Tuesday, December 11, 2018
भारत

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बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में शराब पीकर बारात लाना एक दूल्हे के लिए काफी महंगा साबित हुआ। नशे में धुत दूल्हे को देखकर दुल्हन ने शादी करने से ही इनकार कर दिया। अपनी बेटी की अरमानों के आगे दुल्हन का पिता भी हंसी-खुशी राजी हो गया और शराबी बारातियों को खाली हाथ लौटा दिया। रोशनी नाम की इस लड़की ने महज दसवीं तक पढ़ाई की है पर वह अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित है। यही वजह है कि उसने साहसी कदम उठाते हुए शराबी दूल्हे को ठुकराकर बारातियों को खाली हाथ लौटने पर मजबूर कर दिया।
रोशनी की शादी करीब 1 साल पहले विक्की यादव से तय हुई थी। विक्की बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर है। तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार को उनकी शादी होनी थी। परिवार के सभी सदस्य बारातियों का स्वागत करने में जुटे हुए थे। वहीं दुल्हन रोशनी सज-धजकर तैयार बैठी थी। बारात स्वागत होने के बाद जैसे ही दूल्हा विक्की मंडप में पहुंचा वह लड़खड़ाने लगा। उसकी हरकतों को देखकर रोशनी समझ गई कि उसका होने वाला पति शराब की नशे में धुत है।

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नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना ने पिछले दिनों अपने रडार पर पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत की ओर उड़ कर आती एक अज्ञात चीज (यूएफओ) देखी। जिसके तुरंत बाद एक सुखोई-30 एमकेआइ विमान को इसकी तलाश में भेजा गया। इस क्रम में यह सुखोई उस इलाके में उड़ रहे दो नागरिक विमान के करीब जा पहुंचा।

वायुसेना के सूत्रों ने बताया कि पिछले हफ्ते की शुरुआत में हमारे रडारों ने अमृतसर के पास एक यूएफओ देखा था जो पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा से भारत की ओर आ रहा था। उसके बाद उसे पकड़ने के लिए तत्काल सुखोई-30 एमकेआइ रवाना किया गया। उसे भेजने से पहले एयर ट्रैफिक को 25 से 30 हजार फीट की ऊंचाई पर रास्ता साफ रखने को कहा गया क्योंकि यूएफओ 28 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था।

आस्ट्रेलिया में दिखाई दिया यूएफओ

सुखोई ने उस यूएफओ को मौसम का हाल पता लगाने वाला बैलून के रूप में पाया जो हवा के रुख के साथ उड़ रहा था। बीस मिनट की उड़ान के बाद सुखोई लौट आया। खबरों से पता चला है कि थाई एयरवेज और एक अन्य विदेशी एयरलाइंस के विमान सुखोई से दस नॉटिकल मील की दूरी पर उड़ान भर रहे थे।

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नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में नरेंद्र मोदी की लखनऊ रैली के साथ ही जमीनी स्तर पर घर- घर तक मोदी को पहुंचाने की कवायद तेज हो जाएगी। 15 दिन में राज्य के आठ हजार से ज्यादा गांवों से मोदी का चुनावी रथ गुजरेगा। लगभग गुजरात चुनाव की तर्ज पर ही आधुनिक तकनीकी साजो समान से सजा मोदी का 3डी रथ जनता तक उनका संदेश पहुंचाएगा, उनकी रैलियां दिखाएगा और यह भरोसा देगा कि भाजपा आई तो विकास तय है।

उप्र की कमान संभाल रहे मोदी के विश्वस्त और सिपहसालार अमित शाह ने चुनावी गोटियां बिछानी शुरू कर दी है। दो मार्च को प्रदेश में तय भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की आठ बड़ी रैलियां खत्म हो जाएंगी। संभवत: उससे पहले ही कुछ उम्मीदवारों के भी नाम तय हो सकते हैं। ऐसे में जमीनी प्रचार की रूप रेखा तैयार हो गई है। ‘घर घर चलो’ और ‘मोदी फॉर पीएम’ अभियान तो पहले से चल रहा है।

शाह मथ चुके हैं 62 जिले

बताते हैं कि खुद अमित शाह प्रदेश के 62 जिलों में रात्रि विश्राम कर चुके हैं। यह भी ध्यान रखा जा रहा है कि विश्राम या भोजन कार्यकर्ताओं के ही आवास पर हो। दूसरे नेताओं को भी ऐसे ही कार्यक्रम की सलाह दी गई है। प्रचार में भी आधुनिक तकनीक के हिमायती रहे मोदी की ‘चाय पर चर्चा’ की शुरूआत हो गई है जिसमें वह खुद ही जनता के सवालों का जवाब देते हैं। इसके जरिए दो करोड़ लोगों से सीधा संपर्क साधने की कोशिश है।

