Friday, October 19, 2018
खेल

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भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी विश्व कप में रोहित शर्मा की ढीली फार्म से चिंतित नहीं हैं और उन्होंने कहा वह कितने रन बना रहे हैं इसके बजाय यह देखना महत्वपूर्ण है कि वह किस अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे हैं। रोहित ने लीग चरण के छह मैचों में 31.80 की औसत से केवल 159 रन बनाए हैं। वनडे क्रिकेट में दो दोहरे शतक लगाने वाले एकमात्र बल्लेबाज रोहित ने अधिकतर मैचों में अच्छी शुरूआत की लेकिन वह केवल दो मैचों में ही अर्धशतक जड़ पाए। उन्होंने यूएई के खिलाफ नाबाद 57 और और आयरलैंड के खिलाफ 64 रन बनाए। धोनी रोहित की खराब फार्म को लेकर परेशान नहीं हैं और उन्होंने अपने साथी के लिए सभी सकारात्मक बातें की। उन्होंने रोहित के बचाव में कहा हमें यह भी देखना चाहिए कि टूर्नामेंट में हमें कुछ अवसरों पर लक्ष्य का पीछा करना पड़ा और यदि प्रतिद्वंद्वी टीम (यूएई और वेस्टइंडीज) ने अधिक रन नहीं बनाए थे तो फिर हमारे सलामी बल्लेबाज भी बड़ा स्कोर नहीं बना सकते थे। किसी खिलाड़ी ने कितने रन बनाए इसके बजाय वह किस तरह से बल्लेबाजी कर रहा है, यह क्यों महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा यह देखना महत्वपूर्ण है कि वे किस तरह की शुरुआत कर रहे हैं। मुझे लगता है कि रोहित ने अब तक बहुत अच्छी बल्लेबाजी की है। वह काफी शांत और संयमित दिखता है और साथ ही अच्छे शाट भी लगा रहा है। यह महत्वपूर्ण है। धोनी ने कहा यह हमेशा रनों से जुड़ा नहीं होता है। हमने ऐसे बल्लेबाज देखे हैं जो वास्तव में अच्छा खेल रहे होते हैं लेकिन उन्होंने कई मैचों से रन नहीं बनाए और अचानक किसी मैच में देखते हो कि वह बड़ी पारी खेलकर वापसी करते हैं। इसलिए यह खराब फार्म का मामला नहीं है। सबसे महत्वपूर्ण क्रीज पर समय बिताना है और मुझे लगता है कि रोहित ने यह काम अच्छी तरह से किया है। जडेजा की बल्लेबाजी में फार्म में चिंता का विषय थी लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ उनकी गेंदों की जमकर धुनाई हुई। इस मैच में जडेजा ने 71 रन दिए जिससे उनकी गेंदबाजी पर भी निगाह टिक गई है। कहा जडेजा की बल्लेबाजी फार्म चिंता का विषय है। उन्होंने जडेजा की खराब बल्लेबाजी के बारे में कहा हां कुछ हद तक आप कह सकते हो कि यह थोड़ा चिंता का विषय है लेकिन इसके साथ ही मैं यह भी कहूंगा कि इस संदर्भ में यदि आप रैना को लेकर चिंतित थे तो उसे बल्लेबाजी का अधिक मौका नहीं मिला था। जडेजा को भी अब तक बल्लेबाजी के बहुत अधिक मौके नहीं मिले हैं। इसके साथ ही स्लाग ओवरों में रन बनाना भी आसान नहीं होता है। धोनी ने जडेजा की गेंदबाजी के बारे में कहा उसने टुकड़ों में अच्छी गेंदबाजी की है। वह अभी सुधार कर रहा है। वह टीम का अहम हिस्सा है। अपने पिछले विश्व कप के बाद उसको तैयार करने का प्रयास किया। जडेजा टीम का नियमित हिस्सा है और उसने वास्तव में अच्छा काम किया है। वह जिस तरह से गेंदबाजी कर रहा है उससे मैं खुश हूं।

