Saturday, December 15, 2018
उत्तर प्रदेश

लखनऊ. यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर शिक्षामित्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। अखिलेश ने शिक्षामित्रों को पूरी मदद का आश्वासन दिया। शिक्षामित्रों ने प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपनी सभी परेशानियों से अवगत कराया। सीएम ने इस मुलाकात के बाद शिक्षामित्रों को कहीं पर भी स्कूलबंद नहीं करने की सलाह दी।

अखिलेश ने कहा कि सरकार प्रदेश के सभी शिक्षामित्रों की पूरी मदद करेगी। सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। शिक्षक भी प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें। गौरतलब है कि शिक्षामित्रों ने इलाहबाद हाईकोर्ट के फैसले को लेकर आज उनसे मुलाकात की है। यूपी के प्राथमिक स्कूलों में शिक्षामित्रों के सहायक शिक्षक पद पर हुए समायोजन को कोर्ट ने रद्द कर दिया था। इसके बाद से शिक्षामित्र लगातार आंदोलन कर रहे थे। शिक्षामित्रों ने सर्वसम्मति से फैसला किया है कि शिक्षामित्र 28 सितंबर को नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश की कापी मिलने के बाद शिक्षामित्रों ने गहन अध्ययन किया। इसमें उनको पता चला कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की दोहरी नीति के कारण ही उन्हें बेवजह नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में इसके खिलाफ शिक्षामित्रों का प्रदर्शन जारी रहेगा।

मथुरा में कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वृंदावन में श्रीबांके बिहारी के दर्शन किए, जिसके बाद वह सोमवार से शुरू हुए कांग्रेस के प्रांतीय अधिवेशन में पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यकर्ताओं को करीब 18 मिनट तक सम्बोधित किया।

राहुल ने कहा, पहले वे पार्टी के सदस्यों को अपनी सेना समझते थे, लेकिन कुछ पहले मेरा नजरिया बदला। अब मैं पार्टी सदस्यों को अपने परिवार का सदस्य मानता हूं।

राहलु का यह बयान पार्टी में मची अंदरूनी कलह को लेकर माना जा रहा है। राहुल ने यह भी कहा कि यूपी में हम भले ही नंबर 4 की पार्टी हों, लेकिन विचारधारा में हम नंबर-नंबर वन थे और हैं और आगे भी रहेंगे।

राहुल गांधी ने आरएसएस और मोदी पर सीधे हमला करते हुए उन्हें समाज को तोड़ने का काम करने वाला कहा, जबकि कांग्रेस द्वारा देश में एकजुटता बनाये रखने की बात कही।

वहीं आरएसएस की विचारधारा पर कटाक्ष करते हुए मोदी की नीतियों पर सीधे प्रहार किए। उन्होंने कहा, मोदी अपने ही वादों में खरे नहीं उतर रहे हैं। जनता नीचे उतारेगी और हम अपनी जगह बना लेंगे। न किसी के खाते में १५ लाख पहुंचे न पहुचेंगे।

उन्होंने कहा कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं और मोदी जी विदेशों के दौरे। युवाओं को रोजगार भी नहीं मिला। भाजपा अभी तक वन रैंक वन पेंशन की स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाई है। मोदी कहते हैं मैंने आआरओपी दे दिया है, आर्मी वाले कह रहे हैं कुछ नहीं मिला है।

आगरा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कहना है कि फुटबॉल गरीबों का खेल है। यह गांव से जुड़ा हुआ खेल है और इसमें कोई खर्चा भी नहीं है। फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार हर संभव मदद देने को तैयार है।
सीएम शनिवार को आगरा के ताज नेचर वॉक में डेल्ही डायनमोज क्लब की जर्सी का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज पुराने खेलों जैसे कबड्डी, हॉकी आदि को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। क्रिकेट आज हर मोहल्ले में लोकप्रिय है। क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार ने दो एएमयू साइन किए हैं। इसी तर्ज पर फुटबॉल के लिए एएमयू साइन किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देल्ही डायनेमो क्लब का आगरा से किट लांच करना महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारे मूल्यों तथा देशभर में फुटबॉल को विकसित करने की सोच को दर्शाती है। इससे पता लगता है कि भावी पीढिय़ों के लिए खेल से विकास का मार्ग कैसे प्रशस्त किया जा सकता है।

