Friday, October 19, 2018
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फरवरी के थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़े, वैश्विक संकेतक तथा संसद का चालू सत्र इस सप्ताह शेयर बाजार की दिशा निर्धारित करेगा। शेयर बाजार विशेषज्ञांे ने यह बात कही है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा विदेशी निवेशकों के निवेश का रुख, डॉलर के मुकाबले रुपए का उतार चढ़ाव और अमेरिका द्वारा ब्याज दरांे में बढ़ोतरी को लेकर चर्चा भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण कारक होंगे। रेलिगेयर सिक्योरिटीज लिमिटेड के खुदरा वितरण विभाग के अध्यक्ष जयंत मांगलिक ने कहा कि इस सप्ताह कारोबारी कंपनियों के अग्रिम कर आंकड़े पर ध्यान देंगे जो मार्च 2015 को समाप्त होने वाली चौथी तिमाही के नतीजों के बारे में संकेत प्रदान करेंगे। संसद के चालू सत्र के घटनाक्रम पर भी कारोबारियों की करीबी नजर होगी। व्यापक आर्थिक मोर्चे पर थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकडों को सोमवार को जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वैश्विक घटनाक्रमांे में फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) की दो दिन की बैठक 17 और 18 मार्च, 2015 को होगी। निवेशकों को फेडरल रिजर्व की प्रमुख जैनेट एलेन की इस बैठक की प्रतीक्षा है जिसमें मौद्रिक नीति की भविष्य की दिशा के बारे में कोई संकेत प्राप्त हो सकता है। बोनान्जा पोर्टफोलियो के सहायक कोष प्रबंधक ने कहा कि आम बजट के बाद बाजार की नजर सबसे ज्यादा फेडरल रिजर्व की ओपन मार्केट कमेटी की बैठक पर है। यह बैठक इसी सप्ताह होनी है। कारोबारियों को इस बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की आशंका है क्योंकि अमेरिका में रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार आ रहा है। ऐसे में इस सप्ताह नरमी रह सकती है। बीते सप्ताह बंबई शेयर का सेंसेक्स 945.65 अंक अथवा 3.21 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्शाता बंद हुआ। जिन अन्य घटनाक्रमांे पर निवेशकांे की निगाह होगी अमेरिका के फरवरी माह के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े 16 मार्च को आने हैं। बैंक आफ जापान की दो दिन की मौद्रिक समीक्षा बैठक 17 और 18 मार्च को होगी।

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लाहौर में पाकिस्तान की सबसे बड़ी ईसाई कालोनी में दो गिरिजाघरों में रविवार की प्रार्थना के दौरान दो आत्मघाती हमलावरों द्वारा किए गए विस्फोट में दो पुलिसकर्मी समेत कम से कम 15 लोग मारे गए व 80 से ज्यादा घायल हो गए। हमलावरों ने पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर के योहानाबाद इलाके में स्थित रोमन कैथोलिक चर्च व क्राइस्ट चर्च के दरवाजों पर विस्फोट कर दिया जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई। हमलों के बाद भीड़ ने दो संदिग्ध आतंकियों को पीट-पीटकर उन्हें जला दिया जिससे उनकी मौत हो गई। स्थानीय ईसाई नेता असलम परवेज सहोत्रा ने कहा कि प्रार्थना सभा चल रही थी तभी हमलावर वहां पहुंचे व चर्चों में घुसने का प्रयास किया। जब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें वहां घुसने से रोका तो उन्होंने वहीं विस्फोट कर दिया। घटना के समय चर्चों में बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग थे। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान से अलग हुए जमात-उलअहरार ने हमले की जिम्मेदारी ली है। इसी संगठन ने पिछले साल सितंबर में वाघा सीमा पर हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी जिसमें 60 लोग मारे गए थे। स्वास्थ्य महानिदेशक जाहिद परवेज ने लाहौर जनरल अस्पताल के बाहर कहा कि कुछ घायलों की हालत गंभीर है इसलिए मृतक संख्या बढ़ सकती है। पंजाब सरकार के प्रवक्ता जईम कादरी ने कहा कि दोनों चर्चों के बाहर पांच पुलिसकर्मी तैनात थे। इनमें से दो की जान चली गई वहीं तीन अन्य गंभीर हालत में हैं। उन दोनों की शहादत से बड़ी संख्या में लोगों की जान बच गई। लोगों ने दो संदिग्धों को पकड़ा जो आत्मघाती हमलावरों के साथी लग रहे थे। आक्रोशित भीड़ ने दोनों आतंकियों की पिटाई के बाद उन्हें जला दिया।