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ऑकलैंड. वर्ल्ड कप-2015 के 39वें मुकाबले में जिम्बाब्वे द्वारा दिए गए 288 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए भारत ने 3 विकेट के नुकसान पर 83 रन बना लिए हैं। विराट कोहली और सुरेश रैना क्रीज पर हैं। भारत को पहला झटका रोहित शर्मा (16) के रूप में लगा। पनियांगारा की गेंद को पुल करने की चक्कर में वे सिकंदर रजा को कैच थमा बैठे।

 

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हैमिल्टन. मोहम्मद शमी (3 विकेट) की अगुवाई में बॉलर्स के बेस्ट प्रदर्शन से आयरलैंड को 259 रन पर समेटने के बाद शिखर धवन के 8वीं वनडे सेन्चुरी की बदौलत टीम इंडिया ने 8 विकेट से जीत दर्ज की। वर्ल्ड कप में यह भारत की लगातार 5वीं जीत है। इस जीत के साथी ही महेंद्र सिंह धोनी वर्ल्ड कप में सवार्धिक जीत दर्ज करने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैं। उन्होंने कपिल देव की 12 जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। आयरलैंड ने पहले बैटिंग करते हुए 259 रन बनाए। जवाब में भारत ने 36.5 ओवर्स में 260 रन बनाकर जीत दर्ज की।

गांगुली को छोड़ा पीछे
भारतीय क्रिकेट टीम ने महेंद्र सिंह धोनी के नेतृत्व में आईसीसी विश्व कप में अब तक लगातार नौ मैच जीते हैं। धोनी ने सौरव गांगुली के लगातार आठ जीत के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा और वेस्ट इंडीज के क्लाइव लॉयड की बराबरी की। विश्व कप में सबसे अधिक लगातार जीत का रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग के नाम है। पोंटिंग की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया ने 1999 से 2011 के बीच लगातार 24 मुकाबले जीते हैं। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने तीन बार विश्व खिताब जीता है।

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चेन्नई। बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष 70 वर्षीय जगमोहन डालमिया के बीसीसीआई अध्यक्ष बनने की दावेदारी रविवार को तब और मजबूत हो गई जब पूर्व अध्यक्ष शरद पवार को नामांकन के लिए पूर्वी क्षेत्र से कोई प्रस्तावक नहीं मिला। साथ ही डालमिया पूर्वी क्षेत्र से दो मतों पर नियंत्रण रखते हैं और श्रीनिवासन की वफादार इकाइयों में किसी अन्य नाम पर सहमति नहीं बनने के कारण वह सोमवार से शीर्ष पद पर आसीन होने के प्रमुख दावेदार बन गए। पूर्व क्षेत्र की सभी छह इकाइयां श्रीनिवासन गुट की समर्थक हैं। उनके समर्थकों ने एजीएम से पहले ‌रविवार को यहां बैठक की। बीसीसीआई सूत्रों ने कहा, ‘इस बार पूर्वी क्षेत्र की बारी है इसलिए डालमिया के पास पूर्व से प्रस्तावक और अनुमोदनकर्ता दोनों हैं। नामांकन रविवार को तीन बजे था।

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मेलबर्न।

कठिन मैच हालात के लिए खिलाडिय़ों को तैयार करने की कवायद में भारतीय टीम प्रबंधन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुक्रवार से यहां शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट मैच में मशहूर खेल मनोवैज्ञानिक सैंडी गोर्डन की सेवायें लेगा।

खबरों के मुताबिक पर्थ में रहने वाले गोर्डन तीसरे टेस्ट के दौरान टीम से जुड़ेंगे। वह पहले भी भारतीय क्रिकेट टीम के साथ काम कर चुके हैं जब सौरव गांगुली की अगुआई में टीम दक्षिण अफ्रीका में 2003 विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी। उस समय नीदरलैंड्स और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो मैचों में खराब प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम की आलोचना हो रही थी जिसके बाद बीसीसीआइ ने गोर्डन की सेवायें लीं और टीम ने 2003 विश्व कप के फाइनल में प्रवेश किया।

