Tuesday, October 16, 2018
संपादकीय

यूपी के इलाहाबाद कचहरी परिसर में गत बुधवार को एक दारोगा द्वारा वकील की हत्या को लेकर पूरे प्रदेश में वकीलों के तीखे विरोध के बीच सरकार ने वकील की मौत व उसके बाद हुए संघर्ष में एक सिपाही के घायल होने की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की। वहीं इस मामले में आरोपी दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी ने अस्पताल में भर्ती सिपाही का हालचाल लिया और उसके परिजनों से मिलकर इलाज के लिए पांच लाख रुपए का चेक दिया। पुलिस महानिरीक्षक (लोक शिकायत) अशोक मुथा जैन ने यहां संवाददाताओं को बताया कि प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद कचहरी परिसर में गत बुधवार को हुए दो महत्वपूर्ण मामलों, अधिवक्ता नबी अहमद की मौत तथा उसके बाद हुए पुलिस तथा वकीलों के बीच संघर्ष में सिपाही अजय नागर के घायल होने के मामलों की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है। श्री जैन ने बताया कि वकील की हत्या के मामले में आरोपी दारोगा शैलेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि प्रदेश के गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पण्डा व डीजीपी एके जैन ने शुक्रवार को इलाहाबाद जाकर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बैठक में तय किया गया कि अगले तीन-चार दिन तक कचहरी परिसर में रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की जाएगी। उसके बाद आरएएफ की जगह केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की तैनाती होगी। गौरतलब है कि बुधवार की दोपहर इलाहाबाद कचहरी परिसर में अधिवक्ता नबी अहमद की गोली लगने से मौत हो गई थी। हत्या का आरोप दारोगा शैलेन्द्र सिंह पर लगाया गया था। इस वारदात के बाद भड़के वकीलों ने कचहरी परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। इस घटना के विरोध में पूरे प्रदेश के वकील आंदोलित हो गए थे और उन्होंने विभिन्न जिलों में जगह-जगह मार्ग जाम और तोड़फोड़ की थी। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायमूर्ति पी. के. एस. बघेल को संपूर्ण प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे। वहीं मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इस मामले की जांच गंभीरता और समय पर होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। राज्यपाल ने कहा इस घटना को लेकर मैं, हाईकोर्ट व मुख्यमंत्री सहित सभी चितिंत हैं।

शैलेंद्र सिंह

सूर्य प्रकाश त्रिपाठीइलाहाबाद। जिला कचहरी में हुए गोलीकाण्ड, जिसमें एक अधिवक्ता नबी अहमद की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गये, वकालत संबंधी विवाद के कारण नहीं हुई। इसके तार बहन की शादी, भूमि संबंधी विवाद और एक मुकदमे की विवेचना के उपरान्त दाखिल फाइनल रिपोर्ट (एफआर) से जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि 11 मार्च को जिला कचहरी में जब कतिपय वकीलों ने एक दरोगा को मारना पीटना शुरू किया और उसकी सर्विस रिवाल्वर छीनने की कोशिश की तो उसने आत्मरक्षार्थ गोली चला दी, जिससे एक अधिवक्ता नबी अहमद की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गये। नबी अहमद की मौत के बाद कचहरी क्षेत्र में हिंसा फैल गयी। वाहनों को तोड़ा-फोड़ा गया और पथराव व पुलिस फायरिंग भी हुई। आरोप है कि वकीलों की ओर से फायरिंग में एक सिपाही भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। इस घटना की आग पूरे प्रदेश में फैल गयी और अनेक जिलों में वकीलों ने उग्र प्रदर्शन किया। उ.प्र. बार कौंसिल के आह्वान पर 12 मार्च को पूरे प्रदेश में वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। अब बार कौंसिल आफ इंडिया ने आगामी 16 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