.संदिग्धों ने माना कि वे आत्मघाती हमलावर के साथी थे व अभियान पर नजर रखने के लिए आए थे। लाहौर के उप महानिरीक्षक हैदर अशरफ ने कहा कि हमने उग्र भीड़ को नहीं रोका क्योंकि पुलिस और भीड़ के बीच संघर्ष हो सकता था। योहानाबाद में कम से कम दस लाख लोग रहते हैं व यहां 150 से अधिक चर्च हैं। यहां हालात तनावपूर्ण हैं। पाक में अल्पसंख्यक समुदायों को लंबे समय से चरमपंथियों व आतंकी समूहों द्वारा निशाना बनाया जाता रहा है। 2013 में पेशावर में ऑल सेंट्स चर्च पर आत्मघाती हमलों में 80 लोग मारे गए थे। घटना के बाद ईसाई सड़कों पर उतरे और शहर में अनेक रास्तों पर यातायात अवरुद्ध कर दिया। प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भी हमले की निंदा की व कायराना कृत्य करार दिया। लाहौर पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज कर लिए हैं। एक दोनों चर्चों पर हमले के खिलाफ व दूसरा दोनों संदिग्धों को जान से मारने में शामिल लोगों के खिलाफ है। आतंकी आत्मघाती जैकेट पहने थे और पांच-पांच किग्रा विस्फोटक लेकर आए थे। पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ ने मृतक परिजनों को पांच-पांच लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की व घायलों को 75-75 हजार रुपए देने की घोषणा की।

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Two‘bananas’ a day keep a doctor away, जी हां, सिर्फ apple ही नहीं, बल्कि दिन में दो केले भी आपको डॉक्टर से दूर रख सकते हैं। इससे पहले की हम आपको एक दिन में दो केले खाने के फायदे बताना शुरू करें, पहले यह जान लीजिए कि केला खाने से कोई मोटा नहीं होता। यह सिर्फ एक मिथ है। इससे आपको तुरंत एनर्जी मिलती है। इसमें फाइबर और तीन तरह की शुगर होती है- सुक्रोज़, फ्रुक्टोज़ और ग्लूकोज़।
एक रिसर्च के मुताबिक, 90 मिनट के वर्कआउट के लिए दो केले आपको खूब एनर्जी दे सकते हैं। इसलिए एथलीट्स केला ज़रूर खाते हैं। एनर्जी लेवल बढ़ाने के अलावा, केले से विटामिन्स भी मिलते हैं। दिन में दो केले खाने से आपके शरीर से जुड़ी 12 परेशानियां दूर हो सकती हैं।1.डिप्रेशन:

एक रिसर्च की मानें तो डिप्रेशन के मरीज़ जब भी केला खाते हैं, उन्हें आराम मिलता है। दरअसल, केले में एक ऐसा प्रोटीन होता है, जो आपको रिलैक्स फील करवाता है और आपका मूड अच्छा करता है। केले में विटामिन B6 भी होता है, जिससे आपका ब्लड ग्लूकोज़ लेवल ठीक रहता है।2.एनीमिया:

केले में आयरन होता है। इसलिए इसे खाने से ब्लड में हीमोग्लोबिन की कमी नहीं होती। जिन लोगों को एनीमिया है, उन्हें केला ज़रूर खाना चाहिए।

 

3.ब्लड प्रेशर:
इसमें पोटैशियम बहुत ज़्यादा होता है और नमक की मात्रा कम होती है, जिसके चलते आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल रहता है। FDA, यानी US FOOD AND DRUG ADMINISTRATION ने भी हाल ही में BANANA INDUSTRY को यह बात आधिकारिक रूप से बताने को कहा है कि केला खाने से ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक होने का रिस्क कम हो जाता है।4.ब्रेन पावर:

इंग्लैंड के एक स्कूल में 200 स्टूडेंट्स को हर रोज़ इम्तिहान से पहले नाश्ते में केला ज़रूर खिलाया गया, ताकि उनका दिमाग तेज़ हो। दरअसल, रिसर्च कहता है कि पोटैशियम होने के चलते, केला खाने से याद करने की क्षमता बढ़ती है।5.कॉन्सटीपेशन:

