अनुष्का ने की फिल्म, विराट से रिश्ते और घर के बारे में बात

अनुष्का ने की फिल्म, विराट से रिश्ते और घर के बारे में बात

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अनुष्का शर्मा की निर्माण संस्था ‘क्लीन स्लेट’ की पहली फिल्म ‘एनएच 10’ पहले 6 मार्च को रिलीज होनी थी लेकिन अब आगे बढ़ गई है। अब फिल्म 13 मार्च को सिनेमाघरों में पहुंचेगी। इसके प्रचार में अनुष्का व्यस्त हैं। इसी सिलसिले में खूबसूरतपेंटिंग्स, एंटीक वस्तुओं और फर्नीचर से सजे 20वें फ्लोर पर स्थित उनके घर में मुलाकात हुई। इस दौरान उन्होंने अपनी फिल्म, करियर, घर, विराट कोहली से रिश्ते और अन्य पहलुओं पर बात की। प्रस्तुत हैं अंश:

>>घर बहुत खूबसूरत डिजाइन किया है आपने।

मैंने पहले भी घर खरीदा था, लेकिन उस समय हमें आर्मी से मिले घर से शिफ्ट करना था तो ज्यादा कुछ नहीं कर पाई। इस घर को इत्मीनान से बनाया है। एक इंटीरियर डिजाइनर साथ था। इसके बावजूद मैं कई रेफरेंस जमा करती थी। जब भी किसी अच्छे घर का इंटीरियर देखती और उसमें से जो मुझे पसंद आता उसकी तस्वीरें खीच लेती थी। पेरिस और अन्य जगहों पर ट्रैवल के दौरान मैंने कई तस्वीरें खींची थीं और उन्हें कैनवास पर बनवाया।

>>’एनएच10′ की इंटेंसिटी में खुद को कैसे उतारा?

मीरा एक इमोशनल और नॉर्मल लड़की है लेकिन परिस्थिति उसे कैसे बदल देती है, यही फिल्म की कहानी है। हम सब में एक फाइटर छिपा है जो परिस्थिति के अनुसार खुद को बदल लेता है। ये निजी संघर्ष हर इंसान की जिंदगी में अलग तरह से अनुभव करता है, वही हम फिल्म में दिखा रहे हैं। हमने फिल्म में सब रियल रखा है। नवदीप जैसे निर्देशक हैं उन्हें सब ऑर्गेनिक पसंद है। एक्शन-ड्रामा सब कुछ रियल लगेगा आपको। जब मैं शूटिंग करती थी तो मीरा ही होती थी अनुष्का नहीं। कई इंटेंस दृश्यों के बाद एक-दो दिन के लिए मुझे तनाव हो जाता था। मेरी एनर्जी कम हो जाती थी। राजस्थान के दूर-दराज के गांव में मैं सिर्फ मीरा बन कर रही।

प्रोमो में हिंसा कुछ ज्यादा ही दिख रही है?

फिल्म की हिंसा एक घटना है। फिल्म तो रोड ट्रिप है। एक जोड़ा रोजमर्रा की जिंदगी से ब्रेक लेकर रोड ट्रिप पर जा रहा है लेकिन रास्ते में उनके साथ कुछ ऐसा होता है जो उनकी जिंदगी को उलझा देता है। यह कहानी का दूसरा पहलू है जिसमें एक्शन जाता है।

क्या तैयारी की एक्शन के लिए?

