Thursday, December 13, 2018
उत्तर प्रदेश

BSP give reservation to poor peoples

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनने पर गरीबों को आर्थिक आधार पर आरक्षण के साथ ही किसानों का एक लाख रुपए का कर्ज माफ होगा। भाजपा आरएसएस के एजेंडे पर काम कर रही है। यूपी में भाजपा सफल हुई तो दलितों और पिछड़ों को मिलने वाला आरक्षण समाप्त हो जाएगा। यह बातें बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सूबे की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बरेली में बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित एक जनसभा में कहीं।

 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी से 10 माह पूर्व ही अपने चहेतों का काला धन ठिकाने लगवा दिया। भाजपा के प्रति जनता आक्रोशित है, इस बात को भाजपा भांप चुकी है। यही कारण है कि मुख्यमंत्री पद के लिए किसी का नाम पार्टी ने पेश नहीं किया।बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सूबे में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी सरकार ने बदले की भावना से काम किया। अल्पसंख्यकों और दलितों को झूठे केसों में जेल भेज गया है। बसपा की सरकार बनने पर ऐसे लोगों की समीक्षा की जाएगी और निर्दोषों को रिहा किया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में आपराधिक घटनाओं में तेजी से बढ़ोतरी हुई। मथुरा, दादरी और बुलंदशहर जैसे कांड हुए। मथुरा में तो सरकारी जमीन पर कब्जे को लेकर पुलिस अधिकारी तक की जान चली गई। गरीब, मजलूम और अल्पसंख्यक वर्ग तो बहुत परेशान हुए। दंगे-फसाद से अल्पसंख्यकों को क्षति पहुंचाई गई। सपा सरकार की पारिवारिक कलह के बाद अब अल्पसंख्यकों का मोह इस पार्टी से भंग हो गया है।

 

बसपा अध्यक्ष ने कहा कि गुंडागर्दी, अराजकता और सांप्रदायिकता फैलाने वाली पार्टी के साथ कांग्रेस के गठबंधन का सीधा फायदा भाजपा को होगा। उन्होंने कहा कि यूपी में वर्तमान चुनाव सांप्रदायिकता, जातिवाद और अपराधी तत्वों को खत्म करने का है। पिछले पांच साल में सपा सरकार का एक सूत्रीय काम गुंडागर्दी कर जमीनों पर कब्जे करने और अराजकता फैलाने का रहा।

SP Chief Mulayam singh yadav is star campaigners of RLD

लखनऊ. लोकदल के बुलावे पर भी दूरी बनाए रखने वाले मुलायम सिंह यादव अब लोकदल के स्टार प्रचारकों की लिस्ट में पहले स्थान पर शामिल हो गए हैं। इसे लेकर मुलायम की ओर से तो कोई बयान नहीं आया है, लेकिन सपा के प्रवक्ता राजेंद्र चैधरी का कहना है कि यह कैसे हुआ, उन्हें जानकारी नहीं है।

लोकदल ने 14 स्टार प्रचारकों की जो सूची सार्वजनिक की
चैधरी ने मामला संज्ञान में न होने की बात कही है। लोकदल ने अपने 14 स्टार प्रचारकों की जो सूची सार्वजनिक की है, उसमें मुलायम का नाम पहले स्थान पर नजर आ रहा है। सूची में इसके अलावा कॉमेडियन एहसान खान और राजपाल यादव भी शामिल हैं। लोकदल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.एसपी सिंह कुशवाहा ने दावा किया है कि यह सूची मुलायम सिंह की रजामंदी लेने के बाद ही जारी की गई है।
कुशवाहा के मुताबिक मुलायम ने पार्टी के अध्यक्ष चैधरी सुनील सिंह से प्रचार करने की हामी भरी थी। गौरतलब है कि सपा में मचे घमासान के समय मुलायम के लोकदल के सिंबल से मैदान में उतरने की चर्चा थी।

BSP congress samajwadi party MLA join BJP

लखनऊ. यूपी में अगले साल विधानसभ चुनाव से पहले पाला बदलने का खेल शुरू हो गया है। कल ही कांग्रेस और एसपी के चार विधायकों ने बीएसपी का दामन थामा था आज अलग-अलग पार्टियों के 7 विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं।