अगर आपको कब्ज़ रहती है, तो केला आपके काफी काम की चीज़ है। दिन में दो केले खाइए और फिर देखिए फाइबर होने के चलते केला खाने से कैसे आपकी यह परेशानी दूर होती है।6.हैंगओवर्ज़ :

बहुत ज़्यादा अल्कोहल पीने के बाद, अगर आपका सिर दर्द हो, तो एक गिलास BANANA SHAKE पिएं। इसमें थोड़ी शहद भी डालिए। कुछ देर में आपका ब्लड शुगर लेवल ठीक हो जाएगा और हैंगओवर भी दूर हो जाएगा। सिर्फ यही नहीं, इससे आपकी बॉडी भी हाइड्रेटिड हो जाएगी।7.हार्टबर्न:

 

अगर आपको एसिडिटी हो रही है और सीने में जलन भी, तो केला आपकी समस्या का समाधान है।

8.मॉर्निंग सिकनेस:

अगर आपको खाने के बाद भी भूख लगती है, तो केला खाएं। इससे आपका ब्लड शुगर लेवल नॉर्मल रहेगा और आप रिलैकस्ड फील करेंगे।

9.मस्कीटो बाइट्स:

मच्छर के काटने पर आप लोशन या क्रीम की जगह, केले के अंदर का भाग भी लगा सकते हैं। इससे सूजन और जलन कम हो जाएगी।10.नर्व्ज़:

केले में विटामिन B होता हैं, जो आपके नर्वस सिस्टम को सही रखता है। ऑस्ट्रेलिया के एक साइकोलॉजी इंस्टिट्यूट ने रिसर्च में पाया कि वर्कप्लेस में भूख लगने पर इम्पलॉई फास्ट फूड और स्नैक्स से अपना पेट भरते हैं। इस वजह से टेंशन और मोटापा बढ़ता है। इसलिए ज़रूरी है कि हर दो घंटे बाद आप कार्बोहाइड्रेट वाला फूड खाएं, जैसे केला।11.अल्सर्ज़:

अगर आपको आए दिन छाले होते हैं, तो केला आपके लिए लाभदायक हो सकता है।12.टेम्परेचर कंट्रोल:

केला खाने से प्रेग्नेंट वुमन का टेम्परेचर भी सही रहता है। अगर आप केले की तुलना सेब से करेंगे, तो पाएंगे कि केले में सेब से चार गुना ज्य़ादा प्रोटीन, दो गुना ज़्यादा कार्बोहाइड्रेट, तीन गुना ज़्यादा फॉस्फोरस, पांच गुना ज़्यादा विटामिन A और आयरन होता है। केले में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है, इसलिए दिन में दो केले ज़रूर खाएं और हेल्दी रहें।

 

