Saturday, December 15, 2018
संपादकीय

पुलिस ने शिल्पा शेट्टी द्वारा अपनी कंपनी में यहां की एक कंपनी को नौ करोड़ रुपए का निवेश करने के लिए फुसलाने को लेकर मिली एक शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। शेक्सपीयर सरणी थाने में एमके मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि देबाशीष गुहा की शिकायत के आधार पर मुंबई के बांद्रा के एसेंसिएल स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड की शिल्पा व ऋपू सदन कुंद्रा के खिलाफ मामला शुरू किया गया है।

४ जंतर-मंतर पर गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, जयराम रमेश, अंबिका सोनी, राज बब्बर व अहमद पटेल ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित ४ आजाद ने राज्यसभा में भूमि अधिग्रहण विधेयक को पारित होने से रोकने का किया वादा ४ सोनिया, मनमोहन व 10 दलों के नेता आज राष्ट्रपति भवन तक करेंगे मार्च, प्रणब मुखर्जी को सौंपेंगे ज्ञापन। कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता सोमवार कोकेंद्र के भूमि अधिग्रहण विधेयक का विरोध करते हुए सड़क पर उतरे जहां उनकी पुलिस के साथ झड़प हुई। पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार को किसान विरोधी करार दिया। जंतर-मंतर से संसद मार्ग की ओर बढ़ रहे कार्यकर्ताओं ने अवरोधकों को तोड़ने का प्रयास किया जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया व वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इससे भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह सहित कुछ लोग घायल हो गए। उधर व्यापक विपक्ष की एकता का संदेश देेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह सहित 10 राजनीतिक दलों के नेता मंगलवार को संसद भवन से राष्ट्रपति भवन तक मार्च करेंगे और नए भूमि विधेयक के खिलाफ राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को ज्ञापन सौंपेंगे। मार्च का समन्वय जदयू अध्यक्ष शरद यादव द्वारा किया जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार कोकेंद्र और सभी राज्य सरकारों से कहा कि उन्हें इस आदेश का पालन करना होगा कि भारतीय विशेष पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी आधार कार्ड के अभाव में किसी भी व्यक्ति को लाभों से वंचित या परेशान नहीं किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति जे. चेलामेश्वर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय खंडपीठ ने कहा कि इस बीच, हमारे संज्ञान में लाया गया है कि विभिन्न प्राधिकार आधार पहचान पत्र के लिए दबाव डाल रहे हैं। हम किसी घटना विशेष का जिक्र नहीं कर रहे हैं। हम केंद्र और राज्यों तथा सभी प्राधिकारियों से अपेक्षा करते हैं कि वे 23 सितंबर, 2013 के आदेश का पालन करेंगे। कोर्ट ने इससे पहले कहा था कि कुछ प्राधिकारियों ने एक प्रपत्र जारी करके आधार को अनिवार्य बनाया है लेकिन इसके बावजूद किसी भी व्यक्ति को आधार कार्ड नहीं होने की वजह से परेशानी नहीं होनी चाहिए। मामले की सुनवाई शुरू होते ही एक याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमणियम ने कहा कि न्यायालय के आदेश के बावजूद प्राधिकारी पट्टा विलेख और विवाह पंजीकरण आदि के मामलों में आधार कार्ड के लिए जोर दे रहे हैं और यह गंभीर चिंता का विषय है। न्यायाधीशों ने कहा कि इस तरह की घटनाएं हमारे संज्ञान में भी आई हैं। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसीटर जनरल रंजीत कुमार से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि उसके पहले के आदेश का प्राधिकारी पालन करे। न्यायालय ने कहा कि इसके लिए आपके पास कोई बहाना नहीं है। सॉलिसीटर जनरल ने कहा कि केंद्र सरकार सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को इस बारे में पत्र लिखेगी। सॉलिसीटर जनरल ने बाद में न्यायालय से कहा कि सभी राज्य इस मामले में पक्षकार हैं और ऐसी स्थिति में उन्हें न्यायिक आदेश पर अमल सुनिश्चित करने के लिए कहा जा सकता है और जिलाधिकारियों जैसे अधिकारियों को इस बारे में सूचित किया जा सकता है।

