Tuesday, October 16, 2018
उत्तर प्रदेश

लखनऊ।

सोमवार को एयरपोर्ट के निकट लखनऊ मेट्रो के नार्थ साउथ कारिडोर के डिपो का शिलान्यास मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव की अध्यक्षता में हुए समारोह के दौरान किया। इस दौरान कहा गया कि शहर में अगले तीन साल के दौरान मेट्रो ट्रेन दौड़ना शुरु कर देगी।
शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि आज बेहतर ट्रांसपोर्टेशन की जरुरत है, जिसकी पूर्ति मेट्रो ट्रेन के माध्यम से सरकार करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल के दौरान लखनऊ में ट्रेन दौड़ना शुरु कर देगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास अपने पर्याप्त संसाधन थे, लेकिन पिछली सरकार ने घोटाले और स्मारकों में बर्बाद कर दिया। आज सरकार संसाधन एकत्र कर रही है। उन्होंने कहा कि कितनी भी विपरीत स्थितियां क्यों न हों, लेकिन परियोजना को पूरा करेंगे।
इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व रक्षामंत्री मुलायम सिंह यादव ने सरकार और अफसरों को नसीहत देते हुए कहा कि शिलान्यास के पत्थर को एक दिन का भी इंतजार नहीं करना चाहिए। शिलान्यास के साथ ही कार्य भी प्रारंभ हो जाना चाहिए, बल्कि होना तो यह चाहिए कि शिलान्यास के वक्त ही यह तय हो जाना चाहिए कि किस तिथि को परियोजना का उद्घाटन होगा। उन्होंने कहा कि दिन और रात कार्य कराएं तथा तीन साल की मियाद को डेढ़ साल में पूरा कर लें, क्योंकि यूपी के विकास से ही देश का विकास है। उत्तर प्रदेश का समग्र विकास करना हम सभी का दायित्व है। इस मौके पर मुख्य सचिव जावेद उस्मानी ने कहा कि परियोजना के प्रथम चरण में मेट्रो ट्रेन का कार्य एयरपोर्ट से मंुशी पुलिया तक होगा, जिसकी लंबाई लगभग 23 किमी है। उन्होंने कहा कि इस रुट पर 22 स्टेशन पड़ेंगे जिसमें 3 स्टेशन भूमिगत होंगे। ट्रेन चारबाग रेलवे स्टेशन से लेकर बाबू के डी सिंह स्टेडियम तक भूमिगत रेलवे लाइन रहेगी। कार्यक्रम को नगर विकास मंत्री आजम खां, लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव, प्रधान सलाहकार मेट्रो रेल कारपोरेशन श्रीधरन आदि ने भी संबोधित किया। अंत में एम डी लखनऊ मेट्रो ट्रेन कारपोरेशन राजीव अग्रवाल ने आभार व्यक्त किया। संचालन अनीता सहगल ने किया।

गुजरात में पिछले 10 साल में एक भी दंगा नहीं हुआ
लखनऊ
भारतीय जनता पार्टी के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने कहा कि समृद्ध भारत का सपना तभी पूरा होगा जब उत्तर प्रदेश समृद्ध होगा। यूपी का विकास होगा तभी भारत का भी विकास होगा। मोदी ने कहा कि चुनाव से पहले यह जनसैलाब देख कर लगता है कि भाजपा की सूनामी आने वाली है जो कांग्रेस का विनाश कर देगी। भाजपा विजय शंखनाद महारैली में शुरुआत करते हुए सबसे पहले बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे छात्रों को शुभकामना दी। फिर प्रदेश के किसानों की दुर्दशा के लिए प्रदेश की सपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
मुलायम पर हमला करते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने तो पहले ही हमसे हार स्वीकार कर ली है। मुलायम यूपी की गुजरात से तुलना करते हैं उन्होने कहा कि आप पहले गुजरात होकर तो आएं। यूपी में उनकी सरकार में दर्जनों दंगे हुए हैं लेकिन गुजरात में पिछले 10 साल में एक भी दंगा नहीं हुआ। यूपी में गुनाहों में 240 फीसद की बढ़ोत्तरी हुई है। राज्य में गुंडागर्दी का साम्राज्य है और आप गुजरात से इसकी तुलना करते हो। मोदी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी में दो खेमे हो गए हैं। एक का नाम है समाज वादी पार्टी और दूसरे का सुखवादी पार्टी। सपा के नेता मौज मस्ती में डूबे हुए हैं। आज राम मनोहर लोहिया की आत्मा इन चीजों को देख कर रो रही होगी।

लखनऊ
सुप्रीम कोर्ट द्वारा सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के बाद लखनऊ पुलिस से गिरफ्तार किए गए। सुब्रत रॉय को पुलिस हिरासत में भी वीआईपी ट्रीटमेंट मिल रहा है उन्हें लखनऊ के एक गेस्ट हाउस में रखा गया है। शुक्रवार रात से ही सुब्रत रॉय को वन विभाग के गेस्ट हाउस में रखा गया है। गेस्ट हाउस में सहारा प्रमुख को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। उन्हें तमाम सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। उनका खाना बाहर से आ रहा है। सुब्रत रॉय को गेस्ट हाउस में रखने की वजह से कुकरेल इलाके से लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। वन विभाग का गेस्ट हाउस कुकरेल इलाके में है। इस वजह से पूरे पिकनिक स्पॉट को बंद कर दिया गया है।
आमतौर पर वीकेंड शनिवार पर यहां बहुत भीड़ रहती है, लेकिन सहारा प्रमुख की वजह से जो आज लोग यहां पिकनिक के लिए आए, उन्हें बैरंग लौटना पड़ा। 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की देनदारी के केस में बुरी तरह फंसे सहारा प्रमुख को 4 मार्च को सीधे सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा और उसके बाद उनकी किस्मत का फैसला अदालत में ही होगा। सुप्रीम कोर्ट से हाथ जोड़कर की गई याचना, मां की बीमारी की गुहार और देश के प्रसिद्ध वकील रामजेठमलानी के कानूनी दांवपेंच भी इस बार सुब्रत रॉय की गिरफ्तारी टाल नहीं सके।
सहारा की कंपनियां निवेशकों से वैकल्पिक रूप से पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर के जरिए जुटाई गई 24 हजार करोड़ रुपये की राशि में से 19,000 करोड़ रुपये की राशि चुकाने के लिए गारंटी के रूप में सेबी के पास बिना कर्ज वाली कुछ संपत्तियों का मालिकाना हक जमा करने में असफल रही है। सहारा ने दिसंबर 2012 में हालांकि सेबी के पास 5,120 करोड़ रुपये जमा कर दिए थे। उल्लेखनीय है कि सुब्रत राय के सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित नहीं होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उनके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया और अदालत के आदेश का पालन करने के लिए चार मार्च तक की मोहलत दी। अदालत ने इससे पिछली सुनवाई में राय को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए थे।

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