इससे पूर्व डेल्ही डायनेमोज के प्रेसीडेंट प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश पर्यटन के साथ अपने गठबंधन की घोषणा करते हुए हम बहुत प्रसन्न हैं। इस सहभागिता के तहत डेल्ही डायनेमोज की किट पर उत्तर प्रदेश पर्यटन दर्शाया जाएगा। शीघ्र ही हम उत्तर प्रदेश में एक रिहायशी अकादमी भी लांच करेंगे।

प्रतीक चिह्न का अनावरण: कार्यक्रम के दौरान सीएम अखिलेश यादव ने आगरा की ब्रांडिंग करने के लिए प्रतीक चिह्न का भी अनावरण किया। ये प्रतीक चिह्न ताजमहल के गुंबद की शक्ल में बनाए गए हैं, जो आगरा के कम प्रसिद्धि वाले १२ स्मारकों पर लगाए जाएंगे। इन पर संबंधित स्मारक के बारे में जानकारी भी अंकित होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई पहल से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा और इसका लाभ स्थानीय जनता को मिलेगा।
ताजमहल को राजस्थान में समझते हैं पर्यटक: कमिश्रर प्रदीप भटनागर ने कहा कि ताजमहल और आगरा को पर्यटक राजस्थान में समझते हैं। पर्यटकों के भ्रम को दूर करने के लिए आगरा और ताजमहल के माध्यम से उत्तर प्रदेश की ब्रांडिंग की जा रही है। इसी क्रम में मेरा आगरा कैंपेन शुरू किया गया है।

लखनऊ। राजधानी के कृष्ण कुमार रविवार को बॉलीवुड फिल्म पीपली लाइव के नत्था बन गए। कल तक जो कृष्ण कुमार अपनी रोजी-रोटी के लिए दिनभर जीपीओ चौराहे के बाहर टाइपराइटर लेकर बैठा रहता था। आज उसके पास लोगों से मिलने के लिए टाइम नहीं था।

रविवार को दिन भर उसके पास मीडिया चैनल, रेडियो स्टेशन और छोटे-बड़े अखबारों के रिपोर्टरों की लाइन लगी रही। यह सब बीते शनिवार को दारोगा द्वारा उसका टाइपराइटर तोड़ने की फोटो वायरल के बाद हुआ।
कृष्ण कुमार से मिलनेवालों के लिए सिर्फ मीडिया के ही लोग नहीं है, बल्कि कई तथाकथित समाजसेवी भी रहे। जिन्होंने इस मौके को भुनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। शनिवार रात में डीएम और एसएसपी ने घर जाकर कृष्ण कुमार को नया टाइपराइटर दिया।

इसे लेकर जैसे ही वह अगले दिन यानि रविवार सुबह जीपीओ चौराहे पहुंचे, वहां पहले से ही तैयार खड़े मीडियाकर्मियों ने घेर लिया। वहीं, समाजसेवी हेमबाबू निगम ने कृष्ण कुमार को 11000 रुपए दिए और कुर्सी मेज भी दिया। इसके बाद फोटो सेशन कराया।

अपने चारों ओर भीड़ देखकर कृष्ण कुमार चौंक गए। यह भीड़ उनसे पेज टाइप कराने के लिए नहीं, बल्कि उनकी फोटो के लिए आई थी। आज उन्हें कोई टाइप करने के लिए पेज नहीं दे रहा था। सिर्फ उनसे मिलने के लिए समय मांग रहा था। कोई चैनल उन्हें अपने लाइव शो में बैठाने के लिए उतावला था तो कोई स्‌पेशल इंटरव्यू करना चाह रहा था।

मीडिया के घिरे कृष्ण कुमार ने सिर्फ इतना ही कहा कि उन्होंने दारोगा को माफ कर दिया है। उस पर अब कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। उन्हें सिर्फ अपनी दुकान लगाने के लिए एक कोना मिल जाए।

