अगले महीने खातों से नकद निकासी सीमा समाप्त

अगले महीने खातों से नकद निकासी सीमा समाप्त

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नई दिल्ली ।

कर्ज और सस्ते होने का इंतजार कर रहे आम लोगों व उद्यमियों को भले ही रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने निराश किया हो, लेकिन उसने बैंकों से नकद निकासी पर लगी सीमा को हटाने का एलान कर दिया है। इस तरह केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि अब स्थिति लगभग सामान्य हो गई है। 13 मार्च के बाद लोग अपने खाते से जितनी चाहे उतनी रकम निकाल सकेंगे।

केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो दर में कोई बदलाव नहीं किया है। इसके अलावा विकास दर के अनुमान को भी घटाकर 6.9 फीसद कर दिया है।1रिजर्व बैंक की ओर से नोटबंदी के बाद बैंक खाते से नकदी निकासी पर लगाई गई सीमा को हटाने की घोषणा की है। बचत खाते से 20 फरवरी से हर सप्ताह 50,000 रुपये निकाले जा सकेंगे। जबकि 13 मार्च से बैंक से नकदी निकासी की सीमा पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

इसके बाद ग्राहक अपने सेविंग अकाउंट से कितनी भी राशि निकाल पाएंगे। एमपीसी की बैठक के बाद बुधवार को दोमाही मौद्रिक नीति की समीक्षा जारी की गई। यह लगातार दूसरी मौद्रिक नीति समीक्षा है, जब आरबीआइ ने प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कमी करने से परहेज किया है। केंद्रीय बैंक ने इस दर को 6.25 फीसद पर बरकरार रखा है। रेपो रेट वह दर है जिस पर बैंक आरबीआइ से कम अवधि के कर्ज लेते हैं।

इसमें कमी होने पर बैंक होम व ऑटो लोन समेत तमाम तरह की कर्ज दरें घटाते हैं। रिजर्व बैंक का रुख फिलहाल महंगाई को काबू रखकर विकास दर को बढ़ाने का रहा है। इसके बावजूद ब्याज दरों में और कटौती से बचा गया है। केंद्रीय बैंक को इस बात की भी आशंका है कि नकदी का प्रवाह बढ़ने से आने वाले दिनों में महंगाई में उछाल की आशंका है।