जिला व क्षेत्र पंचायत चुनाव संग नहीं होगा प्रधानी का चुनाव

जिला व क्षेत्र पंचायत चुनाव संग नहीं होगा प्रधानी का चुनाव

Prdani elections will not be with the district and region election

इलाहाबाद।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव को लेकर दायर दो अलग अलग याचिकाओं को खारिज कर दिया है। पहली याचिका में ग्राम पंचायतों का चुनाव जिला व क्षेत्र पंचायतों के चुनाव के साथ कराने की मांग की गयी थी तथा दूसरी याचिका में मेरठ जिला पंचायत के वार्ड नंबर 18 को ओबीसी सीट घोषित करने को चुनौती दी गयी थी।

याचिका में कहा गया था कि आरक्षण में घपलेबाजी की गयी है। वहीं दूसरी ओर प्रदेश के ग्राम पंचायतों में चक्रानुक्रम से सीटों का आरक्षण न कर फिर नये सिरे से आरक्षण की कार्यवाही के खिलाफ याचिका पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। इस पर पांच अक्टूबर को सुनवाई होगी।याचिकाओं की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश डॉ. डी.वाई. चन्द्रचूड़ तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने यह आदेश दिया है। राज्य सरकार के स्थायी अधिवक्ता रामानंद पाण्डेय का कहना है कि सरकार ने नियमों में बदलाव कर लिया है और नये सिरे से सीटों के आरक्षण की कार्यवाही सरकार कर रही है जिसमें लोगों से आरक्षण को लेकर आपत्तियां भी मांगी गयी हैं। कहा गया है कि ग्राम पंचायतों में किया गया आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 243 डी के अनुकूल है। जिसे 9 अक्टूबर तक अन्तिम रूप दिया जायेगा।

कोर्ट का कहना था कि नयी ग्राम पंचायतों की भारी संख्या में आने के कारण सरकार ने नये सिरे से शुरूआत कर सकती है किन्तु पुरानी पंचायतों में चक्रानुक्रम से ही सीटों का आरक्षण किया जा सकता है। कोर्ट का मानना है कि संविधान के अनुच्छेद 243 डी के तहत सीटों के आरक्षण एवं रोटेशन की व्यवस्था की है। सरकार इसे बदल नहीं सकती। कोर्ट ने याची को नियमों में किये गये बदलाव को भी चुनौती देने के लिए याचिका संशोधित करने की अनुमति भी दे दी है। दूसरी तरफ न्यायमूर्ति अरुण टंडन तथा न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्र की पीठ जिला पंचायत चुनावों में आरक्षण के खिलाफ याचिका की सुनवाई कर रही है। इस याचिका पर प्रदेश सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता कमल सिंह यादव ने सरकार का पक्ष रखा तथा किये गये आरक्षण को वैध बताया। इस याचिका पर सुनवाई 28 सितंबर को भी जारी रहेगी।