एक्शन बहुत रियल था, बहुत चैलेंजिंग था। मुझे मेहनत करनी थी अपने स्टेमिना पर। इसके लिए मैंने इंटरवल ट्रेनिंग ली जिसमें आप बहुत तेज भागते हो और एकदम से रुक जाते हो। हार्टबीट तेज होती है और स्टेमिना बढ़ाती है। फिजिकली फिल्म बहुत डिमांडिंग रही, इतना कि मुझे कमर में तकलीफ हो गई। उबड़-खाबड़ रास्ते पर भागना मुश्किल था। मैंने तैयारियों में बहुत एनर्जी लगाई। बाकी सब हम सेट पर तय करते थे कि दृश्य का एक्शन कैसा हो। एक्शन डिज़ाइन किया गया था लेकिन तयशुदा होकर जगह के अनुरूप हमने एक्शन किया। एक्शन डायरेक्टर सेट पर रहा है लेकिन स्क्रिप्ट की तरह इसे नहीं शूट किया गया।

इस एक्शन के साइड इफेक्ट भी रहे कुछ?

एक्शन दृश्य के बाद मुझे ‘दिल धड़कने दो’ का गाना शूट करना था। यह गाना भी आसान नहीं था, मुझे कमर में बेहद तकलीफ थी। पैर सुन्न हो जाता था। कमर में जब अति में दर्द होता है तो वह पूरे पैर में उतर जाता है। जोधपुर से 60 किलोमीटर दूर शूटिंग थी ‘एनएच 10’ की तो जोधपुर से एक कायरोप्रेक्टर आते थे मुझे ट्रीटमेंट देने के लिए। उन्होंने मुझे ट्रीटमेंट दिया कमर और गर्दन के लिए। फिर दूसरी फिल्म का गाना शूट करने के दौरान भी मुझे सावधानियां रखनी पड़ीं।

आपकी पहली ‘ए’ सर्टिफिकेट वाली फिल्म है ये।

एडल्ट इसलिए क्योंकि कई एलिमेंट्स फिल्म में होते हैं जिन्हें रियल रखना जरूरी है। लोग जिंदगी में गालियां देते हैं न। कोई पहले आप-पहले आप कहकर गाली देने का इंतजार नहीं करता। हम इसमें बीप लाकर दर्शकों को डिस्ट्रैक्ट नहीं करना चाहते। जैसे आप यूट्यूब पर वीडियो देख रहे हों तब डिस्ट्रेक्शन जाता है। नो स्मोकिंग का टैग भी स्क्रीन पर ध्यान बंटाता है इससे तो एडल्ट सर्टिफिकेट में जाना बेहतर है।

‘पीके’ में अच्छी एक्टिंग के बावजूद चर्चा आपके रिश्तों (विराट कोहली से) की ज्यादा रही।

निजी रिश्तों की चर्चाएं आपके काम से सबका ध्यान हटा देती हैं। लेकिन रिश्तों के जिक्र को पूरी तरह हटा भी नहीं सकते। मैं इसी लिए अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात नहीं करती। सवाल पूछे जाते हैं लेकिन मैं उनसे बचती हूं। आपका काम है सवाल पूछना और मेरा ये ध्यान रखना कि मैं उस बारे में कितना सीमित बोलूं या बोलूं। मेरा ध्यान अपने काम पर ज्यादा है। रिश्तों की बातें तो अपनी फैमिली और दोस्तों से करूंगी, दुनिया को जानना जरूरी नहीं है। और आप देखिए मैं छुप-छुप के तो नहीं जी रही। मेरे स्वभाव में नहीं है इसलिए मैं झूठ भी नहीं बोल रही। मैं खुलेपन में जीती हूं, खुल के बोलती हूं, मेरा छिपाने का कोई एजेंडा नहीं रहता।

क्रिकेट मैच के दौरान इंडिया ही नहीं विश्व भर के दर्शकों का फोकस आप पर जाता है।

मुझे ये बातें प्रभावित नहीं करतीं। मैं अपना काम ईमानदारी से कर रही हूं न, निजी जिंदगी में जो भी करूं उसको लेकर कोई क्या सोच रहा है उसकी फिक्र नहीं करती। ही मैं इन बातों में खुद को ज्यादा इन्वॉल्व करती हूं। मेरा लक्ष्य स्पष्ट है कि मुझे अपनी निजी और प्रोफेशनल लाइफ दोनों ही में आगे बढ़ना है।