ब्यूरो,लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार 15 मार्च को अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे करेगी और इसी के साथ प्रदेश की जनता के साथ हुई वादाखिलाफी अपने तीन वर्ष पूरे करेगी। प्रदेश प्रवक्ता चन्द्रमोहन ने कहा कि साफ है कि सपा सरकार जनता को धोखा देने के नित्य नए कीर्तिमान गढ़ रही है। बलात्कार, हत्या, डकैती, चोरी जैसी घटनाओं में लगातार बढ़ोत्तरी और नाकारा अधिकारियों को प्रश्रय देना ही सपा सरकार की तीन वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धि है।
पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता चन्द्रमोहन ने कहा कि 2012 के विधानसभा चुनाव में जनता के साथ किए गए वादों को पूरा करने में सपा सरकार ने कोई प्रयास नहीं किया जिससे जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इंटर पास करने वाले हर विद्यार्थी को लैपटॉप देने का वादा किया था लेकिन अब यह योजना केवल कुछ छात्र-छात्राओं तक ही सिमट चुकी है। एक वर्ष तक बेरोजगारी भत्ता बांटा और इसके बाद इसे बंद कर दिया। बेरोजगार नवयुवकों को न तो नौकरी ही मिली और नौकरी की तलाश में होने वाले खर्च की कुछ भरपाई के लिए मिलने वाला बेराजगारी भत्ता भी बंद हो जाने के कारण इनमें हताशा का भाव है।

लोकसभा में भूमि अधिग्रहण बिल को मंजूरी मिलने के बाद बिल के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में रेलवे स्टेशनों पर हंगामा किया। ट्रैक पर चक्का जाम लगाकर उन्होंने ट्रेनों को रोक दिया। राजधानी में काफी संख्या में कांग्रेसी चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे। वहां वाराणसी से आ रही वरुणा एक्सप्रेस के आगे लेट गए। कुछ लोग तो इंजन पर चढ़ गए और नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस नेता रीता बहुगुणा जोशी भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचीं।
उन्होंने चक्का जाम कर पंजाब मेल को रोक दिया। ऐसे में ट्रेन ट्रैक पर करीब 20 मिनट तक रूकी रही। इसके अलावा झांसी, इलाहाबाद, इटावा, कानपुर, वाराणसी हाथरस, मुरादाबाद में कांग्रेसियों ने ट्रेन रोककर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन से कई ट्रेनें घंटों ट्रैक पर खड़ी रही। ऐसे में नई दिल्ली-हावड़ा सहित कई रूट प्रभावित रहे।
भूमि अधिग्रहण बिल को लेकर कांग्रेस ने प्रदेशभर में रेल रोको और चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन पर कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। पूर्व सांसद राजेश मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं ने दिल्ली से मालदा जा रही फरक्का एक्सप्रेस और दून एक्सप्रेस को प्लेटफॉर्म से निकलते समय रोक दिया। कांग्रेसी इंजन पर चढक़र केंद्र सरकार मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। कुछ कार्यकर्ता तो ट्रेन रोकने के लिए पटरी पर ही लेट गए।
केंद्र सरकार पर लगाए आरोप
पूर्व सांसद राजेश मिश्रा ने बताया कि नौ महीने से केंद्र सरकार देश को धोखा दे रही है। भूमि अधिग्रहण बिल को लाकर सरकार कॉर्पोरेट सेक्टर की हितैषी बन गई है। किसानों की जमीनों को सरकार जबरदस्ती अधिग्रहण करने का प्लान कर चुकी है। मोदी सरकार हर मायने में मिडिल क्लास और लोअर क्लास का शोषण कर रही है। महिला कांग्रेस की वरिष्ठ सदस्य वीना पांडेय ने बताया कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के जनविरोधी फैसलों के विरोध में ये चक्का जाम किया गया है। रेलवे में एफडीआई लाकर कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इन्ही मुद्दों को लेकर हमने प्रदर्शन किया।

