आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाए श्रीलंका

आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाए श्रीलंका

कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच चार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण इस पड़ोसी देश के साथ गठजोड़ मजबूत करने के उद्देश्य से कई पहलों की घोषणा भी की गई। दोनों देशों के बीच वीजा, सीमा शुल्क, युवा विकास व श्रीलंका में रवींद्रनाथ टैगोर स्मारक बनाने से जुड़े चार करार हुए। आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने की अपनी इच्छा जताते हुए दोनों देशों ने उत्पाद शुल्क सहयोग पर एक समझौते के तहत दोनों पक्षों पर गैरशुल्क बाधाएं कम करने तथा कारोबार आसान बनाने के लिए कदम उठाए। आरबीआई व श्रीलंका के केंद्रीय बैंक के बीच 1.5 अरब डॉलर की मुद्रा अदला-बदली पर सहमति भी बनी। श्रीलंका के त्रिंकोमाली शहर को पेट्रोलियम पदार्थों का एक बड़ा क्षेत्रीय केंद्र बनाने में भारत मदद करेगा। इसके तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और श्रीलंका के सिलोन पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के बीच समझौता हुआ है।

कोलंबो (भाषा)। भारत और श्रीलंका की सुरक्षा को अविभाज्य बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार कोसमुद्री सुरक्षा व आतंकवाद निरोधक कार्रवाई के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की पुरजोर वकालत की। मोदी ने श्रीलंका की संसद को संबोधित करते हुए कहा कि श्रीलंका की एकता व अखंडता भारत के लिए सर्वोपरि है व हालिया चुनावों ने देश में बदलाव और सुलह की उम्मीद झलकाई है। उन्होंने श्रीलंका की विकास यात्रा में भारत की ओर से पूरे समर्थन की घोषणा भी की। मोदी यहां की संसद मंे भाषण देने वाले चौथे भारतीय प्रधानमंत्री हैं। इससे पहले जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी व मोरारजी देसाई श्रीलंकाई संसद को संबोधित कर चुके हैं। मोदी ने यह संदेश दिया कि भारत शांति व समन्वय की अपनी नई यात्रा में तमिलों के लिए समानता, न्याय, शांति व गरिमापूर्ण जीवन का समर्थन करता है। गौरतलब है कि पिछले 28 साल में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली द्विपक्षीय यात्रा है। इससे पहले राजीव गांधी 1987 में यहां आए थे और उनके दौरे के बाद दोनों देशों के संबंधों में कई मोड़ आए हैं और चीन ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया। (शेष पेज-2 पर)

४ तमिलों के लिए शांति और गरिमापूर्ण जीवन का किया समर्थन ४ मछुआरों के मुद्दे पर नरेंद्र मोदी ने सिरिसेना से की वार्ता, जताई समाधान की उम्मीद ४ इससे पहले नेहरू, इंदिरा व मोरारजी इस पड़ोसी देश की संसद को कर चुके हैं संबोधित