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मुस्लिम लड़के-हिंदू लड़की की शादी को ‘लव जिहाद’ करार देकर विरोध करने वाले हिंदू संगठनों ने पश्चिम बंगाल में इसके खिलाफ एक अलग ही अभियान चलाना शुरू कर दिया है। हिंदू-मुस्लिम दंपती पर दबाव बनाने के बदले संगठन के सदस्य ऐसे जोड़ों की मदद कर रहे हैं। लेकिन शर्त एक है कि ऐसे मामलों में दुल्हन मुस्लिम महिला को शुद्धिकरण के जरिए हिंदू धर्म अपनाना होगा। बंगाल के कई जिलों, जहां हाल के कुछ चुनावों में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया है, वहां विश्व हिंदू परिषद, हिंदू जागरण मंच, हिंदू सहमति संगठन, भारत सेवाश्रम संघ ने ‘बहू लाओ, बेटी बचाओ’ कैंपेन चलाया है, जिसे ‘लव जिहाद’ का जवाब बताया जा रहा है।
बता दें कि उत्तर और पश्चिम भारत में ‘घर वापसी’ कैंपेन से विरोधियों के निशाने पर आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात का विश्वास दिलाया कि धर्म को लेकर लोगों की व्यक्तिगत आजादी है जिसे कोई हानि नहीं पहुंचा सकता। हालांकि इस बीच देश के पूर्वी हिस्से में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने एक नए धर्मांतरण कार्यक्रम की शुरुआत कर दी है।
शुद्धिकरण के जरिए मुस्लिम लड़कियों को बनाया जा रहा हिंदू
जानकारी के मुताबिक इस कैंपेन के तहत हिंदू महिला-मुस्लिम पुरुष दंपती का मन बदलने से ज्यादा उस दंपती को शरण, शादी की व्यवस्था जैसी सुविधा मुहैया करा रहे हैं जिस दंपती में पुरुष हिंदू है और महिला मुस्लिम। पिछले दो महीने के दौरान साउथ 24 परगना, नार्थ 24 परगना, मुर्शिदाबाद, हावड़ा और बीरभूम जैसे जिलों में चुनाव के दौरान बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। इन इलाकों में हाल में शादी करने वाले ऐसे कई दंपती मिल जाएंगे जो अपनी शादी का श्रेय हिंदू समूहों को देते हैं।
विश्व हिंदू परिषद के नेता बादल दास इस इलाके में संगठन के कैंपेन के इन-चार्ज हैं। कहा जा रहा है कि साल भर के भीतर 500 मुस्लिम व ईसाई महिलाएं शादी के बाद हिंदू बनी हैं। सभी महिलाओं को हिंदू का नाम दिया गया है अपनी सुरक्षा के लिए उनके परिवारों को बीजेपी ज्वाइन करने की सलाह दी गई है।
हिंदू सहमति संगठन के चीफ तपन घोष ने कहा कि हम लोग ‘लव जिहाद’ के खिलाफ लड़ रहे हैं। हम देखते हैं कि कई मुस्लिम लड़के हिंदू लड़कियों को अपनी जाल में फंसा कर शादी करते हैं, हम लव जिहाद के पीड़ितों को बाहर निकालते हैं और मुस्लिम लड़कियों को हिंदू घरों में लाते हैं। वीएचपी गोल्डन जुबली सेलेब्रेशन कमिटी का नेतृतव करने वाले जादवपुर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अचिन्तया विश्वास का कहना है, ”यदि एक हिंदू लड़का मुस्लिम लड़की को हिंदू धर्म में ला सकता है तो इसे एक पवित्र कार्य समझा जाएगा। हम इस ट्रेंड को तोड़ना चाहते हैं कि हिंदू लड़कियां मुस्लिम लड़कों से शादी करती हैं।” इसी प्रकार के एक कैंपेन में शुद्धिकरण के जरिए 21 साल की रेबेका खातून को मीनाक्षी नस्कर बनाया गया। फिलहाल वह साउथ 24 परगना के लक्ष्मीनरायणपुर में रहती है। कोर्ट मैरिज के एक साल बाद मधुमंगल नस्कर से पिछले साल उसकी शादी हो गई। मधुमंगल के पिता हराधन चंद्र नस्कर को भी इस शादी से कोई एतराज
नहीं था। यही नहीं कहा जा रहा है कि रेबेका के पिता मुसर्रफ शेख को भी दंपती और परिवार की सुरक्षा के लिए पार्टी ज्वाइन करने को कहा गया है। रेबेका ने कहा, ”मुझसे कहा गया था कि यदि मैं शादी करना चाहती हूं तो मुझे हिंदू धर्म अपनाना पड़ेगा। मैं भी भाग गई क्योंकि मेरा समाज एक मुस्लिम लड़की द्वारा हिंदू लड़के से शादी को स्वीकार नहीं करता। इसके बाद मधुमंगल ने हिंदू संगठनों से संपर्क किया। संगठन ने हमें बचाया और विश्वास दिलाया कि यदि मैं हिंदू बन जाउं तो सबकुछ ठीक हो जाएगा। इसके बाद हमें कोलकाता में हिंदू सहमति ने शरण दी। कुछ महीने के बाद मैं यहां आ गई। मैंने खुद को हिंदू घोषित करते हुए कोर्ट में एफिडेविट भी
दिया। उसके माता-पिता ने ‘हवन’ का आयोजन किया और मेरा शुद्धिकरण कराया गया। मैंने पति से हिंदू रीतियों के तहत शादी की।”
उसके ससुर हराधन ने कहा कि मैंने उसके (लड़की) पिता को कहा है, ”वे लोग बीजेपी के साथ अच्छा संबंध बना कर रखें। मैं एसयूसीआई का सदस्य था लेकिन अब मैं बीजेपी से जुड़ गया हूं।” लड़की के पिता मुसर्रफ शेख का कहना है कि शुरुआत में हमें आपत्ति थी लेकिन मेरी बेटी ने भाग कर हिंदू धर्म अपना लिया, अब वह खुश है।