यूपी विधानसभा में गुरूवार को इलाहाबाद में वकील की एक दरोगा द्वारा गोली मारकर हत्या किये जाने का मामला जोर-शोर से उठा। सभी दलों ने जमकर हंगामा किया और चर्चा कराये जाने की मांग की। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मसले पर कामरोको प्रस्ताव के तहत चर्चा स्वीकार कर ली। सभी दलीय नेताओं ने इस मसले पर घटना की निन्दा करते हुए अपना-अपना पक्ष रखा।
सरकार ने भी घटना को निन्दनीय बताया और इस पर जवाब देते हुए संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि मुआवजे की राशि बढ़ाने और न्यायालयों में सुरक्षा बढ़ाने के विषय पर वह नेता सदन से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि इस घटना में न्याय के लिए पूरा सदन सरकार पर भरोसा करें। नियम-56 की ग्राह्यता पर बोलते हुए नेता प्रतिपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि इलाहाबाद के जिला न्यायालय परिसर में दरोगा द्वारा वकील की गोली मारकर हत्या अत्यन्त निंदनीय है। पुलिस की गोली से एक अन्य वकील घायल भी हुआ है।
श्री मौर्य ने कहा कि विडम्बना है कि जिनपर हमने कानून की रक्षा का भरोसा किया उन्होंने ही कानून के परिसर में कानून की वकालत करने वाले को गोली मारकर कानून की धज्जियां उड़ायी। दरोगा के इस कृत्य से पूरी पुलिस विरादरी पर ही लोगों को अविश्वास पैदा हो गया है। श्री मौर्य ने कहा कि दरोगा को अपनी सर्विस रिवाल्वर से खुलेआम वकील को गोली मारने का अधिकार नहीं था। दिनदहाड़े न्यायालय परिसर में हुई यह हत्या अत्यंत निंदनीय और लोक महत्व की है। इसलिए इस विषय पर चर्चा करायी जाए।
भाजपा के नेता विधानमण्डल दल सुरेश खन्ना ने कहा कि घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि दरोगा को सर्विस रिवाल्वर जनहित के लिए दी जाती है। उसे गोली चलाने समेत अन्य विषय सम्बन्धी प्रशिक्षण दिया जाता है। बावजूद इसके दरोगा ने वकील के सीने में गोली मारी। उन्होंने कहा कि इस घटना से पूरा सिस्टम प्रभावित हुआ है। बार कौंसिल ने भी हड़ताल कर दी है। श्री खन्ना ने सरकार से मांग किया कि मुल्जिम की तत्काल गिरफ्तारी हो जिससे पूरे प्रदेश में संदेश जाये। उन्होंने न्यायालय परिसर में सुरक्षा की आवश्यकता की भी बात कही। श्री खन्ना ने कहा कि यह अत्यन्त लोक महत्व का विषय है इसलिए इस विषय पर कार्यस्थगन के तहत चर्चा करायी जाये।
कांग्रेस के नेता विधानमण्डल दल प्रदीप माथुर और अनुग्रह नारायण सिंह ने मृतक के परिजनों को मुआवजे की राशि बढ़ाकर 50लाख रूपये किये जाने की मांग की। न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था चौकस किये जाने की बात करते हुए श्री सिंह ने कहा कि न्यायालय परिसर में लोग हथियार लेकर जाते हैं, जिसे रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए न्यायिक कमीशन बिठायी जाए।
राष्ट्रीय लोकदल के दलबीर सिंह ने घटना की निन्दा करते हुए न्यायालय की सुरक्षा के लिए परिसर में पुलिस चौकियों की स्थापना की बात कही। सभी दलीय सदस्यों व विधायकों को सुनने के बाद सभी की भावनाओं का सम्मान करते हुए संसदीय कार्यमंत्री मो. आज़म खां ने काफी अच्छे ढंग से सरकार का पक्ष रखा और कहा कि एक वकील की हत्या हुई वो भी एक वर्दीधारी से यह निसंदेह निंदनीय है। उन्होंने कहा कि वकील से ज्यादा सहनशीलता पुलिस की वर्दी में होनी चाहिए। श्री खां ने कहा कि पुलिस की माकूल टेऊनिंग की आवश्यकता है। उन्हें मानवता का पाठ पढ़ाना होगा। विडम्बना है कि आज की शिक्षा में मानवता की शिक्षा नहीं रह गयी है। समाज जहां जा रहा है यह भी चर्चा का विषय है। उन्होंने कहा कि आज तो सिर्फ अफसोस की आवश्यकता है जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। संसदीय कार्यमंत्री ने पूर्व के समय का जिक्र करते हुए कहा कि मैं भी पेशे से वकील था और तब का माहौल भी काफी अच्छा था। पुलिस और वकील दोनों का ही बर्ताव काफी अच्छा था लेकिन आज निसंदेह आज हर स्तर सहनशीलता में कमी आयी है।