ये लोग बीजेपी में हुए शामिल
बसपा के बाला प्रसाद अवस्थी और राजेश त्रिपाठी बीजेपी में शामिल हुुए हैं। वहीं, कांग्रेस के संजय जायसवाल, विजय दुबे, माधुरी वर्मा और सपा के शेर बहादुर भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। हालांकि, सपा के रामपाल अभी तक बीजेपी दफ्तर नहीं पहुंचे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि रामपाल मौके पर पाला बदल सकते हैं।

सपा विधायक बसपा में शामिल
बुधवार को कांग्रेस के तीन विधायक और समाजवादी पार्टी के एक विधायक बीएसपी में शामिल हुए। बीएसपी में शामिल होने वाले ये सभी विधायक मुसलमान हैं। कांग्रेस के मोहम्मद मुस्लिम, नवाब काजिम अली खान, दिलनवाज खान और समाजवादी पार्टी के नवाजिश आलम खान हाथ और साइकिल छोड़ हाथी पर सवार हुए।

दलित और मुस्लिम गठजोड़ में लगी बसपा
खास बात ये है कि जैसे-जैसे चुनाव के दिन करीब आ रहे हैं बीएसपी दलित और मुस्लिम गठजोड़ की तरफ बढ़ रही है। परंपरगत तौर पर ब्राह्मण बीएसपी के समर्थक रहे हैं। ऐसे में मायावती की कोशिश मुस्लिम, दलित और ब्राह्मण को साथ लाने की है। यूपी में 21 फीसदी दलित, 20 फीसदी मुसलमान हैं।

लखनऊ.  मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मोती महल लॉन मे साइकिल फेयर का उद्घाटन किया  साथ ही साथ  लोगों को साइकिल चलाने की सलाह भी  दी। मेले में डेढ़ हजार से लेकर 53  हजार तक की साइकिल अवेलबल हैं और उनके पार्ट्स भी । आकर्षण का मुख्य  केंद्र बना 24  गियर वाली 53  हजार की एमटीवी साइकिल । मुख्यमंत्री ने खुद जाकर इस साइकिल की खासियत के बारे में जानकारी ली। दो दिन तक चलने वाले इस फेयर को लेकर लोगों में भी साइकिल को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला। साइकिल फेयर में चार हजार से लेकर 53  हजार तक की साइकिल अवेलबल है ।

 

Prdani elections will not be with the district and region election

इलाहाबाद।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव को लेकर दायर दो अलग अलग याचिकाओं को खारिज कर दिया है। पहली याचिका में ग्राम पंचायतों का चुनाव जिला व क्षेत्र पंचायतों के चुनाव के साथ कराने की मांग की गयी थी तथा दूसरी याचिका में मेरठ जिला पंचायत के वार्ड नंबर 18 को ओबीसी सीट घोषित करने को चुनौती दी गयी थी।

याचिका में कहा गया था कि आरक्षण में घपलेबाजी की गयी है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के ग्राम पंचायतों में चक्रानुक्रम से सीटों का आरक्षण न कर फिर नये सिरे से आरक्षण की कार्यवाही के खिलाफ याचिका पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इस पर पांच अक्टूबर को सुनवाई होगी।याचिकाओं की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डॉ. डी.वाई. चन्द्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने यह आदेश दिया है। राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता रामानंद पाण्डेय का कहना है कि सरकार ने नियमों में बदलाव कर लिया है और नये सिरे से सीटों के आरक्षण की कार्यवाही सरकार कर रही है जिसमें लोगों से आरक्षण को लेकर आपत्तियां भी मांगी गयी हैं। कहा गया है कि ग्राम पंचायतों में किया गया आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 243 डी के अनुकूल है। जिसे 9 अक्टूबर तक अन्तिम रूप दिया जायेगा।

कोर्ट का कहना था कि नयी ग्राम पंचायतों की भारी संख्या में आने के कारण सरकार ने नये सिरे से शुरूआत कर सकती है किन्तु पुरानी पंचायतों में चक्रानुक्रम से ही सीटों का आरक्षण किया जा सकता है। कोर्ट का मानना है कि संविधान के अनुच्छेद 243 डी के तहत सीटों के आरक्षण एवं रोटेशन की व्यवस्था की है। सरकार इसे बदल नहीं सकती। कोर्ट ने याची को नियमों में किये गये बदलाव को भी चुनौती देने के लिए याचिका संशोधित करने की अनुमति भी दे दी है। दूसरी तरफ न्यायमूर्ति अरुण टंडन तथा न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र की पीठ जिला पंचायत चुनावों में आरक्षण के खिलाफ याचिका की सुनवाई कर रही है। इस याचिका पर प्रदेश सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता कमल सिंह यादव ने सरकार का पक्ष रखा तथा किये गये आरक्षण को वैध बताया। इस याचिका पर सुनवाई 28 सितंबर को भी जारी रहेगी।