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नई दिल्ली। द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए मॉरीशस यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वहां की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2020 तक भारत का 100 GW सोलर ऊर्जा का लक्ष्य है। उन्होंने मॉरीशस को मजबूत बनाने, साइबर सिटी के निर्माण और एक ग्लोबल संस्था बनाने में भी सहयोग करने का वादा भी किया।

पीएम ने आगे कहा कि ”आपके राष्ट्रीय दिवस में आना सम्मान की बात है। स्वतंत्रता दिवस पर हम केवल आजादी का जश्न ही नहीं मनाते, बल्कि आजादी के कारक संघर्ष और बलिदान को भी याद करते हैं। आज भारत के लिए भी विशेष है। आज ही महात्मा गांधी ने दांडी मार्च की शुरुआत की थी।”

उन्होंने कहा कि हम आपके बलिदान को भी याद करते हैं। मॉरीशस ने खुद को एक लोकतंत्र के उज्ज्वल प्रकाश स्तम्भ के रूप में खड़ा किया है। मैं यहां केवल दोनों देशों के रिश्तों में मधुरता का जश्न मनाने के लिए ही नहीं बल्कि आपकी उपब्धियों के सम्मान में भी खड़ा हुआ हूं। उन्होंने कहा कि आज सुबह मैं गंगा तलाब गया, क्योंकि गंगा से मेरा खास नाता है। दोनों देशों में काफी समानताएं हैं। दोनों देशों में एक साथ होली और दिवाली होती है। दोनों देशों में पूर्ण बहुमत की सरकार है। दोनों देशों की संसद में महिला स्पीकर हैं।

साथ ही उन्होंने मॉरीशस की यात्रा को प्रेरणा स्त्रोत बताया और मित्र देश की तारीफ करते हुए कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था ने मॉरीशस को आगे बढ़ाया है। मॉरीशस में विकास काबिले तारीफ है। दोनों देशों में दोस्ती का गहरा रिश्ता है। हम लोग मिलकर काम करेंगे। दोनों देश हर मोर्चे पर साथ चलेंगे।

इससे पहले पीएम ने मॉरीशस में विश्व हिंदी सचिवालय की आधारशिला रखी। पीएम ने पोर्ट लुई में भाषण देते हुए कहा कि ”150 साल पहले हमारे पूर्वज मॉरीशस में हिंदी भाषा लेकर आए। इस तरह से भारत की संस्कृति को भी वे अपने साथ लाए थे। मॉरीशस ने हिंदी साहित्य की बहुत सेवा की है और यहां का अपना हिंदी साहित्य है।”

पीएम ने आगे कहा, भाषा की अपनी एक ताकत होती है। भाषा भाव की अभिव्यक्ति का बहुत बड़ा माध्यम है। मातृ भाषा सीधे दिल से निकलती है, जबकि अन्य भाषा को बोलने में दिमाग लगता है। यहां लघु भारत देखकर अपनेपन का एहसास हुआ है। यहां की हिंदी में मजदूरों के पसीने की महक है। उन्होंने कहा कि भारत की मदद से विश्व हिंदी सचिवालय भी बना।

इससे पूर्व उन्होंने वहां ‘गंगा तलाव’ जाकर पूजा-अर्चना की। यहां शिवलिंग की पूजा करने के बाद पीएम ने तलाव में गंगा जल भी प्रवाहित किया। गंगा तलाव पोर्टलुई से करीब 50 किलोमीटर दूर पहाड़ियों की गोद में स्थित है। थोड़ी देर बाद वे मॉरीशस की संसद को संबोधित करते हुए भारत से रिश्तों की मधुरता के लिए अपना विजन उनके सामने रखेंगे। पीएम मॉरीशस के राष्ट्रीेय दिवस समारोह के मुख्य अतिथि हैं। यह उनके दौरे का आज दूसरा और आखिरी दिन है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगनाथ के साथ दोनों देशों के बीच समुद्री अर्थव्यवस्था सहित पांच समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए। समझौतों पर हस्ताक्षर करते हुए मोदी ने कहा कि वह मॉरीशस के असैन्य इ्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ डॉलर के रियायती कर्ज की पेशकश कर काफी खुश हैं। भारत की मंशा मॉरीशस में जल्द से जल्द पेट्रोलियम भंडारण हेतु गोदाम बनाने की भी है।