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लंदन।

पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद ने पांचवें और आखिरी दौर में ब्रिटिश ग्रैंडमास्टर माइकल एडम्स को हराकर पहली बार लंदन क्लासिक शतरंज टूर्नमेंट का खिताब जीता। छह खिलाड़ियों के बीच राउंड रॉबिन आधार पर खेल गए टूर्नमेंट में आनंद ने पहली चार बाजियां ड्रॉ करवाई थी।

आनंद को खिताब जीतने के लिए इसमें जीत की जरूरत थी और इसमें एडम्स ने भी उनकी मदद की जिन्होंने सफेद मोहरों से ड्रॉ करवाने के बजाय मुकाबले में बने रहने की तरजीह दी। आनंद ने फुटबॉल लीग जैसी स्कोरिंग प्रणाली में कुल सात अंक बनाए। इस प्रणाली के तहत जीत पर तीन और ड्रॉ पर एक अंक मिलता है। चार ड्रॉ के बाद एकमात्र जीत से आनंद के रूस के व्लादीमीर क्रैमनिक और नीदरलैंड्स के अनीस गिरी के समान अंक हो गए थे। इसके बाद वह टाईब्रेक में अव्वल रहे और उन्हें खिताब मिला। लंदन स्कोरिंण प्रणाली में काले मोहरों से जीत दर्ज करने वाले खिलाड़ी को अधिक तवज्जो दी गई जबकि गिरी और क्रैमनिक ने इससे पहले सफेद मोहरों से जीत दर्ज की थी।

अमेरिका के हिकार नकामुरा भी खिताब के दावेदार थे लेकिन वह विश्व के दूसरे नंबर के खिलाड़ी इटली के फैबियानो कारआना से पार नहीं पा सके और उन्होंने बाजी ड्रॉ करवाई। नकामुरा छह अंक के साथ चौथे स्थान पर रहे जबकि एडम्स और कारआना दोनों के समान चार-चार अंक रहे।

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नई दिल्ली।

रविवार को बारिश और खराब रोशनी की वजह से मुंबई और रेलवे के बीच रणजी ट्रॉफी मैच के पहले दिन सिर्फ 8.2 ओवर का खेल हो सका था। मुंबई के खिलाड़ी जब राजधानी के करनैल सिंह स्टेडियम में सोमवार को दूसरे दिन खेलने आए, तो मैदान गीला था। दो घंटे मैदान सुखाने के बाद सुपर सॉपर भी खराब हो गया। जम्मू-कश्मीर से पिछला मैच हार चुकी मुंबई की टीम दूसरे दिन का खेल बर्बाद होते हुए नहीं देखना चाहती थी। इसलिए उसके खिलाड़ी एक हाथ में स्पंज और दूसरे हाथ में बाल्टी लेकर मैदान में उतर गए। हालांकि, इसके बावजूद दूसरे दिन का खेल नहीं हो सका। रेलवे ने पहले दिन 8.2 ओवर में पहले बल्लेबाजी करते हुए दो विकेट के नुकसान पर 25 रन बनाए थे।

चार मैदानकर्मी पूरे जी-जान से लगे थे, लेकिन उनसे मैदान सूखता नजर नहीं आ रहा था। इसलिए सूर्य कुमार यादव की कप्तानी वाली मुंबई टीम के सात खिलाड़ी मैदान में उतर पड़े। अभिषेक नायर सहित इन खिलाडिय़ों के एक हाथ में स्पंज था और दूसरे में बाल्टी। वे स्पंज से मैदान का पानी सुखाते और बाल्टी में डालते। उन्होंने बड़े स्पंज को काटकर उसके कई टुकड़े किए, जिससे आदित्य तारे और शेमल वेनगानकर भी इस काम में जुट गए। ये सभी करीब 35 मिनट तक इस काम में जुटे रहे।

