Friday, October 19, 2018
दुनिया

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इस्लामाबाद/नई दिल्ली. मुंबई हमले के मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकी जकी-उर रहमान लखवी को इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने एक बार फिर जमानत दे दी है। 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के आरोपी लखवी को जमानत देते हुए कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी को अवैध करार दिया है। लखवी की रिहाई पर भारत ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।
भारत ने कहा-लखवी को जेल से न निकलने दे पाकिस्तान
गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान को इस बात का एहसास होना चाहिए कि आतंकवादी अच्छे या बुरे नहीं होते। मुंबई हमले के आरोपी लखवी के खिलाफ काफी सबूत हैं जो कि पाकिस्तान को दिए गए हैं लेकिन पाकिस्तानी एजेंसियों ने उन्हें सार्थक तरीके से कोर्ट में नहीं रखा। यह पाकिस्तान की सरकार की जिम्मेदारी है कि लखवी के खिलाफ कड़े कानूनी कदम उठाए जाएं ताकि वह जेल से बाहर नहीं आ सके।
बता दें कि इससे पहले भी इस्लामाबाद में एंटी-टेरिरिज्म कोर्ट लखवी को जमानत दी थी लेकिन उसकी रिहाई होते ही इस्लामाबाद के डिप्टी कमिश्नर ने डिटेंशन ऑर्डर जारी करके 18 दिसंबर 2014 को फिर से लखवी को गिरफ्तार कर लिया था। हाईकोर्ट ने इस ऑर्डर को गैरजरूरी और गिरफ्तारी को अवैध बताया है। फिलहाल लखवी पाकिस्तान की अदिअला जेल में बंद है। लखवी का नाम 26 नवंबर को हुए मुंबई हमले के उन सात आतंकियों में शामिल है जिसपर हमले की साजिश रचने और उसमें मदद करने का आरोप है। लखवी के अलावा इसमें पाकिस्तान में ऑपरेट होने वाले लश्कर के आतंकी हम्माद अमीन सादिक, युनूस अंजुम, शाहिद जमील रियाज, जमिल अहमद, मजहर इकबाल और अब्दुल मजिद का नाम शामिल है।
राज्यसभा में हंगामा, सांसदों ने लखवी को जमानत पर की चर्चा की मांग
पाकिस्तान में आतंकी लखवी को जमानत दिए जाने की निंदा करते हुए शुक्रवार को संसद में सदस्यों ने हंगामा किया। लखवी को जमानत दिए जाने के मुद्दे पर चर्चा की मांग करते हुए राज्यसभा में सदस्यों ने कहा कि मुंबई हमले के दोषियों को सजा देने के मुद्दे पर पाकिस्तान अपना वादा पूरा नहीं कर रहा है। हालांकि राज्यसभा सभापति पीजे कुरियन ने इस मुद्दे पर चर्चा से पहले सदस्यों नोटिस देने को कहा।

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नई दिल्ली। द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए मॉरीशस यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वहां की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2020 तक भारत का 100 GW सोलर ऊर्जा का लक्ष्य है। उन्होंने मॉरीशस को मजबूत बनाने, साइबर सिटी के निर्माण और एक ग्लोबल संस्था बनाने में भी सहयोग करने का वादा भी किया।

पीएम ने आगे कहा कि ”आपके राष्ट्रीय दिवस में आना सम्मान की बात है। स्वतंत्रता दिवस पर हम केवल आजादी का जश्न ही नहीं मनाते, बल्कि आजादी के कारक संघर्ष और बलिदान को भी याद करते हैं। आज भारत के लिए भी विशेष है। आज ही महात्मा गांधी ने दांडी मार्च की शुरुआत की थी।”

उन्होंने कहा कि हम आपके बलिदान को भी याद करते हैं। मॉरीशस ने खुद को एक लोकतंत्र के उज्ज्वल प्रकाश स्तम्भ के रूप में खड़ा किया है। मैं यहां केवल दोनों देशों के रिश्तों में मधुरता का जश्न मनाने के लिए ही नहीं बल्कि आपकी उपब्धियों के सम्मान में भी खड़ा हुआ हूं। उन्होंने कहा कि आज सुबह मैं गंगा तलाब गया, क्योंकि गंगा से मेरा खास नाता है। दोनों देशों में काफी समानताएं हैं। दोनों देशों में एक साथ होली और दिवाली होती है। दोनों देशों में पूर्ण बहुमत की सरकार है। दोनों देशों की संसद में महिला स्पीकर हैं।