इसके अलावा भारत ने अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए मॉरीशस को 50 करोड़ डॉलर का रियायती कर्ज देने की पेशकश भी की है। वहीं दोनों देश दोहरा कराधान समझौते की समीक्षा पर सहमत हुए हैं ताकि उसका दुरुपयोग रोका जा सके।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोल ब्लॉक केस में कोर्ट द्वारा बतौर आरोपी सम्मन जारी किए जाने पर उनके समर्थन में आज कांग्रेस ने एकजुटता दिखाते हुए मार्च निकाला। यह मार्च कांग्रेस दफ्तर से मनमोहन सिंह के आवास तक निकाला गया। पार्टी की मुखिया सोनिया गांधी ने इसका नेतृत्व किया, जिसमें दल के सभी शीर्ष नेता शामिल हुए। पूर्व पीएम ने भी अपने घर से बाहर आकर सभी नेताओं से मुलाकात कर बातचीत की। कांग्रेस के मार्च पर डॉ. सिह ने कहा कि सोनिया गांधी और अन्य नेता मेरे घर आए, इससे मैं काफी खुश हूं। हम इस मामले में पूरी ताकत के साथ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

इससे पूर्व सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी पर कोई सवाल ही नहीं उठता। वे दुनिया भर में बेहद सम्मानित व्यक्ति हैं। कांग्रेस मजबूती से उनके साथ है। उनके समर्थन में पार्टी लड़ाई लड़ेगी। पार्टी ने तय किया है कि इस मसले पर पार्टी कानूनी रूप से लड़ाई लड़ेगी।

अजय माकन ने कहा है कि पूर्व पीएम का नाम इस केस में घसीटा जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा, सीबीआई ने दो बार कहा है कि मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने के लिए कोई आधार और आरोप नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने भी कहा कि डॉ. सिंह को उनकी अखंडता और चरित्र के लिए जाना जाता है। कांग्रेस इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेगी। साथ ही सीनियर कांग्रेस लीडर शशि थरूर ने कहा कि हम यहां डॉ. सिंह के समर्थन और सम्मान के लिए आए हैं। हम उनके साथ हर पल खड़े हैं।

दरअसल, सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर आज पार्टी की आपात वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई थी। कांग्रेस दफ्तर में सुबह साढ़े नौ बजे बैठक शुरू हुई, जिसमें सोनिया गांधी कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों और दोनों सदनों के सांसदों से मिलीं। पार्टी के सभी बड़े नेता कांग्रेस इसमें पहुंचे। बैठक में वर्किंग कमेटी के वरिष्ठ रणनीतिकारों ने मनमोहन के खिलाफ केस और अहम मसलों पर रणनीति तैयार करते हुए सिंह के समर्थन में पार्टी दफ्तर से उनके आवास तक मार्च निकालने का निर्णय लिया। बैठक में पार्टी के सीनियर लीडर और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शामिल नहीं हुए। कल ही सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन केस में उन्हें बतौर आरोपी सम्मन जारी किया था।

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हैमिल्टन. मोहम्मद शमी (3 विकेट) की अगुवाई में बॉलर्स के बेस्ट प्रदर्शन से आयरलैंड को 259 रन पर समेटने के बाद शिखर धवन के 8वीं वनडे सेन्चुरी की बदौलत टीम इंडिया ने 8 विकेट से जीत दर्ज की। वर्ल्ड कप में यह भारत की लगातार 5वीं जीत है। इस जीत के साथी ही महेंद्र सिंह धोनी वर्ल्ड कप में सवार्धिक जीत दर्ज करने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैं। उन्होंने कपिल देव की 12 जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। आयरलैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 259 रन बनाए। जवाब में भारत ने 36.5 ओवर्स में 260 रन बनाकर जीत दर्ज की।

गांगुली को छोड़ा पीछे
भारतीय क्रिकेट टीम ने महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में आईसीसी विश्व कप में अब तक लगातार नौ मैच जीते हैं। धोनी ने सौरव गांगुली के लगातार आठ जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और वेस्ट इंडीज के क्लाइव लॉयड की बराबरी की। विश्व कप में सबसे अधिक लगातार जीत का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग के नाम है। पोंटिंग की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 1999 से 2011 के बीच लगातार 24 मुकाबले जीते हैं। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने तीन बार विश्व खिताब जीता है।