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में वकील की एक दरोगा द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले को लेकर गुरूवार को विधानसभा में संपूर्ण विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। विपक्षी सदस्य वेल में आ गये और इस विषय पर चर्चा कराये जाने की मांग करने लगे। पीठ से अपनी मांग के अनुरूप निर्देश न मिलने पर पहले बहुजन समाज पार्टी और बाद में कांग्रेस ने सदन से बहिर्गमन किया।
सदन की कार्यहवाही जैसे ही 11 बजे शुरू हुई वैसे ही नेता प्रतिपक्ष बसपा के स्वामी प्रसाद मौर्य खड़े हुए और वकीलों के मामले में चर्चा कराये जाने की माग विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडे से करते हुए बसपा सदस्य वेल में आ गये और हंगामा करने लगे। उनके पीछे कांग्रेस और भाजपा सदस्य भी वेल में आ गये। सभी विपक्षी सदस्य कार्यवाही को निलम्बित कर इस मुददे पर चर्चा कराने की मांग करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मुददे पर नियम 56 के तहत चर्चा कराने की बात कही। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि वकील की हत्या पर सरकार मजाक उड़ा रही है।
सदन से हम वाकआउट
इसीलिए सदन से हम वाकआउट करते है। भारतीय जनता पार्टी विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना ने कहा कि सरकार को इस घटना पर इस्तीफा दे देना चाहिए। भाजपा के ही लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने नियमों का हवाला देते हुए चर्चा कराने की मांग की। संसदीय कार्यमंत्री मोहम्मद आजम खां ने कहा कि पहले बसपा फिर कांग्रेस और भाजपा वेल में आई यह लोग जनता का धन बर्बाद कर रहे है। यह हंगामा सिर्फ इसलिए हो रहा है कि ताकि मीडिया की सुर्खिया बना जा सके। उन्होंने कहा कि ताजुब्ब है कि नेताप्रतिपक्ष बिना कुछ बोले ही पूरी पार्टी को वेल में उतार दिया।
भाजपा सदस्य वेल में डटे रहे
यह इनका गैर जिम्मेदाराना रवैया है। इसके बावजूद भी भाजपा सदस्य वेल में डटे रहे। हंगामे को लेकर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले पन्द्रह मिनट और बाद में दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई। कांग्रेस इस मुददे पर चर्चा कराये जाने की मांग पर अड़ी रही लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्न प्रहर के तहत प्रश्नकाल शुरू कर दिया। इससे नाराज कांग्रेस के सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।

नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोल ब्लॉक केस में कोर्ट द्वारा बतौर आरोपी सम्मन जारी किए जाने पर उनके समर्थन में आज कांग्रेस ने एकजुटता दिखाते हुए मार्च निकाला। यह मार्च कांग्रेस दफ्तर से मनमोहन सिंह के आवास तक निकाला गया। पार्टी की मुखिया सोनिया गांधी ने इसका नेतृत्व किया, जिसमें दल के सभी शीर्ष नेता शामिल हुए। पूर्व पीएम ने भी अपने घर से बाहर आकर सभी नेताओं से मुलाकात कर बातचीत की। कांग्रेस के मार्च पर डॉ. सिह ने कहा कि सोनिया गांधी और अन्य नेता मेरे घर आए, इससे मैं काफी खुश हूं। हम इस मामले में पूरी ताकत के साथ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।

इससे पूर्व सोनिया गांधी ने कहा कि मनमोहन सिंह की ईमानदारी पर कोई सवाल ही नहीं उठता। वे दुनिया भर में बेहद सम्मानित व्यक्ति हैं। कांग्रेस मजबूती से उनके साथ है। उनके समर्थन में पार्टी लड़ाई लड़ेगी। पार्टी ने तय किया है कि इस मसले पर पार्टी कानूनी रूप से लड़ाई लड़ेगी।