साथ ही उन्होंने मॉरीशस की यात्रा को प्रेरणा स्त्रोत बताया और मित्र देश की तारीफ करते हुए कहा कि कृषि अर्थव्यवस्था ने मॉरीशस को आगे बढ़ाया है। मॉरीशस में विकास काबिले तारीफ है। दोनों देशों में दोस्ती का गहरा रिश्ता है। हम लोग मिलकर काम करेंगे। दोनों देश हर मोर्चे पर साथ चलेंगे।

इससे पहले पीएम ने मॉरीशस में विश्व हिंदी सचिवालय की आधारशिला रखी। पीएम ने पोर्ट लुई में भाषण देते हुए कहा कि ”150 साल पहले हमारे पूर्वज मॉरीशस में हिंदी भाषा लेकर आए। इस तरह से भारत की संस्कृति को भी वे अपने साथ लाए थे। मॉरीशस ने हिंदी साहित्य की बहुत सेवा की है और यहां का अपना हिंदी साहित्य है।”

पीएम ने आगे कहा, भाषा की अपनी एक ताकत होती है। भाषा भाव की अभिव्यक्ति का बहुत बड़ा माध्यम है। मातृ भाषा सीधे दिल से निकलती है, जबकि अन्य भाषा को बोलने में दिमाग लगता है। यहां लघु भारत देखकर अपनेपन का एहसास हुआ है। यहां की हिंदी में मजदूरों के पसीने की महक है। उन्होंने कहा कि भारत की मदद से विश्व हिंदी सचिवालय भी बना।

इससे पूर्व उन्होंने वहां ‘गंगा तलाव’ जाकर पूजा-अर्चना की। यहां शिवलिंग की पूजा करने के बाद पीएम ने तलाव में गंगा जल भी प्रवाहित किया। गंगा तलाव पोर्टलुई से करीब 50 किलोमीटर दूर पहाड़ियों की गोद में स्थित है। थोड़ी देर बाद वे मॉरीशस की संसद को संबोधित करते हुए भारत से रिश्तों की मधुरता के लिए अपना विजन उनके सामने रखेंगे। पीएम मॉरीशस के राष्ट्रीेय दिवस समारोह के मुख्य अतिथि हैं। यह उनके दौरे का आज दूसरा और आखिरी दिन है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जगनाथ के साथ दोनों देशों के बीच समुद्री अर्थव्यवस्था सहित पांच समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए। समझौतों पर हस्ताक्षर करते हुए मोदी ने कहा कि वह मॉरीशस के असैन्य इ्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए 50 करोड़ डॉलर के रियायती कर्ज की पेशकश कर काफी खुश हैं। भारत की मंशा मॉरीशस में जल्द से जल्द पेट्रोलियम भंडारण हेतु गोदाम बनाने की भी है।

इसके अलावा भारत ने अहम इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए मॉरीशस को 50 करोड़ डॉलर का रियायती कर्ज देने की पेशकश भी की है। वहीं दोनों देश दोहरा कराधान समझौते की समीक्षा पर सहमत हुए हैं ताकि उसका दुरुपयोग रोका जा सके।

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दमिश्क। तुर्की सीमा के निकट सीरिया के एक शहर पर अमेरिकी नेतृत्व वाली आतंकवाद निरोधी सहयोगी सेना ने हवाई हमला कर 30 आइएस आतंकियों को मार गिराया। बताया गया है कि सेना ने उस तेल रिफाइनरी पर हवाई हमला किया जिसपर आइएस आतंकियों ने कब्जा जमा रखा था।

यह तेल रिफाइनरी अल रक्का प्रांत के ताल अबयाद शहर में है। कहते हैं कि इस शहर को आइएस आतंकियोंं ने अपनी राजधानी बना रखा है। हवाई हमले से रिफाइनरी में आग लग गई। दूर से आग की लपटें उठती देखी गई।

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लंदन। दिल्ली गैंगरेप पर बनी विवादित डॉक्युमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर’ की निर्माता लेस्ली उडविन ने इसे बैन करने के भारत सरकार के कदम की कड़ी आलोचना की है। लेस्ली उडविन ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उनके उद्देश्य को ‘देश पर उंगली उठाने’ के रूप में गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने कहा कि मेरा पूरा उद्देश्य भारत की सराहना करने के लिए उसका एक ऐसे देश के रूप में आभार प्रकट करना था, जिसने इस रेप पर अनुकरणीय प्रतिक्रिया दी थी।