मीडिया को देखकर क्यूरेटर हुए सक्रिय

इसी बीच जब वहां मौजूद कुछ मीडिया कर्मियों को इस नजारे की तस्वीरें लेते हुए देखा गया तो तुरंत रेलवे के क्यूरेटर संजीव अग्रवाल हरकत में आए और मुंबई के कोच प्रवीण आमरे के पास जाकर उन्होंने खिलाडिय़ों को मैदान पर काम करने से रोकने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने तुरंत अतिरिक्त ग्राउंड स्टाफ की व्यवस्था की।

मिलते हैं एक लाख रुपये

रेलवे और सर्विसेज को संस्थानिक इकाई होने की वजह से बीसीसीआइ की तरफ से अन्य राज्य क्रिकेट संघों की तरह कोई वार्षिक फंड नहीं मिलता है। मगर रेलवे को बीसीसीआइ एक प्रथम श्रेणी मैच कराने के लिए एक लाख रुपये देती है।

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नई दिल्ली।

दुनिया के सर्वकालिक महान टेनिस खिलाडिय़ों में से एक अमेरिका के पीट संप्रास अपने जमाने के दिग्गज बोरिस बेकर की तरह कोचिंग नहीं करना चाहते। 2002 में अमेरिकी ओपन ग्रैंडस्लैम जीतकर संन्यास लेने वाले 43 वर्षीय संप्रास ने कुल 14 ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं। यहां इंटरनेशनल प्रीमियर टेनिस लीग (आइपीटीएल) में भाग लेने आए संप्रास ने कई मुद्दों पर बातचीत की। पेश हैं उनसे बातचीत के अंश…

भारत आने पर कैसा महसूस कर रहे हैं?

यहां आना शानदार रहा। मैं पूरे विश्व में घूमता हूं। दुनिया में कई जगह भारतीयों से मिलता हूं। मुझे लगता है कि इस देश के लोगों को टेनिस से प्यार है। वे टेनिस स्टार को देखना चाहते हैं। जर्मनी हो या लॉस एंजिल्स। कहीं भी उनसे मिलो, तो उन्हें टेनिस की जानकारी होती है। उन्हें पता है कि टेनिस, विंबलडन क्या होता है। यह टेनिस के लिए शानदार जगह है। उम्मीद है कि आगे भी यहां आऊंगा।

क्या आप भविष्य में कोचिंग देते हुए या अमेरिकी डेविस कप टीम की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे?

नहीं, इस समय कोचिंग देने के बारे में नहीं सोच रहा हूं। इस समय कई पूर्व खिलाड़ी कोच के तौर पर काम कर रहे हैं। बोरिस भी ऐसा कर रहा है, लेकिन उसकी उम्र मुझसे ज्यादा है। वह ऐसा कर सकता है। जहां तक कप्तानी की बात है, उसमें मुझे रुचि नहीं है। मैं इधर-उधर प्रदर्शनी मैच खेलकर खुश हूं।

आइपीटीएल में पैट्रिक के खिलाफ पहले मैच में हार पर क्या कहेंगे?

मैं शनिवार देर रात को आया था। हवाई यात्रा की थकान के कारण रविवार को पहले मैच में ऐसा हो गया होगा। आइपीटीएल का फॉर्मेट भी अलग है। यह थोड़ा तेज है। यहां पर आपको अलग तरह की एनर्जी की जरूरत होती है। मेरी फिटनेस में कोई समस्या नहीं है।

फेडरर आपको आदर्श मानते हैं। इसके बारे में क्या कहेंगे?

हंसते हुए कहा, अगर रोजर ऐसा कहते हैं तो बहुत अच्छी बात है। वह बेहतरीन खिलाड़ी हैं। वह इस खेेल के रोल मॉडल और एंबेसडर हैं।

पिछले कुछ समय में टेनिस बदल गया है। इस बारे में क्या कहेंगे?