इस मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीशों ने कहा कि इस परिपत्र के अनुसार, बंबई हाईकोर्ट के न्यायाधीशों को भी प्राधिकारियों को आधार नंबर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था। हालांकि एक वकील ने कहा कि यह मुद्दा अब खत्म हो गया है। न्यायालय वेतन, भविष्य निधि वितरण ओर विवाह तथा संपत्ति के पंजीकरण सहित अनेक मामलों में आधार कार्ड को अनिवार्य बनाए जाने के कुछ राज्य सरकारों के निर्णय के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है। इस मामले में कोर्ट अब जुलाई के दूसरे सप्ताह में आगे विचार करेगा। शीर्ष अदालत ने सुब्रमणियम से कहा कि वह निश्चित मामले का जिक्र करते हुए कोर्ट के आदेश के कथित उल्लंघन के लिए अंतरिम अर्जी दाखिल कर सकते हैं। न्यायाधीशों ने कहा कि इस तरह का सामान्य आदेश उपयोगी नहीं होगा। हम आदेश पर अमल सुनिश्चित करने के लिए इस मामलेविशेष पर गौर करेंगे। इससे पहले, न्यायालय ने कहा था कि आधार कार्ड अनिवार्य नहीं होगा और यदि किसी व्यक्ति के पास आधार नहीं है तो उसे सरकारी लाभों और गैस कनेक्शन, वाहन पंजीकरण ओर भविष्य निधि जैसी सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकता है। कोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा था कि अवैध विस्थापितों को आधार कार्ड जारी नहीं किए जाएं क्योंकि इससे उनका प्रवास वैध हो जाएगा।

दस दिन की प्राकृतिक चिकित्सा के बाद पुरानी खांसी व मधुमेह से निजात पाकर भले चंगे हुुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी पहुंच गए। केजरीवाल ऐसे वक्त में कामकाज से दूर थे, जब उनकी आम आदमी पार्टी दिल्ली में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाने के बाद भारी अंतर्कलह से जूझ रही थी। उधर पार्टी के राजनीतिक मामलों की समिति से निकाले गए प्रशांत भूषण ने केजरीवाल की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए उनसे मिलने का समय मांगा है। वहीं आप ने सोमवार को पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण पूर्व विधायक राजेश गर्ग को निलंबित कर दिया। बंेगलुरु के जिंदल नेचर केयर से छुट्टी पाए आप संयोजक केजरीवाल ने कहा कि उनकी खांसी चली गई व शर्करा नियंत्रण में है। वह पांच मार्च को जिंदल नेचर केयर में अपने माता-पिता के साथ इलाज कराने गए थे। उन्होंने ट्वीट किया कि खांसी खत्म, शर्करा स्तर नियंत्रण में। तरोताजा और चंगा महसूस कर रहा हूं। वहीं आप का एक धड़ा योगेंद्र व प्रशांत को पार्टी से निकालने की मुहिम में लगा है। इसके लिए विधायकों के बीच हस्ताक्षर अभियान तक चल चुका है। प्रशांत भूषण ने कहा कि यदि केजरीवाल तैयार हो जाते हैं वह यादव के साथ उनसे मुलाकात कर सकते हैं। भूषण ने कहा मैंने कहा है कि मैं उनसे जल्द से जल्द मिलना चाहता हूं ताकि हम मिल बैठकर उत्पन्न इन समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करें। यादव के नजदीकी सूत्रों ने बताया कि यह संदेश सुबह में दोनों नेताओं की ओर से भेजा गया था। दूसरी ओर गर्ग द्वारा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर पिछले साल सरकार बनाने के लिए छह कांग्रेसी विधायकों को तोड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाने और बार-बार पार्टी के खिलाफ काम करने के कारण पार्टी ने उन्हें निलंबित करने का निर्णय लिया।