घर-घर मोदी

दूसरी तरफ शाह ने उप्र के हर गांव को मथने की तैयारी कर ली है। बताते हैं कि ऐसे 55 ट्रक मोदी रथ के रूप में तैयार हो रहे हैं जिसमें एलइडी स्क्रीन लगा होगा। ‘हर हर मोदी, घर घर मोदी’ के नारे के साथ हर ट्रक रोज 10 गावों में जाएगा। खास तौर पर तैयार किया गया ‘मोदी आने वाला है’ का वीडियो संगीत, बैनर, पोस्टर हर गांव तक पहुंचेगा। पहले 15 दिनों में आठ हजार से ज्यादा गावों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। ध्यान रहे कि उत्तर प्रदेश में भाजपा कम से कम 40 सीटों का लक्ष्य लेकर चल रही है। बताते हैं कि इसी तर्ज पर बिहार और दूसरे अहम राज्यों में भी मोदी का जमीनी चुनाव प्रचार तेज होगा। ध्यान रहे कि आगामी चुनाव में ऐसे युवाओं की बड़ी पीढ़ी तैयार हो गई है जो लोकसभा के लिए पहली बार वोट डालेंगे। जबकि पिछले दिनों में महिलाओं का उत्साह खूब दिखा है। ऐसे में कोशिश होगी कि चुनावी रथ के जरिए इन दो वर्गो को साधा जाए।

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पटना। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उनकी पार्टी के 13 विधायकों ने बागी तेवर अपनाए।
हालांकि इनमें से छह विधायकों ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर पार्टी के नेतृत्व में आस्था व्यक्त करते हुए धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
बिहार विधानसभा में राजद विधायक दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी ने पूरे मामले में सत्तारूढ़ नीतीश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल अल्पमत में है। इस कारण ऎसी अफवाएं फैलाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि मंगलवार को दोपहर 12 बजे विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसके बाद सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
सिद्दिकी ने कहा कि राजद में किसी प्रकार की फूट नहीं हैं। कुछ विधायक क्षेत्र में गए हैं, वे भी मंगलवार को आ जाएंगे। उन्होंने कहा कि हो सकता है एक-दो विधायक छिटक गए हों जिनकी दल-बदल नियम के तहत विधायकी भी जाएगी।
इधर, बागी होने वाले विधायकों की सूची में शामिल ललित यादव ने विधायक सम्राट चौधरी पर धोखधड़ी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने दलबदल से संबंधित किसी भी पत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।
इसके पूर्व राजद के बागी विधायक सम्राट चौधरी ने दावा किया कि 13 विधायकों ने पार्टी से अलग होने का पत्र दिया है। उन्होंने दावा किया कि सभी विधायकों की एक बैठक हुई और ऎसा निर्णय लिया गया।
इधर, बागी विधायक जावेद अंसारी ने कहा कि राजद ने धर्मनिरपेक्षता के नाम पर कांग्रेस के दरवाजे पर घुटने टेके हैं। उन्होंने जनता दल-युनाइटेड को समर्थन देने की भी बात कही।
उन्होंने कहा कि पार्टी से अलग होने वाले विधायकों में सम्राट चौधरी, जावेद अंसारी, राघवेन्द्र नारायण सिंह, अनिरूद्ध कुमार के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अभी और लोग आ सकते हैं।
इधर, राजद के महासचिव रामकुपाल यादव ने कहा कि यह सुनने में आ रहा है, लेकिन उन्हें इस बारे में कोई भी आधिकारिक खबर नहीं मिली है। उल्लेखनीय है कि बिहार में राजद के 22 विधायक हैं।

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लखनऊ।
कांग्रेस के वरिष्ठ  नेता एंव केन्द्रीय इस्पातमंत्री बेनी प्रसाद वर्मा ने पार्टी द्वारा प्राइमरी सिस्टम से प्रत्याशी तय करने का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मैं राहुल गांधी का बहुत सम्मान करता हूं लेकिन मुझे यह कहने में कोई हिचक नहीं है कि लोकसभा टिकटों की नीलामी नहीं होनी चाहिए। खासतौर पर उन्होंने अंबेडकरनगर और सन्तकबीरनगर जिले का उल्लेख किया। वहीं बेनी ने पार्टी हाईकमान पर हमला करते हुए कहा कि पार्टी उनका पूरी तरह से इस्तेमाल नहीं कर रही है। बेनी सोमवार को यहंा इस्पात मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।