गोंडा।यूपी के गोंडा जिले में बुधवार को तनाव फैला । गणपति विसर्जन के दौरान दो गुटों में जमकर पत्थरबाजी और फायरिंग हुई। गुस्साए लोगों ने कई गाड़ियों और दुकानों में आग लगा दी। जानकारी होते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पर भी लोगों ने पथराव किया। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट सहित पांच लोग घायल हो गए। पूरे शहर में धारा 144 लगा दी गई है। साथ ही पूरे शहर में पुलिस सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं।

बताया जा रहा है कि मूर्तियों को विसर्जन के लिए उतरौला रोड से राजा मोहल्‍ला की तरफ ले जाया जा रहा था। इस दौरान अराजक तत्‍वों ने उन पर पथराव कर दि‍या। इसके बाद दोनों पक्षों में झड़प हो गई। गुस्‍साए लोगों ने कई दुकानों और गाड़ियों में आग लगा दी। घटना की जानकारी पाकर सिटी मजिस्ट्रेट एके शुक्ल और सीओ सदर अखंड प्रताप फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तो लोगों ने उन पर भी पथराव किया। हालात काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े । डीएम अजय कुमार उपाध्याय ने बताया कि अब स्थिति नियंत्रण में हैं। घटना को देखते हुए कई जिलों के फ़ोर्स भी बुला लिए गए है

लखनऊ।अखिलेश सरकार ने सचिवालय में चपरासी के लिए 368 पदों के लिए निकली भर्ती रद्द कर दी है। अब नए नियम बनाकर के दोबारा इस पद के लिए भर्ती निकाली जाएगी। बताते चलें कि इन 368 पदों के लिए २३ लाख से ज्यादा आवेदन आए थे। इनमें 255 पीएचडी होल्डर से लेकर बीटेक और ग्रेजुएट तक के अभ्यर्थियों ने अप्लाई किया था।

चपरासी के पदों पर 23 लाख से ज्यादा आवेदन आने पर सरकार ने 16 सितंबर को जांच के लिए एक कमिटी बनाई थी। कमिटी ने पाया कि चपरासी के पदों की न्यूनतम योग्यता 5वीं पास से ज्यादा की योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को बाहर नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा यदि ग्रेजुएट, बीटेक या पीएचडी होल्डर अभ्यर्थियों का चयन हो जाता है तो उनसे काम करवाने में भी अफसरों को दिक्कत होगी।

यदि पुराने नियमों के तहत भर्ती कराई जाती है, तो इस पर भी कोर्ट में याचिका दाखिल हो सकती है। यदि इंटरव्यू कराने के लिए 10 बोर्ड बनाए जाएं तो भी पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में चार साल से ज्यादा का समय लग जाएगा। इस वजह से कमिटी ने इस भर्ती को रद्द करते हुए दोबारा से नए नियमों के साथ भर्ती का विज्ञापन देने का फैसला लिया है।

अखिलेश सरकार में लगातार रद्द हो रही भर्तियों और नियुक्तियों पर रोक लगने से बेरोजगार युवकों में रोष बढ़ता जा रहा है। इससे पहले भी 41 हजार से ज्यादा सिपाहियों की नियुक्त पत्र देने पर कोर्ट ने रोक लगा रखी है। तीन हजार से ज्यादा ग्राम पंचायत अधिकारी की भर्ती पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी। बीते दिनों लगभग पौने दो लाख शिक्षामित्रों के सहायक अध्यापक के पद पर समायोजन रद्द करने के फैसले से भी शिक्षामित्रों आंदोलनरत हैं।

कानपुर। विजयनगर नगर चौराहे पर महिला ने ननद से छेड़छाड़ कर रहे ऑटो ड्राइवर को चप्पल से पीटा। बाद में लोगों ने भी उसकी लात-घूंसों से जमकर पिटाई कर दी। आरोपी तो भाग निकला पर ऑटो को पुलिस ने जब्त कर लिया।