लेस्ली उडविन ने कहा कि सबसे गलत बात यह है कि वे लोग अब मुझ पर यह आरोप लगा रहे हैं कि मैं भारत को अपमानित करना चाहती थी। यह वे ही लोग हैं जिन्होंने इस फिल्म को बैन कर अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या की है। डृॉक्युमेंट्री की स्क्रीनिंग के बाद उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इसके प्रसारण को प्रतिबंधित कर दिया और विडियो साझा करने वाली वेबसाइट यूट्यूब को डॉक्युमेंट्री के सारे लिंक हटाने को कहा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने ‘बेटी बचाओ अभियान’ की तरह के विचार ही इस फिल्म में देख सकेंगे।

उडविन ने कहा कि फिल्म वही बात कह रही है जो प्रधानमंत्री मोदी अपने ‘बेटी बचाओ अभियान’ में कह रहे हैं।गौरतलब है कि चलती बस में 23 साल की ‘निर्भया’ से रेप, प्रताड़ना और हत्या के आरोप में मौत की सजा का सामना कर रहे चार लोगों में शामिल मुकेश सिंह का डॉक्युमेंट्री में साक्षात्कार है।

काबुल। भारत के विदेश सचिव एस जयशंकर बुधवार को अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंचे। अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अब्दुल्ला अब्दुल्ला, पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई सहित कई वरिष्ठ अफगान नेताओं से उन्होंने मुलाकात की। इस दौरान अफगान नेताओं ने भारत को “पंसदीदा साथी” बताया।

अधिकारियों ने बताया कि इन मुलाकातों के दौरान कई क्षेत्रीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की गई। अफगानिस्तान में सुरक्षा के हालात और भारत के सहयोग से चल रहे विकास कार्यों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। इस दौरान अफगानी नेताओं ने अपने देश में स्थिरता और सुरक्षा को लेकर भारत की भूमिका के संबंध में भी विचार साझा किए।

अफगानिस्तान जयशंकर की चार देशों की दक्षेस यात्रा का अंतिम पड़ाव है। काबुल हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी वरिष्ठ अफगान अधिकारियों और भारतीय राजदूत अमर सिन्हा ने की।

बता दें कि 28 जनवरी को विदेश सचिव का पदभार संभालने वाले जयशंकर ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) के चार देशों की अपनी यात्रा रविवार को शुरू की थी। सबसे पहले वह भूटान गए और उसके बाद सोमवार को बांग्लादेश तथा मंगलवार को पाकिस्तान पहुंचे थे। विदेश सचिव का दक्षेस देशों का दौरा पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाने की भारतीय नीति का हिस्सा है।

जेनेवा। भौतिकी के क्षेत्र में स्विट्जरलैंड के वैज्ञानिकों ने ऐतिहासिक सफलता हासिल करते हुए कण व तरंग के रूप में पहली बार प्रकाश की तस्वीर लेने में सफलता हासिल की। प्रकाश के कण व तरंग के तौर पर एक साथ व्यवहार करने की प्रकृति का भी पहली बार पता चला।

‘नेचर कम्यूनिकेशंस’ में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, यह सफलता लुसाने स्थित स्विस फेडरल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने हासिल की। फाब्रीजियो कारबोन के नेतृत्व वाली शोधकर्ताओं की टीम ने इलेक्ट्रॉन के जरिये यह कारनामा कर दिखाया।

विज्ञानियों ने धातु के एक अतिसूक्ष्म तार (नैनोवायर) पर लेजर प्रकाश (लाइट एंप्लीफिकेशन बाई सिमुलेटेड एमीशन ऑफ रेडिएशन) प्रवाहित किया, जिससे उसमें मौजूद आवेशित कणों को अतिरिक्त ऊर्जा मिली और वह कंपन करने लगा। साथ ही, सूक्ष्म तार में प्रकाश दो दिशाओं में संचरित होने लगा। प्रकाश की इन दो विपरीत दिशाओं में प्रवाहित होने वाली तरंगें मिलान बिंदु पर स्थिर प्रतीत हो रही थीं। विज्ञानियों ने स्थिर तरंगों का चित्र उतारने के लिए नैनोवायर के पास से इलेक्ट्रॉन को प्रवाहित किया।

सूक्ष्म तार में प्रवाहित प्रकाश के संपर्क में आने पर या तो उनकी गति बढ़ गई या फिर धीमी हो गई। कारबोन की टीम ने अल्ट्राफास्ट (तीव्रतम) माइक्रोस्कोप के जरिये प्रकाश की गति में परिवर्तन वाले स्थान का चित्र लेने में सफलता हासिल की। इस घटना ने जहां प्रकाश के तरंग की प्रकृति को दिखाया, वहीं कण के तौर पर भी उसके व्यवहार को सामने लाने में सफलता मिली।

