वकील हत्या का आरोपी दारोगा गिरफ्तार सरकार ने दिए सीबीआई जांच के आदेश

वकील हत्या का आरोपी दारोगा गिरफ्तार सरकार ने दिए सीबीआई जांच के आदेश

यूपी के इलाहाबाद कचहरी परिसर में गत बुधवार को एक दारोगा द्वारा वकील की हत्या को लेकर पूरे प्रदेश में वकीलों के तीखे विरोध के बीच सरकार ने वकील की मौत व उसके बाद हुए संघर्ष में एक सिपाही के घायल होने की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की। वहीं इस मामले में आरोपी दारोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा प्रमुख सचिव गृह व डीजीपी ने अस्पताल में भर्ती सिपाही का हालचाल लिया और उसके परिजनों से मिलकर इलाज के लिए पांच लाख रुपए का चेक दिया। पुलिस महानिरीक्षक (लोक शिकायत) अशोक मुथा जैन ने यहां संवाददाताओं को बताया कि प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद कचहरी परिसर में गत बुधवार को हुए दो महत्वपूर्ण मामलों, अधिवक्ता नबी अहमद की मौत तथा उसके बाद हुए पुलिस तथा वकीलों के बीच संघर्ष में सिपाही अजय नागर के घायल होने के मामलों की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है। श्री जैन ने बताया कि वकील की हत्या के मामले में आरोपी दारोगा शैलेन्द्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि प्रदेश के गृह विभाग के प्रमुख सचिव देवाशीष पण्डा व डीजीपी एके जैन ने शुक्रवार को इलाहाबाद जाकर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि बैठक में तय किया गया कि अगले तीन-चार दिन तक कचहरी परिसर में रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की जाएगी। उसके बाद आरएएफ की जगह केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की तैनाती होगी। गौरतलब है कि बुधवार की दोपहर इलाहाबाद कचहरी परिसर में अधिवक्ता नबी अहमद की गोली लगने से मौत हो गई थी। हत्या का आरोप दारोगा शैलेन्द्र सिंह पर लगाया गया था। इस वारदात के बाद भड़के वकीलों ने कचहरी परिसर में तोड़फोड़ और आगजनी की थी। इस घटना के विरोध में पूरे प्रदेश के वकील आंदोलित हो गए थे और उन्होंने विभिन्न जिलों में जगह-जगह मार्ग जाम और तोड़फोड़ की थी। मुख्य न्यायाधीश ने न्यायमूर्ति पी. के. एस. बघेल को संपूर्ण प्रकरण की जांच के आदेश दिए थे। वहीं मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश पर राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि यह गंभीर मामला है। इस मामले की जांच गंभीरता और समय पर होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। राज्यपाल ने कहा इस घटना को लेकर मैं, हाईकोर्ट व मुख्यमंत्री सहित सभी चितिंत हैं।

शैलेंद्र सिंह

सूर्य प्रकाश त्रिपाठीइलाहाबाद। जिला कचहरी में हुए गोलीकाण्ड, जिसमें एक अधिवक्ता नबी अहमद की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गये, वकालत संबंधी विवाद के कारण नहीं हुई। इसके तार बहन की शादी, भूमि संबंधी विवाद और एक मुकदमे की विवेचना के उपरान्त दाखिल फाइनल रिपोर्ट (एफआर) से जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि 11 मार्च को जिला कचहरी में जब कतिपय वकीलों ने एक दरोगा को मारना पीटना शुरू किया और उसकी सर्विस रिवाल्वर छीनने की कोशिश की तो उसने आत्मरक्षार्थ गोली चला दी, जिससे एक अधिवक्ता नबी अहमद की मौत हो गयी और दो अन्य घायल हो गये। नबी अहमद की मौत के बाद कचहरी क्षेत्र में हिंसा फैल गयी। वाहनों को तोड़ा-फोड़ा गया और पथराव व पुलिस फायरिंग भी हुई। आरोप है कि वकीलों की ओर से फायरिंग में एक सिपाही भी गंभीर रूप से जख्मी हुआ है। इस घटना की आग पूरे प्रदेश में फैल गयी और अनेक जिलों में वकीलों ने उग्र प्रदर्शन किया। उ.प्र. बार कौंसिल के आह्वान पर 12 मार्च को पूरे प्रदेश में वकील न्यायिक कार्य से विरत रहे। अब बार कौंसिल आफ इंडिया ने आगामी 16 मार्च को देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।