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नई दिल्‍ली। हिंडाल्‍को कोल ब्‍लॉक मामले में पटियाला ट्रायल कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख को समन भेजा है। कोर्ट ने आदित्‍य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमारमंगलम बिड़ला और हिंडाल्‍को के दो अधिकारियों के खिलाफ भी समन जारी किया है। इन्‍हें 8 अप्रैल को कोर्ट में पेश होने को कहा गया है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को आरोपी के तौर पर समन जारी किया गया है।
पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और अन्य से जुड़े कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला मामले में सीबीआई ने अपनी जांच पूरी कर फाइनल रिपोर्ट डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को सौंप दी है। 11 मार्च को कोर्ट को इस रिपोर्ट पर विचार करना था।
ट्रायल कोर्ट ने बुधवार को इस मामले पर संज्ञान लेते हुए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व कोयल सचिव पीसी पारेख, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और हिंडाल्‍को के दो अधिकारियों को भी समन जारी का 8 अप्रैल को कोर्ट में तलब किया है।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर गोपनीयता भंग करने का आरोप है। पूर्व प्रधानमंत्री सिंह से सीबीआई पहले ही पूछताछ कर चुकी है। कोल ब्‍लॉक आवंटन के समय कोयला मंत्रालय मनमोहन सिंह के ही पास था।
गौरतलब है कि 2005 में हिंडाल्‍को को ओडिशा में तालाबिरा कोल ब्‍लॉक आवंटित किया गया था। जिसमें अनियमितता बरतने और गल‍त तरीके से ब्‍लॉक आवंटित करने का आरोप है। सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में पारेख, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, उनकी हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड और कुछ अज्ञात लोगों को नामजद किया है। उनके खिलाफ आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निरोधक कानून के प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।
अदालत ने मामले में दाखिल जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करते हुए उसे आगे की जांच का निर्देश दिया था। पिछले साल 16 दिसंबर को अदालत ने सीबीआई को इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और प्रधानमंत्री कार्यालय के कुछ टॉप लेवल के अधिकारियों से पूछताछ करने के लिए भी कहा था।

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मुंबई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई प्रह्लाद मोदी ने मुंबई के आजाद मैदान में केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। ऑल-इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स फेडरेशन के नेशनल वाइस-प्रेसिडेंट प्रह्लाद मोदी ने न केवल केंद्र में मोदी सरकार के खिलाफ विरोध में हिस्सा लिया बल्कि अपने 45 मिनट के भाषण में सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”यदि फेडरेशन की मांगें नहीं मानी गईं तो बीजेपी को बिहार और उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में हार का सामना करना पड़ेगा।” फेडरेशन की मांगों में राशन डिस्ट्रब्यूटर्स का कमीशन बढ़ाने की मांग भी शामिल है।
‘दिल्ली में बीजेपी के खिलाफ फेडरेशन के सदस्यों ने किया काम’
उन्होंने दावा किया, ”यूपी में जहां 80 में से 73 सीटें बीजेपी को मिलीं वहां पर 75000 राशन डिस्ट्रिब्यूटर्स ने बीजेपी के लिए काम किया। लेकिन दिल्ली में फेडरेशन के सदस्यों ने बीजेपी के खिलाफ काम किया और नतीजा सबके सामने है। यदि केंद्र सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है तो बीजेपी को बिहार और उत्तर प्रदेश में भी हार का सामना करना पड़ेगा।”
सरकार के एक वर्ग के अधिकारियों के संबंध में पीएम के भाई ने कहा, ”वो बड़े चोर हैं और हम छोटे चोर हैं। हमारी चोरी के लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार है।” प्रह्लाद मोदी इस विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे।
पीएम नहीं, सिस्टम के खिलाफ लड़ाई है
भाषण के दौरान प्रह्लाद मोदी पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला करने से बचते रहे। उन्होंने यह स्पष्ट करने की कोशिश की कि उनकी लड़ाई नीति और सिस्टम के खिलाफ है। उन्होंने कहा, ”मैं उनका सम्मान करता हूं। मेरी लड़ाई उनके खिलाफ नहीं है, सिस्टम के खिलाफ है। मीडिया हमारे बीच विवद पैदा करने की कोशिश कर रहा है।”
इस बीच विरोध-प्रदर्शन के दौरान फेडरेशन के कुछ सदस्यों ने जब खाद्य व उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान के इस्तीफे की मांग की तो पीएम के भाई ने अपने बयान में कहा, ”हम ये नहीं चाहते कि पासवान इस्तीफा दें, मैं इस बात पर सहमत नहीं हूं। यदि वह इस्तीफा देंगे तो कोई और मंत्री बनेगा। हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि सिस्टम के खिलाफ है। ”
यूपीए की नीतियों पर साधा निशाना
केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में पीएम के भाई पिछली यूपीए की सरकार के खिलाफ बोले। उन्होंने कहा कि फूड सिक्युरिटी बिल को बिना किसी सर्वेक्षण के लागू करने की कोशिश की गई। बीजेपी सरकार को बिल पर बने रहना चाहिए लेकिन इसे लागू करने के पहले सर्वेक्षण करना चाहिए। राइट्स ऑफ राशन डिस्ट्रिब्यूटर्स की रक्षा की जानी चाहिए।