अमेठी। कांग्रेस की महिला मोर्चा के भारी विरोध के बीच केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी ने रविवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को उनके संसदीय क्षेत्र में खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह गांधी परिवार पर हमले जारी रखेंगी । यदि राहुल में हिम्मत है तो वह उन्हें जेल भिजवाकर दिखाएं। स्मृति जुबैन इरानी ने कहा कि गांधी परिवार ने जो अनियमितता की है वह उसका विरोध करती रहेंगी।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, यदि कांग्रेस उपाघ्यक्ष में हिम्मत है तो वह उन्हें जेल भिजवाकर दिखाएं। वह आगे भी गांधी परिवार की अनियमितता को उजागर करती रहेंगी। गांधी का संसदीय क्षेत्र अमेठी आज कांग्रेस तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच संघर्ष का मैदान बन गया था । महिला कांग्रेस के भारी विरोध के कारण केन्द्रीय मंत्री को वैकल्पिक रास्ते से उनके आयोजन स्थल तक ले जाया गया।

महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने गौरीगंज में सात जगहों पर रास्ता जाम कर दिया था। केन्द्रीय मंत्री ने गौरीगंज इलाके में दस हजार परिवारों को पचास हजार पौधे सौंपने के बाद कहा कि उपजिलाधिकारी ने स्मार्ट सायकिल फैक्ट्री को दी गई जमीन उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम को सौंपने का आदेश दिया है। राहुल गांधी बताएं कि इस मामले में उनका क्या कहना है।

उन्होंनें कहा, मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील करना चाहूंगी कि या तो कारखाना लगाया जाए या जमीन किसानों को वापस कर दी जाए। वह जानती हैं कि इस बयान के बाद एक कानूनी नोटिस उनके पास आने वाली है। मैं चुनौती देती हूं कि गांघी उन्हें जेल भिजवाकर दिखाएं। वह अपनी आवाज उठाती रहेंगी ।

इरानी ने कहा कि शनिवार रात दस बजे किसी ने मेरा दरवाजा खटखटाया और मेरे 13 साल के बेटे को एक लिफाफा दिया। लिफाफे में कानूनी नोटिस था। मेरे बेटे ने कहा मां आपने क्या अपराध किया है तो मेरा जवाब था बेटा मैंने किसानों की आवाज उठाने का अपराध किया है जो किसी को बहुत खराब लग रहा है।

उन्होंनें कहा, कांग्रेस नेताओं को जानना चाहिए कि वह ऎसी कानूनी नोटिस से डरने वाली नहीं हैं। यह बार बार होगा और मेरी आखिरी सांस तक होगा।

वाराणसी। नि:संतान दंपतियों के लिए लोलार्क कुंड आस्था का केंद्र है। यहां उनकी मुराद पूरी होती है। ऐसी मान्यता है कि सिर्फ एक डुबकी में उन्हें मातृत्व और पितृत्व का सुख मिल जाता है।

यह एक ऐसा कुंड है, जहां हर साल लोलार्क छठ के दिन हजारों नि:संतान दंपती आशाभरी नजरों के साथ पहुंचते हैं और स्नान करने के बाद अपने वस्त्रों का त्याग कर देते हैं। शहर के बीचो-बीच स्थित इस प्राचीन तालाब का उल्लेख कई प्राचीन ग्रंथों में है।

दरअसल, वाराणसी में लोलार्क छठ आस्था के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि इस कुंड में जो भी नि:संतान दंपत्‌ति स्नान करने के बाद कपड़े छोड़ देता है, फिर लोलार्क आदित्य की पूजा करता है। उसे संतानसुख की प्राप्ति होती है। इस कारण हजारों की संख्या में यहां आसपास के अलावा दूर-दराज के लोग स्नान करने आते हैं। शनिवार को लोलार्क छठ पर हजारों लोगों ने आस्था के इस कुंड में डुबकी लगाई। बाहर से भी बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचे थे।

