मोदी ने जीता ऑनलाइन पोल

मोदी ने जीता ऑनलाइन पोल

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न्यूयार्क।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी पत्रिका टाइम के ‘पर्सन आफ द इयर’ की आखिरी आठ की चयनित सूची से बाहर हो गए हैं। मोदी अमेरिकी पत्रिका के संपादकों की पसंद नहीं बन पाए। हालांकि टाइम की ऑनलाइन वोटिंग में भारतीयों के हृदय सम्राट नमो की ही जयजयकार हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस साल टाइम पर्सन ऑफ द इयर की ऑनलाइन वोटिंग के विजेता घोषित हो गए हैं। करीब 50 लाख मतों में से 16 फीसद से भी अधिक वोट मोदी को मिले। ऑनलाइन वोटिंग में अश्वेत को एक श्वेत पुलिस अफसर डैरन विल्सन के गोली मारने के बाद फग्र्यूसन में भड़के दंगों की घटना 9 फीसद वोटों के साथ दूसरे पायदान पर रही। टाइम पत्रिका का कहना है कि पत्रिका के भारतीय पाठकों ने मोदी को पहले स्थान पर पहुंचने में मजबूती दी। सबसे अधिक वोट उन्हें भारत से ही मिले। इसके बाद उन्हें वोट देने वाले उनके प्रशंसकों में दूसरे स्थान पर अमेरिका रहा। इस ऑनलाइन वोटिंग में 225 देशों के लोगों ने शिरकत की। इसमें वोट डालने वालों में 37 फीसद अमेरिकी, 17 फीसद भारतीय और बारह फीसद रूसी नागरिक थे। टाइम पत्रिका का कहना है कि नरेंद्र मोदी इसी साल मई में भारी बहुमत से विजयी होकर प्रधानमंत्री बने और देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए मजबूत आधार तैयार किया। मोदी टाइम की ऑनलाइन वोटिंग के दौरान शुरूआत से ही लगातार पहले स्थान पर रहे हैं।

हालांकि मुख्य स्पद्र्धा में टाइम के संपादकों ने विश्व के पचास सर्वाधिक चर्चित नेताओं और कंपनियों के सीईओ में से पहली आठ हस्तियों को चुनकर उनके नामों की सोमवार को घोषणा कर दी। अंतिम सूची में जगह बनाने वाली हस्तियों में चीनी कंपनी अलीबाबा समूह के प्रमुख जैक मा, इबोला के डाक्टर और नर्सें, रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन, एप्पल के सीईओ टिम कुक, फग्र्यूसन के प्रदर्शनकारी, पॉप गायिका टेलर स्विफ्ट, नेशनल फुटबाल लीग के कमिश्नर रॉजर स्टोक गुडेल और इराकी-कुर्दिश क्षेत्र पर 2005 से काबिज कुर्दिश नेता मसूद बारजानी शामिल हैं। अब टाइम पत्रिका के संपादक इन आठ हस्तियों में से किसी एक को पर्सन ऑफ द इयर चुनेंगे और उसके नाम की घोषणा दस दिसंबर को करेंगे।

टाइम पत्रिका वर्ष 1927 से खबरों में सबसे प्रभावशाली हस्तियों को पर्सन ऑफ द इयर चुनती रही है। ये प्रभाव सकारात्मक और नकारात्मक दोनों ही पहलुओं में हो सकता है।