सीएम बनते ही मुफ्ती मोहम्मद सईद के विवादास्पद बोल जम्मू कश्मीर में पाक व आतंकियों की वजह से हुआ शांतिपूर्ण मतदान

सीएम बनते ही मुफ्ती मोहम्मद सईद के विवादास्पद बोल जम्मू कश्मीर में पाक व आतंकियों की वजह से हुआ शांतिपूर्ण मतदान

जम्मू। शपथ लेने के कुछ देर बाद ही जम्मू-कश्मीर के नए मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के एक बयान ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया। मुख्यमंत्री सईद ने राज्य में शांतिपूर्ण मतदान के लिए पाकिस्तान, हुर्रियत और आतंकवादियों को श्रेय दिया। उनके इस बयान के खिलाफ पैंथर्स पार्टी और नेशनल कांफ्रेंस ने मोर्चा खोल दिया है। साथ ही भाजपा भी इस मुद्दे पर विपक्ष के निशाने पर है।
भाजपा-पीडीपी की सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) को जारी करने के लिए हुई प्रेस कांफ्रेंस में मुफ्ती ने कहा कि हुर्रियत के लोग अपने ही हैं। अगर हुर्रियत, पाकिस्तान और आतंकियों ने शांतिपूर्ण चुनाव के लिए माहौल नहीं बनाया होता तो इतना भारी मतदान संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि अलगाववादी और आतंकी चुनाव के दौरान कुछ कर देते तो ऐसा मतदान नहीं हो पाता। मुफ्ती के इस बयान के खिलाफ नेशनल कांफ्रेंस और पैंथर्स पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुफ्ती के बयान पर भाजपा से जवाब मांगा है। वहीं पैंथर्स पार्टी के प्रमुख भीम सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा ने पीडीपी के साथ समझौता कर ऐतिहासिक भूल की है। यह उसी तरह की गलती है जैसी जवाहर लाल नेहरू ने 1947 में और इंदिरा गांधी ने 1975 में शेख अब्दुल्ला से समझौता कर की थी।