सूर्य के 12 आदित्यों में से प्रथम लोलार्क आदित्य यहीं स्थापित है। कहा जाता है कि इस लोलार्क कुंड का संपर्क अंदर ही अंदर गंगा नदी से भी है।

धर्म मर्मज्ञों के अनुसार, यहां नि:संतान दंपत्ति स्नान करने के बाद अपने वस्त्र छोड़ते हैं। इसके अलावा एक फल का भी त्याग करते हैं। इसे साक्षात्‌ कुंड में छोड़ा जाता है, जिस भी फल का त्याग किया जाता है, उसे दंपत्ति आजीवन नहीं खाता है।

यह है प्राचीन कथा
स्कंद पुराण के काशी खंड के मुताबिक, देवासुर संग्राम में भगवान भास्कर के रथ का पहिया काशी के केदारखंड में इसी स्थान पर गिरा था। सूर्य देव यहीं धरती पर उतरे और उन्होंने लोलार्क नाम के असुर का वध किया। साथ ही लोलार्केश्वर महादेव की स्थापना की। साथ ही ये वरदान दिया कि भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की षष्ठी को जो भक्त यहां दान और सूर्य को अघ्र्य देकर पूजा करेगा, उसे पुत्र की प्रप्ति होगी। साथ ही समस्त चर्म रोगों से मुक्ति मिलेगी। सूर्य देव यहां अपने पूर्ण तेज के साथ अवतरित हुए थे। इसीलिए इसे लोलार्क कुंड कहते हैं। द्वापर युग में कुंती ने भी यहीं सूर्य देव की आराधना की थी और कर्ण का जन्म भी लोलार्क छठ के दिन ही हुआ था।

लखनऊ।लखनऊ मेट्रो से शहरवासियों को सिर्फ आरामदायक सफर का आनंद ही नहीं मिलेगा, बल्कि पांच लाख लोगों को आशियाना भी मिल सकता है। मेट्रो के 2031 के मास्टर प्लान के अंतर्गत चारबाग से मुंशीपुलिया रूट पर दोनों तरफ करीब 5 लाख लोगों को घर देने का प्रस्ताव लखनऊ डेवलपमेंट अथॉरिटी (एलडीए) की अगली बोर्ड मीटिंग में रखा जाएगा।

जानकारी के मुताबिक, इस प्रस्ताव में मेट्रो लाइन के दोनों तरफ करीब 500 मीटर जगह में ऊंची बिल्डिंग बनाने और उसके नक्शे पास करने की मंजूरी प्रस्तावित की जाएगी। इस प्रस्ताव के पीछे लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एलएमआरसी) का मकसद है कि मेट्रो का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोग उठा सकें। चारबाग से मुंशीपुलिया रूट के बीच नए मकानों के लिए जमीन नहीं होने की वजह से वहां पहले से बने मकानों को ऊंची बिल्डिंग में तब्दील करने का प्रस्ताव मीटिंग में रखा जाएगा।

यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो ऐसे में जिन मकानों में अभी एक परिवार रह रहा है। वहां लगभग 30 परिवारों को आशियाना मिल सकेगा। 2031 के मास्टर प्लान में नई व्यवस्था के लिए टीओडी की भी व्यवस्था की जा रही है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलती ही आदेश जारी करके मेट्रो रूट के इर्द-गिर्द आबादी बढ़ाने का रास्ता साफ हो जाएगा।

बताते चलें कि यह प्रस्ताव आम जनता और मेट्रो कॉरपोरेशन दोनों के हित में है। इससे एक तरफ जनता को सुविधा मिलेगी और उनकी जमीनों के दाम बढ़ेंगे। वहीं, किराए के माध्यम से मेट्रो की भी आमदनी होगी। एलएमआरसी द्वारा सर्वे कराया जा रहा है। इसके अाधार पर यह तय होगा कि कहां रेजिडेंशियल कॉलोनी, मॉल, साइकिल ट्रैक आदि का निर्माण किया जाना है। लखनऊ मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर कुमार केशव ने बताया कि नियम के तहत सर्वे किया जा रहे है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर प्रदेश सरकार निर्माण कराएगी।