 

यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से फसलों को हुई भारी क्षति से उत्पन्न स्थिति को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में प्रदेश सरकार किसानों को हर संभव मदद पहुंचाने के लिए गंभीर है। उन्होंने मुख्य सचिव को किसानों को तत्काल सहायता राशि वितरित करने के निर्देश देते हुए कहा है कि क्षति का आकलन सहायता राशि वितरण के साथ ही किया जाए जिससे किसानों को जल्द सहायता राशि मिल सके। मुख्यमंत्री ने राज्य आकस्मिकता निधि से तत्काल 200 करोड़ रुपए देने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश देते हुए कहा है कि मुख्य देयों की वसूली तत्काल स्थगित की जाए तथा वसूली में किसी भी प्रकार की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा नुकसान के सापेक्ष दी जाने वाली दैवीय आपदा राहत राशि से दो गुना अधिक राशि राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से किसानों को उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को भी निर्देश दिया है कि जिन स्थानों पर फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गई हैं वहां किसानों को वैकल्पिक फसल प्राप्त करने के लिए बड़े पैमाने पर तत्काल जायद फसलों के लिए गुणवत्तायुक्त बीज वितरित किए जाएं। इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि किसी किसान की बेमौसम बरसात तथा ओलावृष्टि के कारण असमायिक मुत्यु हुई है तो ऐसे किसान के परिवार को 5 लाख रुपए की धनराशि तत्काल आर्थिक सहायता के रूप में दी जाए। मुख्यमंत्री ने बेमौसम बरसात से हुए नुकसान की जानकारी प्राप्त करते हुए निर्देश दिया है कि सबसे अधिक प्रभावित 25 जनपदों में सहायता राशि वितरित करने के लिए प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों को नामित किया जाए और उन्हें निर्देश दिया जाए की कि वे तत्काल मौके पर पहुंचकर अपने समक्ष राहत राशि का वितरण कराएं। उन्होंने इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही। सूबे के मुखिया और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को चंद्रभानु गुप्ता कृषि महाविद्यालय में चल रहे तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के समापन पर कार्यकर्ताओं को समाजवादी विचारधारा के जरिए संघर्ष का रास्ता अख्तियार करने को कहा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष ही है जो व्यवस्था परिवर्तन तक ले जाता है। उन्होंने अनुशासन की सीख देते हुए कहा कि कार्यकर्ता ऐसा आचरण पेश करें कि उसका प्रभाव समाज पर पड़े। समाजवादी विचाराधारा से ज्यादा से ज्यादा तादात में लोगों को जोड़ें। मुख्यमंत्री ने शिविर में प्रशिक्षु कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा विचारधारा, संघर्ष तथा संगठन के बलबूते सरकारें बनती हैं। सरकार द्वारा किए जा रहे कामों की जानकारी जनता तक पहुंचाना कार्यकर्ताओं का काम होता है। इस लिहाज से प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को बहुत अच्छी जानकारियां मिली होंगी। उन्होंने कहा कि शिविर में वरिष्ठ नेताओं ने समाजवाद के बारे में पूरी जानकारी दी होगी। इन्ही वरिष्ठ समाजवादियों के संघर्ष के बलबूते समाजवाद की विचारधारा देश ही नहीं विदेशों में भी लोकप्रिय हो गई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए किसानों के लिए अलग से 200 करोड़ रुपए की निधि बनाने की घोषणा की, जिससे दैवीय आपदा के समय किसानों की फौरन मदद हो सके। सरकार गाय पालकों को प्रोत्साहित करने के लिए गो दुग्ध पर विशेष बोनस की योजना बना रही है।

कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाते हुए उन्होंने कहा कब, क्या बोलना है तथा बेवजह प्रोपेगंडा से बचना है। मुख्यमंत्री ने पूर्व मंत्री तथा शिविर आयोजक भगवती सिंह को सफलता पूर्वक आयोजन के लिए बधाई दी। प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने समाजवाद के संघर्ष के इतिहास पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि संघर्ष सत्ता के बजाय सामाजिक परिवर्तन के लिए किया जाता है। समाजवाद पर सबसे बड़ा खतरा सांप्रदायिकता का है। शिविर में तीसरे दिन भारतीय समाज व नारी पर एमएलए शादाब फातिमा ने व अरुण कुमार ने समाजवादी शहरी नीति के बारे में बताया। समापन समारोह में अशोक बाजपेयी तथा अरविंद सिंह गोप मौजूद रहे।

समाजवादी आंदोलन, स्वतंत्रता संग्राम के साथ ही आगे बढ़ा है। देश का इतिहास साक्षी है कि बीसवीं शताब्दी में जैसे स्वराज व स्वतंत्रता की मांग जोर पकड़ने लगी वैसे ही समाजवादी विचारधारा के प्रति भारतीयों का विश्वास भी बढ़ता गया। यह बात प्रदेश के लोकनिर्माण एवं सहकारिता मंत्री शिवपाल यादव ने राजधानी के बख्शी का तालाब में चल रहे कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर में कहीं। श्री यादव ने कार्यकर्ताओ को यह भी बताया कि इस शिविर का आयोजन इसलिए किया गया है ताकि पार्टी के कार्यकर्ता समाजवाद के गुण सीखे और यहां से जाकर अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों के बीच काम करे। अपने उदबोधन में श्री यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी गरीब, किसान, छात्र, मजदूर सबके हित के लिए काम कर रही है, लेकिन कार्यकर्ता इसका प्रचार नहीं कर पा रहा है, जबकि अन्य पार्टियों में काम कम बातें ज्यादा की जाती है। कार्यक्रम में मौजूद कबिनेट मंत्री अंबिका चौधरी ने भी देश में समाजवाद की प्रासंगिता व पार्टी की नीतियों की जानकारी दी। प्रशिक्षण शिविर के दूसरे सत्र में सपा के रास्ट्रीय महासचिव अशोक बाजपेई ने समाज में बढत़ी हुई सांप्रदायिकता व राजनीतिक दलों की भूमिका पर प्रकाश डाला। शिविर में कार्यकर्ताओं को आज की शिक्षा तथा रोजगार को और बेहतर कैसे करें इसकी भी विस्तृत जानकारी दी गई। शिविर के आयोजक वरिष्ठ समाजवादी नेता एवं पूर्व मंत्री भगवती सिंह ने बताया कि 14 मार्च से शुरू इस तीन दिवसीय शिविर का समापन सोमवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कार्यकर्ताओ को प्रमाण पत्र वितरित कर करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में कार्यरत विकास अधिकारियों (डीओ) को औद्योगिक विवाद कानून के प्रावधानों के तहत कामगार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। न्यायमूर्ति दीपक मिश्र और न्यायमूर्ति प्रफुल्ल सी. पंत की खंडपीठ ने इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। हाईकोर्ट ने कहा था कि बीमा निगम के विकास अधिकारियों को कामगार नहीं माना जा सकता। शीर्ष अदालत ने कहा कि औद्योगिक विवाद कानून की धारा 2 (एस) के तहत जीवन बीमा निगम के विकास अधिकारी कामगार नहीं है और इसलिए उसे हाईकोर्ट के फैसले में कोई त्रुटि नजर नहीं आती कोर्ट जीवन बीमा निगम के कुछ विकास अफसरों की अपील पर सुनवाई कर रहा था। इन अधिकारियों ने हाईकोर्ट के फैसले का ेचुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने औद्योगिक न्यायाधिकरण के फैसले को उलट दिया था। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि विकास अधिकारियों को संबंधित कानून के तहत कामगार नहीं माना जा सकता है और इसलिए श्रमिक अदालत को इस विवाद की सुनवाई का अधिकार नहीं है। न्यायाधिकरण में बीमा निगम ने इस कार्यवाही की विचारणीयता पर सवाल उठाते हुए दलील दी थी कि विकास अधिकारियों को इस कानून के तहत कामगार की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। लेकिन न्यायाधिकरण ने विचारणीयता के मुद्दे को अस्वीकार करते हुए इस मामले में विकास अधिकारियों के पक्ष में फैसला सुनाया और निर्देश दिया था कि उन्हें वेतनमान में बहाल करने के साथ ही बकाया राशि का भुगतान किया जाए।

उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में रविवार को हुई बारिश तथा ओले गिरने से किसानों की परेशानियां बढ़ गईं। राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के जिलों में चमक और गरज के साथ तेज बारिश हुई, जबकि शाहजहांपुर, फैजाबाद, अम्बेडकरनगर, सीतापुर और कुछ अन्य जिलों में ओले गिरने की सूचना है। बारिश और ओलों से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। गेहूं, सरसों और दलहनी फसलें बर्बाद होने की कगार पर हैं। रविवार को लखनऊ का अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। यह सामान्य 7 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 15.7 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। एक सप्ताह पहले फसलों के लिए तबाही बनी बेमौसम बारिश ने शनिवार रात फिर उत्तर प्रदेश में दस्तक दी। रविवार को दिनभर रह-रहकर वर्षा होती रही। रात में तेज बारिश हुई। जानकारी के अनुसार फसल की बर्बादी देख चार किसानों की सदमे से मौत हो गई जबकि एक ने फांसी लगाने की कोशिश की। आकाशीय बिजली की चपेट में आकर तीन लोगों की मौत हो गई जबकि दो झुलस गए। बुंदेलखंड, कानपुर, उन्नाव और फतेहपुर समेत कई जिलों में बारिश के साथ ही ओले गिरे जिससे फसलों को व्यापक क्षति पहुंची है। इस बीच मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ का असर सोमवार को भी रहेगा। धूप के बीच बंूदाबांदी की संभावना है। अपनी फसलें बर्बाद होते देख आगरा के खंदौली के उस्मानपुर गांव में किसान राजेंद्र धाकरे और अछनेरा के बमरौद गांव में किसान शंकर सिंह की मौत हो गई। फीरोजाबाद के नैपई गांव में किसान रहीस पाल की हार्टअटैक से मौत हो गई। फर्रुखाबाद में गांव नगला घुरुआ निवासी रामकिशोर यादव आलू के खेत में मृत मिले। शनिवार रात वह खेत में आलू के ढेर पर पॉलीथिन डालने गए थे। परिजनों के मुताबिक आलू खराब होने के सदमे के कारण उनकी मौत हुई है। .महोबा में एक किसान ने बर्बाद फसल देख घर आकर फांसी लगाने की कोशिश की लेकिन समय रहते परिजनों ने बचा लिया और अस्पताल में दाखिल कराया। आगरा में आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति झुलस गया। मथुरा में बारिश से रंग मंदिर में 175 साल पुरानी परंपरा टूट गई।

 