पांडुनगर में रहने वाली महिला अपनी ननद के साथ पनकी हनुमान मंदिर दर्शन करने जा रही थी। रिक्शे से दोनों विजय नगर चौराहे पर पहुंचकर ऑटो का इंतजार कर रही थीं, तभी एक ऑटो आकर रुका। ड्राइवर ने दोनों को ऑटो में बिठा लिया। महिला ने चलने के लिए कहा तो ड्राइवर ने अन्य सवारियों के बैठने की बात कही। इसी बीच ऑटो में बैठी महिला की ननद से ड्राइवर ने अश्लील हरकत की। महिला ने आरोपी को दबोच लिया। उसे कॉलर पकड़कर बीच सड़क पर ले आई फिर चप्पल उतारकर पीटने लगी। तमाशा देखकर लोगों की भीड़ लग गई तो राहगीरों ने भी आरोपी को जमकर पीटा।

लखनऊ। मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगा दी है। नए प्रस्तावों के तहत उत्तर प्रदेश में गुटखा और सिगरेट महंगा हो जाएगा। साथ ही प्रदेश के 2743 सीजनल संग्रह अमीनों को स्थाई नौकरी दी जाएगी। इसके अलावा यूपी सरकार ने समाजवादी स्वास्थ्य सेवाओं के तहत 500 नई एम्बुलेंस खरीद को मंजूरी दे दी है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार आएगा।

ऑटो रिक्शा में लगेगा जीपीएस सिस्टम
आम नागरिकों और महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ऑटो रिक्शा में जीपीएस सिस्टम लगाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है। इससे शहर में चलने वाले सभी ऑटो पर नजर रखी जा सकेगी।

महंगे हुए गुटखा और सिगरेट
सरकार ने गुटखा-सिगरेट पर 40 फीसदी वैट बढ़ा दिया है। इससे गुटखा और सिगरेट महंगी हो जाएगी। साथ ही खुली सिगरेट बिक्री के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।

मंत्रिपरिषद के अहम फैसले
– तहसीलों के जर्जर भवनों को निर्माण
-लेखपाल सेवा नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव
-परिवहन बसों में जीपीएस और सीसीटीवी का प्रस्ताव
-खाद्य तेल परिवहन मे मेमो व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव
– विधानसभा सचिवालय सेवा नियमावली संशोधन का प्रस्ताव
-विधानसभा सत्र के सत्रावसान का अनुमोदन,
-प्रशिक्षित कृषि उद्यमी स्वावलंबन योजना का प्रस्ताव
-191 मॉडल स्कूलों को मॉडल पर चलाने का प्रस्ताव

अयोध्या। मीट पर प्रतिबंध मसले पर जब पूरे देश से कई तरह की प्रतिक्रियाएं आ रहीं हों, वैसे में अयोध्या में मीट को लेकर उठाया गया कदम दूसरे इलाकों के लिए मिसाल बन गया है। मंदिरों की नगरी होने के नाते यहां पूरे साल भर मीट की बिक्री और पके हुए मीट के वितरण पर प्रतिबंध रहता है पर यह प्रतिबंध ईद के मौके पर तीन दिनों के लिए अनाधिकारिक रूप से हटा लिया जाता है।

दूसरी ओर यहां से सिर्फ 100 किमी दूर स्थित संत कबीर नगर के मुसहरा के लोग ईदुल-जुहा के मौके पर कुर्बानी की रस्म के लिए अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहे हैं। वर्ष 2007 के दंगे के बाद संत कबीरनगर प्रशासन ने मुसहरा में कुर्बानी पर प्रतिबंध लगा दिया था। अयोध्या म्युनिसपल बोर्ड के आदेश के तहत यहां ईद के तीन दिनों को छोड़कर मीट की बिक्री और पके हुए मीट के वितरण पर प्रतिबंध रहता है। पर ईदुल-जुहा के मौके पर मुसलमान यहां कुर्बानी करते हैं और मीट बांटते हैं।

अयोध्या के मुस्लिम कहते हैं कि किसी भी साधु या महंत ने कभी भी इस पर आपत्ति नहीं जताई। यहां रहने वाले मुस्लिम कहते हैं कि वे पीढियों से बिना किसी अड़चन के कुर्बानी की रस्म अदायगी करते आ रहे हैं। कभी कोई समस्या नहीं हुई। अयोध्या म्यूनिसपल बोर्ड के कॉरपोरेटर हाजी असद अहमद कहते हैं कि जहां तक हमें याद है हम हमेशा से कुर्बानी करते रहे हैं। मुसलमान परिवार बिना किसी भय के यह कुर्बानी देते हैं।

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