अजय माकन ने कहा है कि पूर्व पीएम का नाम इस केस में घसीटा जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस पूरी तरह उनके साथ खड़ी है। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा, सीबीआई ने दो बार कहा है कि मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने के लिए कोई आधार और आरोप नहीं है। पूर्व केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने भी कहा कि डॉ. सिंह को उनकी अखंडता और चरित्र के लिए जाना जाता है। कांग्रेस इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेगी। साथ ही सीनियर कांग्रेस लीडर शशि थरूर ने कहा कि हम यहां डॉ. सिंह के समर्थन और सम्मान के लिए आए हैं। हम उनके साथ हर पल खड़े हैं।

दरअसल, सोनिया गांधी ने इस मुद्दे पर आज पार्टी की आपात वर्किंग कमेटी की बैठक बुलाई थी। कांग्रेस दफ्तर में सुबह साढ़े नौ बजे बैठक शुरू हुई, जिसमें सोनिया गांधी कांग्रेस कार्य समिति के सदस्यों और दोनों सदनों के सांसदों से मिलीं। पार्टी के सभी बड़े नेता कांग्रेस इसमें पहुंचे। बैठक में वर्किंग कमेटी के वरिष्ठ रणनीतिकारों ने मनमोहन के खिलाफ केस और अहम मसलों पर रणनीति तैयार करते हुए सिंह के समर्थन में पार्टी दफ्तर से उनके आवास तक मार्च निकालने का निर्णय लिया। बैठक में पार्टी के सीनियर लीडर और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शामिल नहीं हुए। कल ही सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन केस में उन्हें बतौर आरोपी सम्मन जारी किया था।

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता प्रशांत भूषण ने आप द्वारा जारी किए गए उस बयान का जवाब देते हुए बोले कि अब वह समय आ गया है कि देश के सामने सच उजागिर हो जाए और ऐसा बहुत जल्द होगा। पहले तो दूसरों के जरिए हम पर आरोप लगवाए जा रहे थे, अब पार्टी के पहली पंक्ति के नेता अब आरोप लगा रहे हैं। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आप की स्थापना पारदर्शिता के सिद्धांत, लोकतंत्र और स्वराज के लिए की गई है, जिसके लिए हम लड़ते रहेंगे।

आम आदमी पार्टी द्वारा जारी किए गए बयान पर योगेंद्र ने भी ट्वीट किया है कि हम इस बयान का स्वागत करते हैं और हम सब मिलकर एक पारदर्शी बहस करते हैं, जिससे सच सामने आ जाए। साथ ही उन्होंने लिखा है कि हम अपने साथियों से यह अपील करते हैं कि वे दिल्ली के विधायकों को हमारे खिलाफ बयान देने से रोकें। योगेंद्र ने आगे लिखा है कि मुझे उम्मीद है कि मेरे और प्रशांत भूषण के बयानों को भी पार्टी अपनी वेबसाइट पर उसी तरह से प्रकाशित करेगी। ताकि कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रियाएं ली जा सकें। अंत में उन्होंने लिखा है कि मैं उम्मीद करता हूं कि मेरे साथी अब अफवाहें नहीं फैलाएंगे। सत्य की विजय जरूर होगी।

गौरलतलब है कि प्रशांत भूषण का यह बयान उसके बाद आया है, जिसमें आप की तरफ से प्रशांत भूषण, शांति भूषण और योगेंद्र यादव को पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने की बात कही गई थी। यहां तक कहा जा रहा है कि ये लोग चाहते थे कि पार्टी दिल्ली में सरकार न बना पाए। यहां तक कि योगेंद्र यादव के ऊपर आरोप लगाया गया है कि वे समाचार पत्रों में अरविंद केजरीवाल के खिलाफ खबरें लगवाते थे और पार्टी को हराने में लगे थे। पार्टी की तरफ से प्रशांत और शांति भूषण के खिलाफ भी आरोप लगाए गए हैं।

उधर, आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुई शाजिया इल्मी ने कहा है कि योगेंद्र और प्रशांत भूषण पर लगाए ये आरोप निराधार हैं। आप के इस बयान पर कोई भरोसा नहीं कर सकता है कि योगेंद्र और प्रशांत आप को हरना और भाजपा को जिताना चाहते थे। अगर ऐसा था तो इन्हें चुनाव के दौरान यह बात सार्वजनिक करनी चाहिए थी। सच तो यह है कि जो व्यक्ति पार्टी की पारदर्शिता, फंड और प्रत्याशियों के चयन के बारे में सवाल करेगा उसको बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।