विज्ञानियों ने बताया कि स्थिर तरंगों के पास से गुजरने पर इलेक्ट्रॉन ने प्रकाश के कण फोटॉन को टक्कर दी। इससे इलेक्ट्रॉन की गति में परिवर्तन दर्ज किया गया। यह बदलाव इलेक्ट्रॉन और फोटॉन के बीच एनर्जी पैकेट्स (क्वांटा) के आदान-प्रदान के तौर पर सामने आया, जो प्रकाश के व्यवहार को कण के तौर पर दिखाता है। इससे क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में क्रांति आने की संभावना है।

न्यूयॉर्क । भारत को धार्मिक सहिष्णुता का पाठ पढ़ाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के अपने ही देश में संस्कृत में प्रार्थना पर हंगामा हो गया। इदाहो राज्य के सीनेट में मंगलवार को हुई प्रार्थना का विरोध करने वाले लोग आम आदमी नहीं बल्कि सीनेटर हैं।

यूनिवर्सल सोसायटी ऑफ हिंदूइज्म के अध्यक्ष राजन जेड ने सीनेट में यह पूजा कराई। उन्होंने कहा कि संस्कृत और अंग्रेजी में प्रार्थना का मकसद व्यक्तिगत लाभ की चिंता किए बिना दूसरों की भलाई के लिए सीनेटरों को काम करने के लिए प्रेरित करना था।

सीनेट के प्रोटेम अध्यक्ष ब्रेंट हेल ने उन्हें इसके लिए आमंत्रित किया था। हिल ने कहा, मैंने इस प्रार्थना की समीक्षा की। मुझे इसमें कुछ भी गलत नहीं लगा। इसमें तो परमेश्र्वर की बात की गई है।

इदाहो स्टेटसमैन अखबार के अनुसार तीन रिपब्लिकन सीनेटर ने इसका बहिष्कार किया। जेड द्वारा प्रार्थना शुरू करने से पहले ही सीनेटर स्टीव विक सदन से बाहर निकल गए। उन्होंने इसे अमेरिका की संस्कृति की तौहीन बताया। एक अन्य सीनेटर शर्ली न्यूकसोल ने अमेरिका को ईसाई राष्ट्र बताते हुए इसका बहिष्कार किया।

सियोल। दक्षिण कोरिया में अमेरिकी राजदूत मार्क लिपर्ट पर राजधानी सियोल में धरादार हथियार से हमला हुआ है। बताया गया है कि एक व्यक्ति ने लिपर्ट के चेहरे और कलाई पर धारदार चाकू से हमला किया। पुलिस का कहना है कि हमलावर उस ग्रुप का सदस्य है जिसकी मांग है दोनों कोरिया का विलय।

हमले के तत्काल बाद लिपर्ट को अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है। हमले से लिपर्ट का चेहरा लहूलुहान हो गया। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। जिस समय उनपर हमला किया गया वह एक कर्यक्रम में लेक्चर देने जा रहे थे।

वहां मौजूद पुलिस ने हमलावर किम की जोंग को तत्काल दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि हमला जानलेवा नहीं था। लिपर्ट का अस्पताल में ऑपरेशन किया गया जहां उनकी हालत अब बेहतर है।

