के संपादकों की पसंद नहीं बन पाए। हालांकि टाइम की ऑनलाइन वोटिंग में भारतीयों के हृदय सम्राट नमो की ही जयजयकार हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल टाइम पर्सन ऑफ द इयर की ऑनलाइन वोटिंग के विजेता घोषित हो गए हैं। करीब 50 लाख मतों में से 16 फीसद से भी अधिक वोट मोदी को मिले। ऑनलाइन वोटिंग में अश्वेत को एक श्वेत पुलिस अफसर डैरन विल्सन के गोली मारने के बाद फग्र्यूसन में भड़के दंगों की घटना 9 फीसद वोटों के साथ दूसरे पायदान पर रही। टाइम पत्रिका का कहना है कि पत्रिका के भारतीय पाठकों ने मोदी को पहले स्थान पर पहुंचने में मजबूती दी। सबसे अधिक वोट उन्हें भारत से ही मिले। इसके बाद उन्हें वोट देने वाले उनके प्रशंसकों में दूसरे स्थान पर अमेरिका रहा। इस ऑनलाइन वोटिंग में 225 देशों के लोगों ने शिरकत की। इसमें वोट डालने वालों में 37 फीसद अमेरिकी, 17 फीसद भारतीय और बारह फीसद रूसी नागरिक थे। टाइम पत्रिका का कहना है कि नरेंद्र मोदी इसी साल मई में भारी बहुमत से विजयी होकर प्रधानमंत्री बने और देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए मजबूत आधार तैयार किया। मोदी टाइम की ऑनलाइन वोटिंग के दौरान शुरूआत से ही लगातार पहले स्थान पर रहे हैं।

हालांकि मुख्य स्पद्र्धा में टाइम के संपादकों ने विश्व के पचास सर्वाधिक चर्चित नेताओं और कंपनियों के सीईओ में से पहली आठ हस्तियों को चुनकर उनके नामों की सोमवार को घोषणा कर दी। अंतिम सूची में जगह बनाने वाली हस्तियों में चीनी कंपनी अलीबाबा समूह के प्रमुख जैक मा, इबोला के डाक्टर और नर्सें, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, एप्पल के सीईओ टिम कुक, फग्र्यूसन के प्रदर्शनकारी, पॉप गायिका टेलर स्विफ्ट, नेशनल फुटबाल लीग के कमिश्नर रॉजर स्टोक गुडेल और इराकी-कुर्दिश क्षेत्र पर 2005 से काबिज कुर्दिश नेता मसूद बारजानी शामिल हैं। अब टाइम पत्रिका के संपादक इन आठ हस्तियों में से किसी एक को पर्सन ऑफ द इयर चुनेंगे और उसके नाम की घोषणा दस दिसंबर को करेंगे।

टाइम पत्रिका वर्ष 1927 से खबरों में सबसे प्रभावशाली हस्तियों को पर्सन ऑफ द इयर चुनती रही है। ये प्रभाव सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही पहलुओं में हो सकता है।

0 2989

वाशिंगटन।

प्रकृति के संरक्षण की अलख जगाने को कोई शख्स किस हद तक जा सकता है इसका मुजाहिरा अमेरिका के नेचुरेलिस्ट और वन्य जीवों पर गहन अनुसंधान करने वाले पॉल रोजोली को देखकर मिलता है। अमेजन के वर्षा वनों को बचाने के लिए रोजोली हर संभव प्रयास कर रहे हैं। अब तक तो एक टीवी शो के लिए अमेरिकी नेचुरेलिस्ट ने दुनिया के सबसे खतरनाक स्टंट को अंजाम दिया है। वह एक अनाकोंडा के पेट का चक्कर लगाकर वापस आए हैं। इस कारनामे से वह दुनिया भर में चर्चा का विषय बन चुके हैं।

डिस्कवरी चैनल के टीवी शो के लिए उन्होंने इस स्टंट को नवंबर महीने के दूसरे हफ्ते में अंजाम दिया। हालांकि यू-ट्यूब पर उनका ये स्टंट वायरल हो चुका है। उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े सांप (अनाकोंडा) का निवाला बनना मंजूर किया। इस दौरान वह सेफ्टी सूट से लैस थे फिर भी इसमें जान को खतरा था। इस घटना के हर पल को शूट किया गया और जल्द ही इसे अमेरिका में डिस्कवरी चैनल पर दिखाया जाएगा।

पहना था कार्बन फाइबर सूट

आमतौर पर अनाकोंडा अपने शिकार को खाने से पहले अपने विशाल सर्पिल शरीर में जकड़कर उसका दम घोंटते हैं और हड्डियों का चूरा बना देते हैं इसलिए पॉल का यह स्टंट और खतरनाक हो गया था। रोजोली ने दम घुटने से बचने के लिए एक कार्बन फाइबर सूट पहना था। इस सूट में सांस लेने के साथ ही, कैमरा और बातचीत का सिस्टम भी मौजूद था। हालांकि उन्हें इस बात का पूरा भरोसा नहीं था कि यह सूट उन्हें बचा सकेगा या नहीं। सूट तैयार करने के बाद अनाकोंडा ढूंढने में उन्हें करीब 60 दिन लगे और आखिर में उन्हें 20 फीट लंबी विशाल मादा अनाकोंडा मिली। इस बीस फुट के सांप ने पहले उनका सिर निगला और पॉल रोजोली इस भयावह जीव के पेट में करीब एक घंटा बिताया। इस दौरान वह लगातार अपनी टीम के साथ संपर्क में थे। हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वह सांप के पेट से बाहर कैसे निकले। पॉल ने यह कहा कि उन्होंने अपनी टीम को पहले ही निर्देश दे दिए थे कि सांप को किसी तरह की तकलीफ नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विशालकाय सांप अब बिल्कुल ठीक है।

रोजोली को मिलीं धमकियां

ऐसा नहीं है कि इस कारनामे के बाद पॉल की सिर्फ तारीफ हो रही है। जानवरों के अधिकारों के संगठन पेटा ने उनकी आलोचना की है। पॉल का तो यहां तक कहना है कि उन्हें जान से मारने की धमकियां तक मिली थीं।

भारत में भी दिखाएंगे शो

‘ईटन अलाइव’ नाम के इस कारनामे को अमेरिका में दिखाने के बाद फिनलैंड, डेनमार्क, हंगरी, पोलैंड और स्वीडन में और इसके दो दिनों बाद ऑस्ट्रेलिया में दिखाया जाएगा। इसके बाद ही इसका चीन और भारत में प्रसारण होगा।

Free Arcade Games by Critic.net