अब शहरों में भी लोगों को आवास उपलब्ध कराएगी यूपी सरकार

अब शहरों में भी लोगों को आवास उपलब्ध कराएगी यूपी सरकार

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार पर शहरों में भी लोगों को आवास देने को विकास कार्य में वरीयता पर रखने की योजना तैयार कर चुकी है। समाजवादी शहर आवासीय योजना को आज मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक को मंजूरी प्रदान की गई। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के पयर्टन उद्योग को गति देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार विश्व बैंक से कर्ज लेने की तैयारी में है।
लोहिया ग्राम आवास योजना की तर्ज पर उत्तर प्रदेश सरकार अब शहरों में भी लोगों को आवास उपलब्ध कराएगी। पहले चरण में इसके तहत तीन लाख घरों का निर्माण होगा। इनका निर्माण आवास विकास परिषद के साथ ही जिले के विकास प्राधिकरण कराएंगे। इसके लिए शहरों में लंबे समय से खाली पड़ी जमीनों का प्रयोग किया जाएगा। इसके साथ ही आवास की एक अन्य योजना के तहत सरकार तीन चरणों में शहरी आवास में इजाफा करेगी। इस नई योजना के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, महानगर तथा छोटे शहरों में आवास विकसित करे जाएंगे।
सरकार ने इसके लिए दर भी निर्धारित कर दी है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में तीन कमरों के मकान की दर 3000 रुपये प्रति स्कवायर फिट है। महानगरों में 2800 तथा छोटे शहरों में 2500 प्रति स्कवायर फिट की दर से मकान देने की योजना है। इसके लिए सरकार ने प्राइवेट बिल्डर को भी ऑफर दिया है लेकिन दरों में कोई भी परिवर्तन नहीं होगा। लोगों को आवास समय से मिलें, इसके लिए भी सरकार ने करार किया है। योजना विलंबित होने के बाद भी इसी निर्धारित दर पर लोगों को मकान मिलेंगे।
खाली पड़ी जमीनों के उपयोग की बाबत सरकार किसी भी शहर में कोई जमीन खाली नहीं छूटने देगी। जमीन मालिकों से उसके ऊपर निर्माण कराने का करार होगा। इसका 55 प्रतिशत लाभ जमीन के मालिक को होगा, 25 प्रतिशत जमीन पर सरकार का हक होगा तथा 20 प्रतिशत डेवलपर पर होगा। आवास बंधु को इसमें मदद के लिए लगाया गया है। आवास बंधु सिंगिल विंडो सिस्टम के तहत डेवलपर या बिल्डर की हर स्तर पर मदद करेगा।
इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार अब पयर्टन पर भी अधिक जोर देने जा रही है। सरकार विश्व बैंक से कर्ज लेकर आगरा, वाराणसी तथा कुशीनगर के पयर्टन स्थल का विकास करेगी। इसके तहत इन तीनों केंद्र को मॉडल केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों से मिले धन से ही विश्व बैंक के कर्ज की भरपाई होगी।