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न्यूयॉर्क। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका फोर्ब्स ने सोमवार को इस साल के अरबपतियों की लिस्ट जारी की। इसमें टॉप 10 अमीर भारतीयों में से 9 की रैंकिंग सुधरी है। देश के अमीरों की फेहरिस्त में मुकेश अंबानी लगातार आठवें साल नंबर एक पर हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन के पास 1,302 अरब रुपए की संपत्ति है। पूरी सूची में उनका स्थान 39वां है। उनके भाई अनिल अंबानी महज 248 अरब रुपए के साथ 418वें स्थान पर हैं। सूची में कुल 90 भारतीय हैं।
दुनियाभर के अमीरों में माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स शीर्ष पर बरकरार हैं। रोचक बात यह है कि बीते 21 वर्षों में वह 16 बार टॉप पर रह चुके हैं। फेसबुक के मार्क जकरबर्ग (16) पहली बार टॉप 20 में शामिल हुए हैं। उनके पास 2064 अरब रुपए की संपत्ति है। फोर्ब्स की सूची में उन्हीं को शुमार किया गया है जिनके पास कम से कम एक अरब डॉलर (6200 करोड़ रुपए) की संपत्ति है। सूची में 1,826 नाम हैं। फोर्ब्स के मुताबिक
कच्चे तेल के दाम गिरने और अर्थव्यवस्था में सुस्ती के बावजूद अरबपतियों की संपत्ति बढ़ी है।
वारेन बफेट को सबसे ज्यादा फायदा
> नए लोगों में सबसे ज्यादा चीन के : 290 नाम नए हैं। इनमें 71 चीन से हैं।
> 40 से कम उम्र : कुल 46 अरबपति, तादाद लगातार बढ़ रही है।
> अपने दम पर : 1,191 अरबपति ऐसे हैं जिन्होंने खुद संपत्ति बनाई है। 230 को विरासत में मिली। बाकी 405 को कुछ संपत्ति विरासत में मिली और कुछ खुद बनाई।
> सबसे कम उम्र : इवान स्पीजेल, 24 साल, स्नैपचैट के सह-संस्थापक।
> सबसे कम उम्र की महिला : एलिजाबेथ होम्स, 31 साल, ब्लड टेस्टिंग कंपनी थेरानोस की प्रमुख।
> सबसे ज्यादा फायदा : वारेन बफेट, संपत्ति 899 अरब रुपए बढ़कर 4507 अरब रुपए।
> सबसे ज्यादा नुकसान : अलीको डांगोटे (नाइजीरिया), संपत्ति 638 अरब रुपए घटकर 911 अरब रुपए।
फोर्ब्स की रैंकिंग में टॉप 5 भारतीय
नाम रैंकिंग पिछले साल संपत्ति
मुकेश अंबानी 39 40 1,302
दिलीप सिंघवी 44 82 1,240
अजीम प्रेमजी 48 61 1,184
शिव नाडर 66 102 917
हिंदुजा बंधु 69 122 899
दुनिया में सबसे अमीर
नाम रैंकिंग पिछले साल संपत्ति
बिल गेट्स 1 1 4,910
कार्लोस स्लिम 2 2 4,780
वारेन बफेट 3 4 4,507
अमांसियो ऑर्तेगा 4 3 3,999
लैरी एलिसन 5 5 3,366
(संपत्ति के आंकड़े अरब रुपए में)

इस्लामाबाद। पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने भारत-पाक विदेश सचिव स्तर की वार्ता पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान में दोनों देशों के बीच रिश्ते सबसे खराब स्थिति में है और बातचीत की यह पहल सिर्फ औपचारिकता भर है।
गौरतलब है कि मंगलवार को इस्लामाबाद में भारत और पाकिस्तान में विदेश सचिव स्तर की बातचीत शुरू हो गई है। भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर पाकिस्तान में मौजूद हैं। ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ को दिए इंटरव्यू में हिना ने कहा, “विदेश सचिवों के बीच बातचीत सिर्फ बातचीत भर ही होती है। वो इन बातों से क्या हासिल कर लेंगे। यह सिर्फ बहाना है।”
भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर मंगलवार सुब इस्लामाबाद पहुंचे और उन्होंने एजाज अहमद चौधरी से सार्क देशों के मुद्दों पर बातचीत की।
हिना ने कहा, “सार्क के बहाने यह बातचीत की जा रही है। पिछले 67 सालों में हम इस पर सहमित नहीं बना पाए कि बातचीत कैसे की जाए। भारत-पाकिस्तान के संबंध सबसे खराब स्तर पर हैं।”
पूर्व विदेश मंत्री को आशा है कि एलओसी पर तनाव कम होगा और दोनों देश 2003 के युद्धविराम के एजेंडे को मानेंगे। हालांकि, उनका मानना है कि भारत की ओर से इस मामले में प्रगति कम हुई है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच बीते कई महीनों से सीमा पर युद्ध विराम का उल्लंघन हुआ है। इसमें सेना के जवान और कई नागरिक मारे गए हैं।
हिना ने कहा, “नरेंद्र मोदी सरकार दोनों देशों के बीच रिश्ते को लेकर काफी सजग है। बीते एक साल में मोदी सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ जगह उगलकर दुश्मनी का माहौल बनाया है।”
उन्होंने कहा कि यदि मोदी वाकई राजनेता बनना चाहते हैं तो दुष्प्रचार करने के बजाय ऐसे मुद्दों को उन्हें गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को द्विपक्षीय स्तर पर बातचीत करने से डर लगता है, क्योंकि उसे लगता है कि इससे रिश्तों में कोई सुधार नहीं आता।
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