लखनऊ। यूपी के राज्यपाल राम नाईक से रविवार को फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर ने मुलाकात की। वे लखनऊ में अपनी फिल्म प्रमोशन के संबंध में आयोजित एक कार्यक्रम में आए थे। राज्यपाल ने भंडारकर से कहा कि यूपी में पर्यटन एवं फिल्म उद्योग की दृष्टि से अपार संभावनाएं हैं। इसे फिल्मों के माध्यम से देश एवं विदेश के नक्शें पर लाया जा सकता है। भंडारकर ने राज्यपाल को आश्वासन दिया कि वे यूपी में जरूर फिल्म बनाएंगे।

राज्यपाल ने मधुर भंडारकर से कहा कि उत्तर प्रदेश ऐतिहासिक धरोहरों, प्राकृतिक सौन्दर्य और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के कारण फिल्म उद्योग के लिये उपयुक्त है। उत्तर प्रदेश और विशेषकर लखनऊ पर आधारित अनेक लोकप्रिय फिल्मों की शूटिंग यहां पूर्व में की गई है।

लखनऊ।अक्रुत फिल्म्स के बैनर तले बन रही फिल्म ‘कौन है वो की’ शूटिंग लखनऊ में शुरू हो गई है। फिल्म का मूहर्त शॉट मोहनलालगंज स्थित डायमंड रिजॉर्ट में शूट किया गया। फिल्म के डायरेक्टर निलेश मेहता हैं। वहीं, फिल्म को राजेश कुमार त्रिपाठी प्रोड्यूस कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह फिल्म एक मर्डर मिस्ट्री है। फिल्म की शूटिंग लखनऊ और आसपास के लोकेशन में होगी।

लखनऊ।ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज इन दिनों लखनवाइट्स के सर चढ़ कर बोल रहा है। अब लोग बकरीद के लिए बकरा भी ऑनलाइन खरीद और बेच रहे हैं। वैसे तो बकरीद निकट होने के वजह से बाजारों में भी बकरे मिल रहे हैं, लेकिन कई लोग भीड़ से बचने के लिए ऑनलाइन बकरा खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ओएलक्स औऱ क्विकर की वेबसाइट पर लखनवाइट्स बकरे बेच औऱ खऱीद रहे हैं। इन वेबसाइट पर बकरों की कीमत के साथ उनकी खासियत भी लिखी गई है।

सुल्तान से लेकर कल्लू तक मौजूद
अलीगंज के जैद अपना बकरा सुल्तान ३३ हजार में बेच रहे हैं। कल्याणपुरी के रिजवान 16 हजार की कीमत पर अपने बकरे बाबर को बेच रहे हैं। उन्होंने यह लिखकर दावा किया है कि बाबर लखनऊ का सबसे सुंदर बकरा है। वहीं, बालागंज के कामिल ने अपने बकरे कल्लू की कीमत 15 हजार लगाई है। कैंट के रहने वाले सलमान अली ने अपने बकरे की कीमत 25000 रखी है। गोमती नगर के नावेद ने बकरे की कीमत 35 हजार रुपए तय की है।
50 से 70 हजार रुपये तक में भी बिक रहे हैं बकरे

डालीगंज के रहने वाले आमिर खान ने अपने बकरे शीन का फोटो खींचकर ओएलएक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने इसकी कीमत 50 हजार रुपए रखी है। खास बात यह है कि बकरे के पेट पर भी उसका नाम शीन लिखा है। चौक के रहने वाल राज कुमार अपना जमुनापारी बकरा ५० हजार रुपए में बेच रहे हैं। फैजाबाद रोड के अंसारी ओएलएक्स पर अपने बकरे बाबरी की कीमत 70 हजार रखी है। उनका मानना है कि अब जमाना डिजिटलाइलेशन का है। लोग ऑनलाइन शॉपिंग काफी पसंद कर रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट पर बकरे को बेचने का आइडिया काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।

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