जब मैं खेलता था, तब से अब टेनिस में कई बदलाव आए हैं। पहले सर्विस और वॉली पर जोर रहता था। अब खिलाड़ी कोर्ट में पीछे रहते हैं और विपक्षी खिलाड़ी की गलती का इंतजार करते हैं। नेट के पास खड़े होकर रिटर्न करना मुश्किल है, जबकि पीछे खड़े होकर खेलना आसान है।

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नई दिल्ली।

पुलिस ने रूपनगर रेलवे स्टेशन के समीप करीब तीस शिव सैनिकों को गिरफ्तार किया है। शिव सेना प्रधान संजीव घनौली को रात ही गिरफ्तार कर लिया गया था। शिव सैनिक भारत-पाक संबंधों का हवाला देकर पाक कबड्डी खिलाड़ियों का विरोध जता रहे हैं। शिव सैनिकों की गिरफ्तारी के तुरंत बाद पाक खिलाड़ी रेलवे स्टेशन के समीप से गुजरे।

शिव सैनिकों ने आयोजन से पूर्व ही पाक खिलाड़ियों के कबड्डी कप में शामिल होने का विरोध जताया था। रूपनगर में शिव सैनिकों का आधार मजबूत होने की वजह से वहां विरोध जताया गया है। शिव सैनिक सुबह से रेलवे स्टेशन के समीप विरोध प्रदर्शन के लिए जुटे थे। पाक व पंजाब सरकार विरोधी नारे लगाते हुए उन्होंने विरोध जताया। तीस से अधिक शिव सैनिक मौके पर थे। पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, गिरफ्तारी से पूर्व पुलिस ने शिव सैनिकों को समझाने की कोशिश भी की। गिरफ्तार शिव सैनिकों में प्रदेश कार्याकारिणी दीपक दानिया व अश्वनी शर्मा भी शामिल हैं। कल सोमवार को शिव सेना प्रधान संजीव घनौली ने कहा था जब तक भारत-पाक के रिश्ते सुधर नहीं जाते हैं तब तक पाक खिलाड़ियों को भारत में खेलने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

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एडिलेड।

भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच मंगलवार से यहां शुरू हो रहे पहले क्रिकेट टेस्ट में जब दोनों टीमें मैदान पर उतरेंगी तो जज्बात का तूफान उमड़ रहा होगा। फिलिप ह्यूज की दुखद मौत के कारण टेस्ट सीरीज से पहले चिर परिचित आक्रामकता भले ही नजर नहीं आ रही हो, लेकिन दोनों टीमें उसी चिरपरिचित तेवर के साथ एक-दूसरे से मुखातिब होंगी।

यहां पहुंचने के दो सप्ताह बाद आखिर भारतीय टीम विराट कोहली की अगुआई में पहला टेस्ट खेलेगी। महेंद्र सिंह धौनी अभी तक दायें अंगूठे में हेयरलाइन फ्रेक्चर से उबर नहीं सके हैं। धौनी एडिलेड में 2012 में खेले गए टेस्ट मैच के बाद पहली बार किसी टेस्ट में नहीं खेलेंगे। धौनी की गैरमौजूदगी का मतलब है कि आरक्षित विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को अंतिम एकादश में जगह मिलेगी। यह साहा का तीसरा टेस्ट होगा। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क को मैच के लिए फिट घोषित कर दिया गया है, जबकि भारतीय मध्यम तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का खेलना अभी तय नहीं है।

पिछली बार 2011-12 में धौनी की कप्तानी में भारत को यहां 0-4 से पराजय झेलनी पड़ी थी। इस बार भारतीय टीम का इरादा उसका बदला चुकता करने का होगा, हालांकि जब मैच शुरू होगा तो खिलाडि़यों के जेहन में यह खयाल नहीं होगा। एडीलेड ह्यूज का दूसरा घर था और मैच शुरू होने से पहले उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।

कठिन रहे पिछले दो हफ्ते :