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नई दिल्ली। पेट्रोलियम पदार्थों, विशेष कर डीजल एवं पेट्रोल पर केंद्रीय करों में फेरबदल से उद्योग जगत, खास कर मंझोले और छोटे (एमएसएमई) उद्यमियों को झटका लगा है। इस बदलाव से हालांकि इनके लिए डीजल की दरों में तो कोई फेरबदल नहीं हुआ है, लेकिन उनके इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी हो गई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा शनिवार को संसद में पेश किए गए वित्त विधेयक में डीजल और पेट्रोल पर लगने वाले अप्रत्यक्ष कर में फेरबदल किया गया है। इसका विवरण बजट में नहीं था, लेकिन केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड ने जो विवरण जारी किया, उससे उद्यमियों को झटका लगा क्योंकि इससे उनका ईंधन खर्च बढ़ गया है। अनब्रांडेड पेट्रोल पर सेनवेट 8.95 रुपये प्रति लीटर, स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (एसएईडी) 6 रुपये, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (एईडी) 2 रुपये का शुल्क थी। बजट के बाद इस पर सेनवेट की दर प्रति लीटर घटा कर 5.46 रुपये कर दी गई। एसएईडी को तो 6 रुपये पर छोड़ दिया गया, लेकिन एईडी को बढ़ा कर 6 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया। पहले इन करों के ऊपर तीन फीसदी का शिक्षा उप कर लगता था, जो कि अब खत्म कर दिया गया है। कुल मिला कर देखें, तो पहले भी इस पर प्रति लीटर 17.46 रुपये का अप्रत्यक्ष कर था और अब भी यह 17.46 रुपये ही है।
इसी तरह अनब्रांडेड डीजल में पहले प्रति लीटर 7.96 रुपये का सेनवेट था, जिसे अब घटा कर 4.26 रुपये कर दिया गया है। इस पर एसएईडी पहले भी नहीं लगता था और अभी भी नहीं लगाया गया है। लेकिन अनब्रांडेड डीजल पर 2 रुपये प्रति लीटर का एईडी लगाया गया था, जिसे अब बढ़ा कर 6 रुपये प्रति लीटर हो गया है। डीजल पर लगने वाले अप्रत्यक्ष कर को देखें, तो यह पहले भी 10.26 रुपये प्रति लीटर था और अभी भी 10.26 रुपये प्रति लीटर ही है। इसमें भी पेट्रोल की तरह ही सेनवेट का हिस्सा घटा कर एईडी का हिस्सा बढ़ा दिया गया है।
उत्पाद एवं सीमा शुल्क विभाग के एक अधिकारी ने बताया किनए प्रावधान से उद्योग जगत को सेनवेट के रूप में कम रकम मिलेगी। उनके मुताबिक सेनवेट के मद में जो भी कर लिया जाता है, उसके बदले उद्यमी को सेनवेट क्रेडिट लेने की छूट होती है। जब साल का लेखा-जोखा बनता है तो सेनवेट के मद में जमा की गई राशि तो वापस मिल जाती है, लेकिन एक्साइज मद में जमा राशि नहीं मिलती है। अब सेनवेट घटा कर एक्साइज बढ़ाने से उद्यमियों को कम क्रेडिट मिलेगा।
मंझोले, लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों के संगठन फिस्मे के महासचिव अनिल भारद्वाज का कहना है कि इस प्रावधान से एमएसएमई की ईंधन की लागत बढ़ जाएगी। इससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर असर पड़ेगा। कुछ उद्यमियों को तो कीमत में भी बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है।
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