बेनी ने कहा कि कांग्रेस देश की सबसे बड़ी पार्टी हैं और इसमें बड़े बड़े खिलाड़ी हैं दुर्भाग्य है कि कांग्रेस उनका पूरा इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि 30 वर्ष में पहली बार मुसलमान कांग्रेस को वोट देना चाहता है। कांग्रेस के रिवाइल के लिए इससे अच्छा मौका फिर कभी नहीं मिलेगा। जब उनसे पूछा गया कि २८ फरवरी को पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की उनके गृह जिले बाराबंकी और फैजाबाद में होने वाली पदयात्रा में वे रहेंगे तो उन्होंने कहा कि मेरा रहना जरूरी नहीं है। क्योंकि इस बार मैं गोंडा से चुनाव लड़ूंगा और ये जिले मेरे संसदीय जिले नहीं हैं। गौरतलब है कि बाराबंकी से केन्क्रीय अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष पीएल पुनिया और फैजाबाद से डॉ. निर्मल खत्री सांसद हैं। सूत्रों के अनुसार इन दोनों से वर्मा के राजनीतिक संबंध ठीक नहीं है। वर्मा ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वे छात्र बधाई के पात्र हैं जिन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव का बहिष्कार किया। छात्र जानते हैं कि ये जनता को मूर्ख बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता नरेन्द्र मोदी और मुलायम सिंह यादव मिलकर प्रदेश की जनता को मूर्ख बनाना चाहते हैं। मोद, मुलायम और केजरीवार की एक ही दिन में रैली के सवाल के जवाब में वर्मा ने कहा कि एक ही दिन रैली रखकर यादव बताना चाहते है कि की मोदी से वही लड़ रहे है।

उन्होंने कहा कि दारूल उलूम नदवा से उनका बुलावा आया है। वहां के प्रिंसिपल से वह जल्दी ही मिलने जाएंगे। उन्होंने कहा कि मोदी, यादव और दिल्ली के अरविन्द केजरीवाल तीनों ही ढपोरॠंख हैं ये तीनों ही झूठ बोलते हैं। केजरीवाल पहले कहते थे कि न समर्थन देंगे और न ही लेंगे लेकिन कांग्रेस से समर्थन लेकर मुख्यमंत्री बन गए। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में भी कोई नहीं मानता था कि कांग्रेस को २२ सीटें मिल जाएंगी। उनका दावा है कि इस बार भी चौकाने वाले परिणाम आएंगे।

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जबलपुर: महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाए गए कड़े कानूनों का दूसरा पहलू भी सामने आ रहा है। ये कानून कुछ पतियों के लिए ही मुसीबत का सबब बन गए। कुछ मामलों में तो पत्नियों की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद पतियों ने संन्यास ही ले लिया। मध्य प्रदेश के जबलपुर में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं।

जबलपुर जिले में पत्नियों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के बाद बीते पांच सालों में 4,500 पति ऐसे फरार हुए कि अब तक उनका पता ही नहीं चल सका, उनमें से कई तो संन्यासी ही बन गए। पत्नियों द्वारा कानून की चाबुक चलाए जाने के बाद संन्यासी बने ऐसे ही कई पति नर्मदा तट पर पूजा-अर्चना व मंदिरों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

महिलाओं पर बढ़ते अत्याचारों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र से लेकर प्रदेश स्तर पर सरकारों ने पिछले वर्षों में काफी सजगता दिखाई और महिलाओं को सुरक्षा एवं उनके अधिकारों को संरक्षण देने के लिए कई कड़े कानून बनाए, कई कानूनों में संशोधन कर उन्हें सख्त बनाया।

पति-पत्नी के बीच विवादों के चलते परिवार टूटने व पतियों के भाग जाने के जो मामले जबलपुर में आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। परिवार परामर्श केंद्र के परामर्शदाता अंशुमान शुक्ला ने बताया कि जबलपुर में बीते पांच वर्ष में आई पारिवारिक विवाद की शिकायतों के बाद से लगभग 4,500 पति लापता हैं।

अंशुमान ने बताया कि जो पति घर छोड़ गए हैं, उनमें से कई तो संन्यासी बन गए हैं। शिकायतकर्ता महिलाओं ने ही आकर उन्हें अपने पति के संन्यासी बनने की खबरें दी हैं। अंशुमान के मुताबिक पत्नियों द्वारा दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए पति भाग जाते हैं और आने वाली मुसीबत से बचने के लिए फिर उनके पास शेष जीवन संन्यासी बनकर बिताने का ही विकल्प रह जाता है।

पत्नी द्वारा थाने में शिकायत किए जाने से परेशान प्रकाश साहू का कहना है कि उसके पिता का हाल ही में निधन हुआ है और पत्नी ने प्रताड़ना की शिकायत थाने में दर्ज करा दी। पत्नी उससे इस शर्त पर तलाक चाहती है कि उसे इसके एवज में रकम दी जाए। इस स्थिति से बचने के लिए वह ऐसा रास्ता खोज रहा है, जिससे वह अपने को मुसीबत से बचा सके।

जबलपुर में यदि पतियों के पत्नी से प्रताड़ित होकर भागने और संन्यासी बनने का सिलसिला इसी तरह जारी रहा, तो आने वाले समय में नर्मदा के तट और मंदिरों में पत्नियों से दूर भागकर संन्यासी बनने वालों की भरमार हो जाएगी।

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