भारत निवेश के लिए खुला है, अमेरिकी कंपनियां भी कदम बढ़ाने को तैयार

भारत निवेश के लिए खुला है, अमेरिकी कंपनियां भी कदम बढ़ाने को तैयार

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भारत ने निवेश आकर्षित करने का रास्ता बना रखा है और और अमेरिकी कंपनियां वहां निवेश के लिए आगे बढ़ने को तैयार हैं। यह बात भारत में काम करने वाली अमेरिकी कंपनियों के मंच के प्रमुख ने कही। अमेरिका भारत व्यापार परिषद (यूएसआईबीसी) के प्रमुख ने भारत में कारोबार का वातारण बेहतर बनाने की दिशा में मोदी सरकार की पहल की तरीफ करते हुए कहा भारत निवेश के लिए तैयार है और अमेरिका आगे बढ़ने के लिए उत्सुक है। इस महीने यूएसआईबीसी की कमान संभालने वाले अघी ने कहा अमेरिकी कंपनियां विशेष तौर पर बुनियादी ढांचा क्षेत्र में 1,500 अरब डालर के निवेश के मौकों के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा अपनी स्थापना के 40वें वर्ष में यूएसआईबीसी की सफलता इस बात से आंकी जाएगी कि द्विपक्षीय व्यापार में 500 अरब डालर की वृद्धि हुई। चुनौतियां हैं लेकिन मैं इसे अवसर की तरह देखता हूं। अघी ने कहा प्रधानमंत्री ने एक यात्रा शुरू की है। उम्मीदें बहुत हैं। यदि बड़े जहाज को मोड़ना हो तो समय तो लगता है। माहौल बदलने की कोशिश करें तो इसमें समय लगता है। इसमें शायद ज्यादा लंबा समय लगे।

वाशिंगटन। अमेरिका की बीमा कंपनी पे्रेमेरा ब्ल्यू क्रास ने कहा है कि उसका कंप्यूटर नेटवर्क हैक हो गया था जिससे 1.1 करोड़ लोगों से जुड़ी सूचनाएं दूसरे के हाथ लगने की आशंका है। यह दूसरा मौका है जबकि अमेरिका की इस प्रमुख स्वास्थ्य बीमा कंपनी पर सायबर हमला हुआ है। पे्रमेरा ने कहा कि उसे 29 जनवरी को पता चला कि कंपनी के कंप्यूटर नेटवर्क पर सायबर हमला हुआ है। जांच में पाया गया कि पहला हमला पांच मई 2014 को हुआ था। कंपनी ने कहा कि हो सकता है कि हैकरों को उसके सदस्यों के नाम, जन्म तिथि, सामाजिक सुरक्षा से जुड़े आंकड़े, ईमेल, बैंक खातों का ब्योरा और दावों की जानकारी मिल गई हो। प्रेमेरा ने कहा ग्राहकों और अन्य सदस्यों को मिलाकर कुल प्रभावित लोगों की संख्या 1.1 करोड़ हो सकती है। इससे छह हफ्ते पहले एंथम ब्ल्यू क्रॉस ने भी इसी तरह का खुलासा किया था जिसने कहा था कि उसके आठ करोड़ ग्राहकों से जुड़े रिकार्ड प्रभावित होने की संभावना है।

सराहना करता है अमेरिका : ल्यू वाशिंगटन। अमेरिका भारत की नई सरकार द्वारा शुरू की गई आर्थिक सुधार की प्रक्रिया से उत्साहित है लेकिन उसे अमेरिकी उद्योगजगत की चिंताओं का निराकरण करने के लिए अभी लंबा सफर तय करना है। यह बात अमेरिकी वित्तमंत्री जैक ल्यू ने कही। ल्यू ने कहा कि मैं हाल ही में भारत यात्रा पर था। वित्तमंत्रालय के अधिकारियों तथा प्रधानमंत्री से मिला और वे जिस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं उसे देखकर उत्साहित हुआ। यह न सिर्फ बाजार खोलने बल्कि अमेरिकी उद्योगों के लिए यह साफ करने की दिशा में भी है कर संबंधी मुद्दांे और अन्य मसलों को कैसे सुलझाया जाएगा। उन्होंने अमेरिका की एक संसदीय समिति के सामने कहा कि बाजूद इसके, भारत को अभी लंबा सफर तय करना है। वह समिति के अध्यक्ष और सांसद एड रॉयस के प्रश्न का जवाब दे रहे थे। रॉयस पिछले सप्ताह एक सर्वदलीय शिष्टमंडल के लेकर भारत यात्रा पर आए थे। रॉयस ने कहा कि प्रधामनंत्री मेदी के साथ हमारी बैठक अच्छी रही और वहां गतिविधियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। रॉयस चीन यात्रा पर भी गए थे, उन्होंने कहा अमेरिकी कंपनियों को चीन में समान अवसर नहीं मिल रहे हैं।