नई दिल्ली (एजेंसियां)। वरिष्ठ सांसद और जदयू नेता शरद यादव महिलाओं पर अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिर गए हैं। शुक्रवार को राज्य सभा में बीमा बिल पर चर्चा के दौरान शरद यादव ने बहस के बीच ही अचानक दक्षिण की महिलाओं के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दक्षिण की महिलाएं सांवली तो होती हैं, लेकिन उनकी बॉडी खूबसूरत होती है, हालांकि बाद में शरद यादव ने अपनी टिप्पणी का यह कहते हुए बचाव किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं कहा है। शरद यादव जब बीमा बिल पर बोलने के लिए उठे तो उन्होंने बीच में बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश 26 से 49 फीसदी करने के प्रस्ताव को गोरी चमड़ी को लेकर भारतीयों की सनक से जोड़ दिया। शरद यादव ने कहा कि भारतीय गोरी चमड़ी के आगे किस तरह सरेंडर करते हैं यह निर्भया डॉक्युमेंट्री बनाने वाली लेस्ली उडविन से पता चलता है. यहां तो वाइट चमड़ी वालों को तो देखकर आदमी दंग रह जाता है। मेट्रोमोनियल देखो तो उसमें लिखा है कि गोरी चमड़ी चाहिए। अरे आपका भगवान सांवला था। इसके बाद वह दक्षिण भारतीय महिलाओं की चर्चा करने लगे, उन्होंने कहा, ‘साउथ की महिला जितनी ज्यादा खूबसूरत होती है, जितना ज्यादा उसका बॉडी… जो पूरा देखने में… यानी इतना हमारे यहां नहीं होती है…वह नृत्य जानती हैं….।’ शरद की इस टिप्पणी पर जहां अधिकतर सांसद ठहाके लगा रहे थे, वहीं एक महिला सांसद ने विरोध किया।

कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण इस पड़ोसी देश के साथ गठजोड़ मजबूत करने के उद्देश्य से कई पहलों की घोषणा भी की गई। दोनों देशों के बीच वीजा, सीमा शुल्क, युवा विकास व श्रीलंका में रवींद्रनाथ टैगोर स्मारक बनाने से जुड़े चार करार हुए। आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की अपनी इच्छा जताते हुए दोनों देशों ने उत्पाद शुल्क सहयोग पर एक समझौते के तहत दोनों पक्षों पर गैरशुल्क बाधाएं कम करने तथा कारोबार आसान बनाने के लिए कदम उठाए। आरबीआई व श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के बीच 1.5 अरब डॉलर की मुद्रा अदला-बदली पर सहमति भी बनी। श्रीलंका के त्रिंकोमाली शहर को पेट्रोलियम पदार्थों का एक बड़ा क्षेत्रीय केंद्र बनाने में भारत मदद करेगा। इसके तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और श्रीलंका के सिलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के बीच समझौता हुआ है।

कोलंबो (भाषा)। भारत और श्रीलंका की सुरक्षा को अविभाज्य बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार कोसमुद्री सुरक्षा व आतंकवाद निरोधक कार्रवाई के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की पुरजोर वकालत की। मोदी ने श्रीलंका की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीलंका की एकता व अखंडता भारत के लिए सर्वोपरि है व हालिया चुनावों ने देश में बदलाव और सुलह की उम्मीद झलकाई है। उन्होंने श्रीलंका की विकास यात्रा में भारत की ओर से पूरे समर्थन की घोषणा भी की। मोदी यहां की संसद मंे भाषण देने वाले चौथे भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी व मोरारजी देसाई श्रीलंकाई संसद को संबोधित कर चुके हैं। मोदी ने यह संदेश दिया कि भारत शांति व समन्वय की अपनी नई यात्रा में तमिलों के लिए समानता, न्याय, शांति व गरिमापूर्ण जीवन का समर्थन करता है। गौरतलब है कि पिछले 28 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। इससे पहले राजीव गांधी 1987 में यहां आए थे और उनके दौरे के बाद दोनों देशों के संबंधों में कई मोड़ आए हैं और चीन ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया। (शेष पेज-2 पर)

४ तमिलों के लिए शांति और गरिमापूर्ण जीवन का किया समर्थन ४ मछुआरों के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी ने सिरिसेना से की वार्ता, जताई समाधान की उम्मीद ४ इससे पहले नेहरू, इंदिरा व मोरारजी इस पड़ोसी देश की संसद को कर चुके हैं संबोधित

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