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के लिए पिछले दो सप्ताह काफी कठिन रहे। ह्यूज की मौत ने पूरे देश को गमगीन कर दिया और खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट हाशिये पर चला गया। सीरीज के कार्यक्रम में बदलाव किया गया जिसे बीसीसीआइ ने भी मंजूरी दे दी।

युवा टीम से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद :

युवा भारतीय टीम विदेश दौरे पर अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश कर रही है। दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड में हालात उसके लिए नए थे, क्योंकि कुछ ही खिलाड़ी पहले वहां खेले थे। ऑस्ट्रेलिया दौरा भी अलग नहीं होगा। मौजूदा टीम में से धौनी, कोहली, अजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, इशांत शर्मा, आर अश्विन व उमेश यादव ही 2011 में यहां खेले हैं। रहाणे और रोहित को तीन साल पहले खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन पिछले एक साल में उन्होंने विदेश में काफी क्रिकेट खेला है।

हालात में ढले गेंदबाज :

गेंदबाजों को ऑस्ट्रेलियाई पिचों का अनुभव हो गया है। भुवनेश्वर का खेलना संदिग्ध होने से इशांत, वरुण एरोन और मुहम्मद शमी पहली पसंद होंगे। स्पिनरों में रवींद्र जडेजा और आर अश्विन प्रबल दावेदार होंगे। भारत यदि अतिरिक्त बल्लेबाज को लेकर उतरता है तो चार गेंदबाज ही टीम में होंगे।

ह्यूज ऑस्ट्रेलियाई टीम के 13वें खिलाड़ी

एडिलेड। दिवंगत फिलिप ह्यूज को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें पहले टेस्ट के लिए राष्ट्रीय टीम का 13वां खिलाड़ी बनाया है। ह्यूज की पिछले महीने एक घरेलू मैच के दौरान बाउंसर लगने से मौत हो गई थी। ह्यूज की याद में ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी शर्ट पर उनका टेस्ट कैप नंबर 408 पहनेगी। उनके अंतिम स्कोर नाबाद 63 से जुड़ी श्रद्धांजलि भी दी जाएगी। ऑस्ट्रेलियाई अभिनेता जैक थाम्पसन इस मौके पर एक वीडियो संदेश में एक कविता ’63 नॉट आउट’ पढ़ेंगे।

स्पोर्टिंग विकेट का क्यूरेटर का वादा

एडिलेड। भारत व ऑस्ट्रेलिया के बीच यहां पहले टेस्ट के लिए क्यूरेटर डेमियन हॉग ने स्पोर्टिंग विकेट बनाने का वादा किया है जिससे गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों को मदद मिलेगी। हॉग ने कहा कि यह पारंपरिक पिच होगी जिस पर शुरू में तेज गेंदबाजों को मदद मिलेगी, जबकि बाद में बल्लेबाजों के लिए खेलना आसान हो जाएगा। इससे स्पिनरों को भी टर्न मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘हमने इसे पेचीदा बनाने की कोशिश नहीं की है। हमने वही किया जो पिछले चार साल, दस साल या 20 साल से करते आ रहे हैं।’

टेस्ट सीरीज में नहीं होगा यूडीआरएस

एडिलेड। भारत के अंपायर निर्णय समीक्षा प्रणाली (यूडीआरएस) का वर्तमान प्रारूप में विरोध जारी रखने केकारण मंगलवार से शुरू होने वाली चार टेस्ट मैचों की सीरीज में इस तकनीक का उपयोग नहीं किया जाएगा। भारत अब भी यूडीआरएस का आलोचक है और कार्यवाहक कप्तान विराट कोहली ने पुष्टि की कि भविष्य में स्थिति ऐसी बनी रहेगी। कोहली ने कहा कि जब तक यह शत प्रतिशत सटीक नहीं हो जाती तब तक मुझे नहीं लगता कि इसको लेकर भारत का रवैया बदलेगा। भारत के 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरे के बाद यह पहला अवसर होगा, जबकि इस देश में यूडीआरएस का उपयोग नहीं किया जाएगा।

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