वहीं, आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने कहा है कि योगेंद्र यादव औऱ प्रशांत भूषण दोनों यह चाहते थे कि मनीष सिसोदिया और गोपाल राय को पीएसी से बाहर कर दिया जाए।

काबुल। भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर बुधवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंचे। अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला, पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई सहित कई वरिष्ठ अफगान नेताओं से उन्होंने मुलाकात की। इस दौरान अफगान नेताओं ने भारत को “पंसदीदा साथी” बताया।

अधिकारियों ने बताया कि इन मुलाकातों के दौरान कई क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई। अफगानिस्तान में सुरक्षा के हालात और भारत के सहयोग से चल रहे विकास कार्यों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इस दौरान अफगानी नेताओं ने अपने देश में स्थिरता और सुरक्षा को लेकर भारत की भूमिका के संबंध में भी विचार साझा किए।

अफगानिस्तान जयशंकर की चार देशों की दक्षेस यात्रा का अंतिम पड़ाव है। काबुल हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी वरिष्ठ अफगान अधिकारियों और भारतीय राजदूत अमर सिन्हा ने की।

बता दें कि 28 जनवरी को विदेश सचिव का पदभार संभालने वाले जयशंकर ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के चार देशों की अपनी यात्रा रविवार को शुरू की थी। सबसे पहले वह भूटान गए और उसके बाद सोमवार को बांग्लादेश तथा मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचे थे। विदेश सचिव का दक्षेस देशों का दौरा पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाने की भारतीय नीति का हिस्सा है।

न्यूयॉर्क । भारत को धार्मिक सहिष्णुता का पाठ पढ़ाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के अपने ही देश में संस्कृत में प्रार्थना पर हंगामा हो गया। इदाहो राज्य के सीनेट में मंगलवार को हुई प्रार्थना का विरोध करने वाले लोग आम आदमी नहीं बल्कि सीनेटर हैं।

यूनिवर्सल सोसायटी ऑफ हिंदूइज्म के अध्यक्ष राजन जेड ने सीनेट में यह पूजा कराई। उन्होंने कहा कि संस्कृत और अंग्रेजी में प्रार्थना का मकसद व्यक्तिगत लाभ की चिंता किए बिना दूसरों की भलाई के लिए सीनेटरों को काम करने के लिए प्रेरित करना था।

सीनेट के प्रोटेम अध्यक्ष ब्रेंट हेल ने उन्हें इसके लिए आमंत्रित किया था। हिल ने कहा, मैंने इस प्रार्थना की समीक्षा की। मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगा। इसमें तो परमेश्र्वर की बात की गई है।

इदाहो स्टेटसमैन अखबार के अनुसार तीन रिपब्लिकन सीनेटर ने इसका बहिष्कार किया। जेड द्वारा प्रार्थना शुरू करने से पहले ही सीनेटर स्टीव विक सदन से बाहर निकल गए। उन्होंने इसे अमेरिका की संस्कृति की तौहीन बताया। एक अन्य सीनेटर शर्ली न्यूकसोल ने अमेरिका को ईसाई राष्ट्र बताते हुए इसका बहिष्कार किया।

सियोल। दक्षिण कोरिया में अमेरिकी राजदूत मार्क लिपर्ट पर राजधानी सियोल में धरादार हथियार से हमला हुआ है। बताया गया है कि एक व्यक्ति ने लिपर्ट के चेहरे और कलाई पर धारदार चाकू से हमला किया। पुलिस का कहना है कि हमलावर उस ग्रुप का सदस्य है जिसकी मांग है दोनों कोरिया का विलय।

हमले के तत्काल बाद लिपर्ट को अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है। हमले से लिपर्ट का चेहरा लहूलुहान हो गया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। जिस समय उनपर हमला किया गया वह एक कर्यक्रम में लेक्चर देने जा रहे थे।

वहां मौजूद पुलिस ने हमलावर किम की जोंग को तत्काल दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि हमला जानलेवा नहीं था। लिपर्ट का अस्पताल में ऑपरेशन किया गया जहां उनकी हालत अब बेहतर है।

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