विधानसभा में उठा षिक्षकों से षिक्षण कार्य से अतिरिक्त कार्य लिये जाने का मामला

विधानसभा में उठा षिक्षकों से षिक्षण कार्य से अतिरिक्त कार्य लिये जाने का मामला

विधानसभा मेें मंगलवार को प्रदेष के बेसिक षिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा कि अब उ.प्र. में षिक्षकों की कोई कमी नहीं है। इसके अलावा मंत्री ने एक सवाल के जवाब में यह भी कहा कि चुनाव व दैवीय आपदा के अलावा बेसिक षिक्षकों की डयूटी अन्य किसी कार्य में नहीं लगाई जाती है। इसके लिए 3 सितंबर 2012 में मुख्य सचिव ने एक षासनादेष भी जारी कर दिया है। षिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेष में सभी षिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर तैनात किया जा रहा है और उसी आधार पर उन्हें वेतन मिलेगा।
दरअसल, प्रष्नकाल में भाजपा सदस्य लोकेन्द्र सिंह ने सरकार से यह जानना चाहा था कि बेसिक षिक्षा परिषद द्वारा प्रदेष में संचालित प्राइमरी पाठशालाओं में नियुक्त षिक्षकों व षिक्षा मित्रों की सेवायें षिक्षण कार्यों के अतिरिक्त अन्य कार्यों में भी ली जाती हैं? इस सवाल के जवाब में प्रदेष के बेसिक षिक्षा मंत्री ने कहा कि नि:श्षुल्क और अनिवार्य बाल षिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 में षिक्षकों से षिक्षण कार्य के अलावा, चुनाव और दैवीय आपदा के अतिरिक्त किसी अन्य कार्य में उनकी डयूटी नहीं लगाई जाती है। उन्होंने कहा कि उक्त अधिनियम में प्राविधानित व्यवस्था के अतिरिक्त अन्य गैर षैक्षणिक कार्यो में षिक्षकों को न लगाये जाने के निर्देष 3 सितंबर 2012 को एक षासनादेष में स्पष्ट कर दिये गए हैं।